फतेहगढ़ साहिब (पंजाब): पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा पेश आया। बैसाखी के पावन पर्व पर श्री आनंदपुर साहिब में नतमस्तक होकर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस गांव भटेड़ी के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में 6 श्रद्धालुओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
खुशियों के सफर में पसरा मातम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस्सी पठाना तहसील के गांव मैण माजरी की संगत बैसाखी के उपलक्ष्य में श्री आनंदपुर साहिब मत्था टेकने गई थी। इस संगत में न केवल मैण माजरी, बल्कि आसपास के गांवों जैसे डडयाना, माजरा और शेरगढ़ बाड़ा के श्रद्धालु भी शामिल थे। सभी श्रद्धालु मैण माजरी के गुरुद्वारा साहिब की पालकी वाली बस में सवार होकर अपने घर लौट रहे थे।
श्रद्धालुओं का काफिला अपने गंतव्य से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर था, तभी गांव भटेड़ी के पास बस अचानक हादसे का शिकार हो गई और पलट गई। रात के सन्नाटे में चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा बल (SSF) की टीम और बस्सी पठाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों और प्रशासन ने मिलकर युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। बस में फंसे घायलों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।
राहत और उपचार का विवरण:
- मोरिंडा सिविल अस्पताल: यहां 15 घायलों को भर्ती कराया गया है।
- फतेहगढ़ साहिब सिविल अस्पताल: यहां 9 घायलों का इलाज चल रहा है।
- पीजीआई चंडीगढ़: फतेहगढ़ साहिब से 2 घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत पीजीआई रेफर कर दिया गया है।
- बस्सी पठाना अस्पताल: यहाँ भी कुछ घायलों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी शुभम अग्रवाल, डीएसपी राजकुमार शर्मा और क्षेत्रीय विधायक रुपिंदर सिंह हैप्पी देर रात ही मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत कार्यों का जायजा लिया और घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए। देर रात ही क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया गया।
”यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। हादसे के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।” — प्रशासनिक अधिकारी
हादसे के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल हादसे के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ, चालक को झपकी आने की वजह से या फिर किसी अन्य वाहन को बचाने के चक्कर में बस अनियंत्रित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार सामान्य थी, लेकिन अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सड़क किनारे पलट गई।
सियासी गलियारों में शोक की लहर
इस हादसे ने पूरे पंजाब को झकझोर कर रख दिया है। शिरोमणि अकाली दल की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा:
”फतेहगढ़ साहिब के पास श्रद्धालुओं की बस दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सुनकर मन अत्यंत व्यथित है। अकाल पुरख के चरणों में अरदास है कि दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में निवास दें और शोकाकुल परिवारों को यह असह्य दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हूँ।”
गांवों में छाया सन्नाटा
जिन गांवों (मैण माजरी, डडयाना, माजरा और शेरगढ़ बाड़ा) के लोग इस बस में सवार थे, वहां इस खबर के बाद से चूल्हे नहीं जले हैं। बैसाखी की खुशियां गम में तब्दील हो गई हैं। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के गुरुद्वारा साहिब की बस होने के कारण स्थानीय लोगों में गहरा भावनात्मक जुड़ाव था, जिससे दुख की लहर और भी गहरी है।
निष्कर्ष और सुरक्षा की अपील
यह हादसा एक बार फिर रात के समय वाहन चलाने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लंबी यात्रा के दौरान चालक की सतर्कता सुनिश्चित करें और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें।









