अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

गूगल मैप के भरोसे सफर, और हाईवे पर थम गईं दो सांसें: दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर दर्दनाक हादसा, इंजीनियर समेत दो की मौत

On: April 8, 2026 7:29 AM
Follow Us:
दुर्घटनाग्रस्त कार और दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर लगा बैरियर।

बागपत |

सड़क हादसों की खबरें अक्सर विचलित करती हैं, लेकिन बागपत में हुआ ताजा हादसा तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता और निर्माणाधीन हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दिल्ली से देहरादून के लिए निकले दो दोस्तों की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब उनकी कार निर्माणाधीन दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर एक अस्थाई बैरियर से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में एक नव-शिक्षित इंजीनियर और उसके साथी की जान चली गई।

गूगल मैप ने दिखाया ‘मौत का रास्ता’

मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली के नांगलोई निवासी कपिल ने हाल ही में बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। वह अपने करियर की नई शुरुआत करने से पहले अपनी डिग्री लेकर कॉलेज से लौटा था। खुशी के इन पलों को मनाने के लिए कपिल मंगलवार रात अपनी कॉलोनी के ही दोस्त

प्रयागराज कौशिक के साथ कार से देहरादून घूमने के लिए निकला था।
युवकों ने सफर को आसान बनाने के लिए गूगल मैप (Google Maps) का सहारा लिया। मैप ने उन्हें दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का रास्ता दिखाया, जो अभी पूरी तरह से जनता के लिए खुला नहीं है। तकनीक के भरोसे वे इस हाईवे पर चढ़ गए, लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि आगे मौत उनका इंतजार कर रही है।

मवीकलां के पास हुआ भीषण हादसा

जैसे ही कार बागपत के मवीकलां क्षेत्र के पास पहुंची, वहां निर्माणाधीन हाईवे पर लगे एक अस्थाई लोहे के बैरियर से तेज रफ्तार कार की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। अंधेरे और तेज रफ्तार के कारण चालक बैरियर को समय रहते देख नहीं सका।

स्थानीय पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चोटें इतनी गंभीर थीं कि डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने पुष्टि की है कि युवक गूगल मैप का अनुसरण कर रहे थे, जिसके कारण वे प्रतिबंधित मार्ग पर प्रवेश कर गए।

हाईवे पर मौत का जाल: उद्घाटन से पहले ही दौड़ रहे वाहन

इस दुर्घटना ने हाईवे अथॉरिटी और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। बताया जा रहा है कि:

  1. उद्घाटन लंबित: इस ग्रीनफील्ड हाईवे का आधिकारिक उद्घाटन 14 अप्रैल को प्रस्तावित है।
  2. प्रतिबंधित आवाजाही: फिलहाल दिल्ली के अक्षरधाम से मवीकलां तक केवल एलिवेटेड भाग पर ट्रायल चल रहा है। इसके आगे वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  3. ट्रैफिक नियमों की अनदेखी:प्रतिबंध के बावजूद इस हाईवे पर अवैध रूप से वाहनों का आवागमन जारी है, जिसे रोकने के लिए लगाए गए अस्थाई बैरियर अब जानलेवा साबित हो रहे हैं।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, झूठ बोलकर निकले थे घर से

मृतक कपिल के परिजनों ने बताया कि वह अपनी डिग्री मिलने से बहुत खुश था और भविष्य के सपने बुन रहा था। विडंबना यह है कि दोनों युवकों ने घर पर देहरादून जाने की बात नहीं बताई थी। उन्होंने परिजनों से कहा था कि वे मथुरा जा रहे हैं। जब सुबह पुलिस के माध्यम से मौत की खबर उनके घर पहुंची, तो कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि वे देहरादून जा रहे हैं, तो शायद वे उन्हें रोक लेते।

ये भी पढ़े➜उत्तराखंड में कुदरत का ‘कोल्ड’ अटैक: अप्रैल में बर्फबारी ने तोड़ा 5 साल का रिकॉर्ड, ओलावृष्टि और बारिश का यलो अलर्ट जारी

तकनीक का अंधा अनुसरण कितना सही?

यह कोई पहला मामला नहीं है जब गूगल मैप की वजह से कोई वाहन निर्माणाधीन सड़क या नदी-नालों में गिरा हो। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माणाधीन हाईवे अक्सर डेटाबेस में ‘सक्रिय’ दिखाई देते हैं, जबकि जमीनी हकीकत में वे सफर के लिए सुरक्षित नहीं होते।

विशेषज्ञ सलाह:

रात के समय अपरिचित रास्तों पर केवल नेविगेशन के भरोसे न चलें।
सड़क पर लगे चेतावनी बोर्ड (Caution Boards) और बैरिकेड्स को नजरअंदाज न करें।
यदि रास्ता वीरान या निर्माणाधीन दिखे, तो स्थानीय लोगों से पुष्टि जरूर करें।
जांच के घेरे में हाईवे सुरक्षा

पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि जब हाईवे पर आवागमन प्रतिबंधित था, तो कार वहां तक कैसे पहुंची। क्या प्रवेश द्वार पर कोई गार्ड या पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी? स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे पर जगह-जगह आधे-अधूरे बैरियर लगे हैं, जो रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

निष्कर्ष:

दो होनहार युवाओं की असामयिक मृत्यु ने उनके परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। यह हादसा एक चेतावनी है कि तकनीक हमारी मदद के लिए है, लेकिन विवेक और सड़क सुरक्षा के नियमों का कोई विकल्प नहीं है।

सड़क सुरक्षा से जुड़ी ऐसी ही खबरों और अपडेट्स के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Woman reading How to Kill Men and Get Away With It book inside a metro train as the Metro Viral Video goes viral on social media.

मेट्रो में महिला के हाथ दिखी ‘How to Kill Men and Get Away With It’ किताब, VIDEO वायरल, 1.9 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा

West Bengal : हल्दिया रिफाइनरी की नैफ्था पाइपलाइन में भीषण विस्फोट, 15 कर्मचारी झुलसे; रेल सेवा ठप, इलाके में दहशत

Rescue operation at a massive construction site collapse in Jaipur. Workers in hard hats and vests clear a pile of rubble mixed with rebar and bricks. A large yellow JCB excavator is in the center-left, actively removing heavy concrete slabs. Multiple police officers and emergency vehicles, including an ambulance, form a cordon in the background under floodlights.

​Major Tragedy in Jaipur: आमेर में निर्माणाधीन इमारत की दीवार ढहने से 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत, कई मलबे में दबे; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Dark monsoon clouds with rainfall over an Indian city as the latest Weather Update warns of heavy rain in 24 states and heatwave conditions in Uttar Pradesh.

Weather Update: 24 राज्यों में बारिश का अलर्ट, यूपी में हीटवेव का कहर जारी, जानिए दिल्ली, बिहार, एमपी समेत पूरे देश का मौसम!

​रांची में दरिंदगी की हदें पार: महिला से सामूहिक दुष्कर्म के बाद चट्टान पर हत्या, दुर्घटना का रूप देने के लिए गाड़ी से कुचला; शरीर की 42 हड्डियां टूटीं

​उज्जैन में मानवता तार-तार: बड़नगर में तार चोरी करने आए बदमाशों ने पति को बंधक बना मासूम बेटे के सामने आदिवासी महिला से किया सामूहिक दुष्कर्म

Leave a Comment