पिथौरागढ़ (जौलजीबी): सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के जौलजीबी क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली एक वारदात सामने आई है। यहाँ रिश्तों की मर्यादा और पड़ोस का भरोसा उस वक्त तार-तार हो गया, जब मामूली विवाद के बाद कुछ लोगों ने मिलकर अपने ही पड़ोसी युवक की लोहे के पाइप और डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। इतना ही नहीं, जुर्म को छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को घर से करीब एक किलोमीटर दूर घने जंगल में पत्थरों और मिट्टी के नीचे दबा दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना जौलजीबी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली किमखोला ग्राम पंचायत के भगतिरवा तोक (वनराजि गांव) की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 मार्च की शाम को गांव में रहने वाले कुंदन सिंह रजवार का अपने पड़ोसियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पड़ोस में रहने वाली बसंती देवी, उसके दो बेटों रमेश सिंह व जनक सिंह और एक अन्य साथी प्रदीप सिंह ने कुंदन सिंह पर हमला बोल दिया।
आरोपियों ने आव देखा न ताव और लोहे के पाइप व लकड़ियों से कुंदन पर ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। प्रहार इतने घातक थे कि कुंदन सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कत्ल की इस वारदात के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया और आरोपी रात भर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाते रहे।
साक्ष्य मिटाने की खौफनाक साजिश
पुलिस पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि हत्या के बाद आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आधी रात को ही शव को गायब करने की साजिश रची। अगली सुबह करीब 7 बजे, चारों आरोपी कुंदन के शव को घसीटते हुए गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर झिपुखोला के जंगलों में ले गए। वहां एक गधेरे (बरसाती नाले) के पास गड्ढा खोदकर शव को पत्थरों और मिट्टी से दबा दिया गया, ताकि किसी को भनक न लग सके।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मृतक की पत्नी रेखा देवी ने हिम्मत जुटाकर सोमवार को जौलजीबी थाने में तहरीर दी। तहरीर मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने संदिग्धों के घरों पर दबिश दी और बसंती देवी के घर से ही चारों आरोपियों को धर दबोचा।
शुरुआती पूछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम जंगल पहुंची और पत्थरों के नीचे दबे कुंदन सिंह के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पिथौरागढ़ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) (हत्या) और 3 (5) (समान आशय) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
- बसंती देवी (मुख्य आरोपी महिला)
- रमेश सिंह (पुत्र बसंती देवी)
- जनक सिंह (पुत्र बसंती देवी)
- प्रदीप सिंह
दहशत में है ‘वनराजि’ जनजाति का यह इलाका
भगतिरवा तोक धारचूला तहसील के दुर्गम इलाके में स्थित है, जहाँ लुप्तप्राय वनराजि जनजाति के परिवार निवास करते हैं। इस लोमहर्षक कांड के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस शांत इलाके में ऐसी घटना हुई हो। करीब पांच साल पहले भी पास के चिफलतरा गांव में मामूली बात पर एक व्यक्ति ने दूसरे की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी थी।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 24 घंटे में सुलझाने वाली टीम में थानाध्यक्ष एसआई प्रदीप कुमार, एएसआई चंद्रशेखर जोशी, महेश पंत, हेड कांस्टेबल पूरन सिंह, कांस्टेबल महेश सिंह बोरा, ललित कुमार, मनोज मर्तोलिया और महिला होमगार्ड ज्योति ऐरी शामिल रहे। एसपी पिथौरागढ़ ने पुलिस टीम की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
बॉटम लाइन: यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे छोटे-छोटे आपसी विवाद और गुस्से पर नियंत्रण न होना बड़े अपराधों को जन्म दे रहा है। सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता की कमी भी ऐसे अपराधों के पीछे एक बड़ा कारण मानी जा रही है।









