देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इन दिनों रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। शहर में गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि शहर में लगभग दो दिन का ‘बैकलॉग’ खड़ा हो गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल कमर्शियल (व्यावसायिक) गैस सिलिंडरों की सामान्य आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
बुकिंग नियमों में बदलाव और बढ़ती परेशानी
गैस संकट का मुख्य कारण हाल ही में सरकार द्वारा गैस बुकिंग के नियमों में किया गया बदलाव बताया जा रहा है। अब गैस बुकिंग के लिए 25 दिनों का अनिवार्य समय निर्धारित कर दिया गया है। इस नए नियम के लागू होते ही सप्लाई चेन में बाधा उत्पन्न हो गई है। दून के विभिन्न क्षेत्रों में हजारों उपभोक्ता अपने सिलिंडर की रिफिल का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन गैस एजेंसियों के पास स्टॉक की कमी और वितरण प्रणाली में आई सुस्ती के कारण डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही है।
इतना ही नहीं, उपभोक्ताओं की शिकायत है कि गैस एजेंसियों का आधिकारिक बुकिंग नंबर और ऑनलाइन पोर्टल भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। कई बार प्रयास करने के बाद भी बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिससे आम जनता में रोष बढ़ रहा है।
कमर्शियल सप्लाई पर ‘इमरजेंसी’ ब्रेक
शहर में रसोई गैस की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग ने एक कड़ा फैसला लिया है। इसके तहत होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को दी जाने वाली कमर्शियल गैस की सप्लाई को फिलहाल रोक दिया गया है।
गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर केवल ‘आवश्यक सेवाओं’ को ही उपलब्ध कराए जाएं। इस श्रेणी में शहर के प्रमुख अस्पतालों, नर्सिंग होम और शिक्षण संस्थानों (स्कूल-कॉलेज) को रखा गया है, ताकि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित न हों
व्यापारियों और कारोबारियों की बढ़ी चिंता
प्रशासन के इस फैसले से शहर के पर्यटन और खान-पान उद्योग पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। देहरादून के स्थानीय होटल और ढाबा संचालकों का कहना है कि होली के त्योहार के आसपास और बढ़ती भीड़ के बीच गैस न मिलना उनके व्यापार को ठप कर सकता है। बिना कमर्शियल सिलिंडर के खाना पकाना असंभव है, और यदि यह स्थिति दो-तीन दिन और बनी रही, तो कई छोटे रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुँच जाएंगे।
जिला प्रशासन की अपील और भविष्य की योजना
गैस संकट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के.के. अग्रवाल ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
“सप्लाई चेन में कुछ तकनीकी बाधाओं और बुकिंग नियमों के कारण बैकलॉग बढ़ा है। हम गैस कंपनियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। हमारा प्राथमिक लक्ष्य अगले 48 घंटों के भीतर इस दो दिन के बैकलॉग को खत्म करना है। जनता से अनुरोध है कि वे पैनिक बुकिंग न करें और केवल जरूरत पड़ने पर ही सिलिंडर बुक करें।” — के.के. अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी
सप्लाई बहाल होने का इंतजार
गैस एजेंसी संचालकों का तर्क है कि प्लांट से ही आपूर्ति में देरी हो रही है, जिससे वितरण का गणित बिगड़ गया है। अधिकारियों का दावा है कि जैसे ही बैकलॉग खत्म होगा, कमर्शियल और घरेलू दोनों तरह की सप्लाई को सामान्य कर दिया जाएगा।वर्तमान में, देहरादून के राजपुर रोड, चकराता रोड, प्रेमनगर और रायपुर जैसे क्षेत्रों में गैस की किल्लत सबसे अधिक देखी जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन अगले दो दिनों में इस संकट का समाधान निकाल पाता है या दूनवासियों को अभी कुछ और दिन खाली सिलिंडरों के साथ इंतजार करना पड़ेगा।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- बैकलॉग: दून में 2 दिन की सप्लाई लंबित।
- नया नियम: बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल अनिवार्य।
- पाबंदी: होटल और ढाबों को कमर्शियल गैस की सप्लाई बंद।
- राहत: अस्पताल और स्कूल जैसी आवश्यक सेवाओं को मिलेगी छूट।
- तकनीकी खामी: बुकिंग नंबर और पोर्टल काम न करने से उपभोक्ता परेशान।
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