मुंबई | मंगलवार, 14 अप्रैल 2026
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर नशे के काले कारोबार और उसके जानलेवा परिणामों के कारण चर्चा में है। गोरेगांव स्थित नेस्को (NESCO) सेंटर में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान संदिग्ध ड्रग ओवरडोज के कारण दो होनहार एमबीए (MBA) छात्रों की जान चली गई। इस घटना ने न केवल मुंबई पुलिस बल्कि अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच भी हड़कंप मचा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 11 अप्रैल की रात की है। गोरेगांव के नेस्को सेंटर में एक बड़े म्यूजिक इवेंट का आयोजन किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए लगभग 4,000 युवाओं ने 2,000 रुपये प्रति व्यक्ति की एंट्री फीस देकर शिरकत की थी। इन्हीं युवाओं में तीन दोस्त—दो युवतियां और एक युवक—भी शामिल थे, जो शहर के एक प्रतिष्ठित संस्थान से एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे।
इवेंट के दौरान अचानक इन तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ होने लगी। आनन-फानन में उन्हें पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने 24 वर्षीय युवती और 28 वर्षीय युवक को मृत घोषित कर दिया। तीसरी छात्रा (25 वर्ष) की हालत अभी भी अत्यंत गंभीर बनी हुई है और वह अस्पताल में जीवन और मौत की जंग लड़ रही है।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे: टैक्सी से शुरू हुआ मौत का सफर
मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद डरावने हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इवेंट में पहुंचने से पहले ही छात्रों ने नशे का सेवन शुरू कर दिया था। बताया जा रहा है कि इनमें से एक छात्र ने कार्यक्रम स्थल पर जाते समय टैक्सी के अंदर ही एक ‘नशीली गोली’ खा ली थी। इवेंट में पहुंचने के बाद उसने दूसरी गोली का सेवन किया, जिससे ड्रग्स का लेवल शरीर में खतरनाक स्तर तक बढ़ गया (ओवरडोज)।
मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों के प्रारंभिक बयानों ने पुष्टि की है कि मौत का मुख्य कारण MDMA (मिथाइलीनडाइऑक्सी-मेथमफेटामाइन) का ओवरडोज है, जिसे आम भाषा में ‘एक्स्टसी’ या ‘मौली’ भी कहा जाता है।
ड्रग सप्लाई चेन: छात्र ही निकला सप्लायर
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन घातक दवाओं की सप्लाई करने वाला व्यक्ति भी कथित तौर पर एक छात्र ही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। तलाशी के दौरान उसके पास से छह से सात संदिग्ध गोलियां बरामद हुई हैं। जांच में पता चला है कि यह ड्रग्स मुंबई के बाहर से मंगवाए गए थे और विशेष रूप से रेव पार्टियों और म्यूजिक कॉन्सर्ट्स को टारगेट करने के लिए लाए गए थे।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आयोजक और सुरक्षा घेरे में
इस दुखद घटना के बाद मुंबई पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए कई गिरफ्तारियां की हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं:
- आकाश समल उर्फ विहान: इवेंट ऑर्गनाइजर।
- सनी विनोद जैन: नेस्को इवेंट ऑर्गनाइज़ेशन एंड मैनेजमेंट।
- बालकृष्णन बलराम: इंटरनल सिक्योरिटी टीम के सदस्य।
- इसके अलावा दो अन्य छात्रों को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा जांच में चूक हुई, जिसके कारण परिसर के अंदर ड्रग्स आसानी से पहुंच गए।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, नेस्को का बयान
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कॉन्सर्ट के कुछ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें युवाओं को बेतहाशा डांस करते देखा जा सकता है। हालांकि, पुलिस अभी इन वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या नशा खुलेआम परोसा जा रहा था।
दूसरी ओर, NESCO सेंटर के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है:
”हम इस घटना की गंभीरता को समझते हैं और यह हमारे लिए अत्यंत दुखद है। हम संबंधित जांच अधिकारियों को अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की आंतरिक समीक्षा भी कर रहे हैं।”
विशेषज्ञ की राय: युवाओं में बढ़ता ‘सिंथेटिक ड्रग्स’ का चलन
नशा मुक्ति विशेषज्ञों का कहना है कि आज के युवाओं में MDMA जैसे सिंथेटिक ड्रग्स का चलन तेजी से बढ़ा है क्योंकि ये आसानी से छोटी गोलियों के रूप में उपलब्ध हो जाते हैं। लेकिन इनकी शुद्धता और मात्रा का अंदाजा न होने के कारण ये सीधे दिल और फेफड़ों पर हमला करते हैं, जिससे व्यक्ति की मिनटों में मौत हो सकती है।
निष्कर्ष
मुंबई की यह घटना एक चेतावनी है। हाई-प्रोफाइल म्यूजिक इवेंट्स की चकाचौंध के पीछे छिपा नशे का काला साया आज मासूम जिंदगियों को निगल रहा है। पुलिस प्रशासन अब शहर के अन्य इवेंट्स और क्लबों पर भी कड़ी नजर रखने की योजना बना रहा है ताकि भविष्य में किसी और परिवार का चिराग इस तरह न बुझे।









