हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के चरही चौक पर शनिवार की सुबह चीख-पुकार और मातम में बदल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने काल बनकर सड़क पर चल रहे वाहनों और किनारे स्थित दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण सड़क हादसे में दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौके पर ही या इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है।
सुबह 9 बजे बरपा कुदरत का कहर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 9:00 बजे हजारीबाग की ओर से आ रहा एक चूना लदा ट्रेलर अचानक अनियंत्रित हो गया। ढलान और तेज रफ्तार होने के कारण चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते ट्रेलर ने सड़क पर चल रही ‘सागर यात्री’ नामक बस, एक टेंपो और एक 407 मालवाहक वाहन को जोरदार टक्कर मारी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेलर इन वाहनों को रौंदते हुए सड़क किनारे स्थित फल और पान की दुकानों में जा घुसा। हादसे के वक्त बाजार में काफी चहल-पहल थी, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ।
दो भाइयों के मिलन का दुखद अंत
इस हादसे की सबसे हृदयविदारक घटना दो भाइयों, आदित्य सिंह (58 वर्ष) और आशीष सिंह (45 वर्ष) की मौत रही। जानकारी के अनुसार, आदित्य सिंह बरही से चरही पहुंचे थे। उन्होंने अपने छोटे भाई आशीष को मुकुरू से उन्हें लेने के लिए चरही चौक बुलाया था। आशीष अपनी बाइक से बड़े भाई के पास पहुंचे ही थे और दोनों आपस में बात कर रहे थे कि तभी अनियंत्रित ट्रेलर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
गंभीर रूप से घायल दोनों भाइयों को तत्काल मांडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से नीमाडीह क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मलबे में दबकर फल विक्रेता की मौत
हादसे का तीसरा शिकार 29 वर्षीय फल विक्रेता उदय सिंह बना। उदय अपनी दुकान में ग्राहकों का इंतजार कर रहा था, तभी ट्रेलर दुकान को ढहाते हुए अंदर जा घुसा। मलबे में दबने के कारण उदय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
रेस्क्यू ऑपरेशन: दो क्रेनों की मदद से हटाया गया मलबा
घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। ट्रेलर में भारी मात्रा में चूना लदा होने के कारण उसे सामान्य तरीके से हटाना असंभव था। प्रशासन को दो बड़ी क्रेन बुलानी पड़ीं, जिसके बाद घंटों की मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर और मलबे को सड़क से हटाया जा सका।
यातायात सुचारू करने के लिए पुलिस ने हजारीबाग की ओर से आने वाले वाहनों को विपरीत दिशा (रॉन्ग साइड) की लेन से गुजारना शुरू किया, जिससे जाम की स्थिति पर काबू पाया जा सका।
प्रशासन और जांच का पक्ष
चरही थाना पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला ब्रेक फेल होने या चालक की लापरवाही का लग रहा है। ट्रेलर के चालक और खलासी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
“यह एक बेहद दुखद घटना है। हमने प्राथमिकता के आधार पर घायलों को अस्पताल पहुंचाया है और यातायात बहाल कर दिया है। दोषी वाहन चालक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” – स्थानीय पुलिस अधिकारी
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स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि चरही चौक पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा गति सीमा नियंत्रण या डिवाइडर की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।








