अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड में गहराया LPG संकट: हल्द्वानी बेस अस्पताल में सिलेंडर खत्म,भूखे रह सकते हैं मरीज!

On: March 15, 2026 5:13 AM
Follow Us:
हल्द्वानी के बेस अस्पताल की कैंटीन में खाली गैस सिलेंडर और परेशान कर्मचारी का दृश्य

हल्द्वानी (नैनीताल)। देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में व्यावसायिक एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की भारी किल्लत ने जनजीवन और सरकारी सेवाओं को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हल्द्वानी के प्रतिष्ठित बेस अस्पताल में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि यहाँ भर्ती मरीजों के लिए सोमवार से भोजन का संकट खड़ा हो सकता है। सरकारी दावों के उलट, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता पर गैस उपलब्ध कराने की योजना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है।

बेस अस्पताल: आखिरी सांसें गिन रहा है तीसरा सिलेंडर

हल्द्वानी के बेस अस्पताल में वर्तमान में लगभग 60 मरीज उपचाराधीन हैं, जिनके लिए अस्पताल की कैंटीन में प्रतिदिन सुबह, दोपहर और शाम का भोजन तैयार किया जाता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कैंटीन में कुल तीन व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध थे, जिनमें से दो पहले ही खाली हो चुके हैं। तीसरे और अंतिम सिलेंडर में केवल रविवार तक का खाना बनाने लायक ही गैस बची है।

यदि सोमवार सुबह तक सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई, तो अस्पताल में भर्ती बीमार मरीजों को भूखा रहना पड़ सकता है या उनके तीमारदारों को बाहर से भोजन का प्रबंध करना होगा। आमतौर पर यहाँ एक सिलेंडर से चार से पांच दिन का भोजन तैयार होता है, लेकिन वर्तमान आपूर्ति ठप होने से हड़कंप मचा हुआ है।

पत्राचार के बावजूद समाधान नहीं

अस्पताल के पीएमएस डॉ. के.एस. दत्ताल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को पत्र भेजकर दो सिलेंडरों की तत्काल मांग की है। वहीं, CMO डॉ. हरीश चंद्र पंत का कहना है कि:

“सरकारी और निजी अस्पतालों से प्राप्त सिलेंडरों की सभी मांगों को इंडेन और भारत गैस के प्रबंधकों को अग्रसारित कर दिया गया है। हम जल्द आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास कर रहे हैं।”

अन्य संस्थानों का हाल: कहीं राहत, कहीं मजबूरी
जहाँ बेस अस्पताल संकट से जूझ रहा है, वहीं अन्य अस्पतालों ने वैकल्पिक व्यवस्था की है:

  • सुशीला तिवारी अस्पताल (STH): चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने पुष्टि की कि अस्पताल को दो व्यावसायिक सिलेंडर प्राप्त हो गए हैं, जिससे फिलहाल मरीजों के भोजन की व्यवस्था सुचारू है।
  • महिला अस्पताल: यहाँ अभी एक सिलेंडर शेष है। सीएमएस डॉ. उषा जंगपांगी ने बताया कि सुरक्षा के तौर पर कैंटीन संचालक ने एक इंडक्शन चूल्हा भी खरीद लिया है ताकि गैस खत्म होने पर खाना बनाया जा सके।

शिक्षा क्षेत्र पर भी मार: 700 बच्चों का खाना चूल्हे पर

गैस संकट का असर केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है। ज्योलीकोट स्थित नैन्सी कान्वेंट स्कूल के छात्रावास में पिछले पांच दिनों से गैस आपूर्ति ठप है। यहाँ रहने वाले 700 बच्चों के लिए खाना अब पारंपरिक लकड़ी के चूल्हों पर बनाया जा रहा है। स्कूल प्रशासन के अनुसार, यहाँ हर महीने लगभग 900 व्यावसायिक सिलेंडरों की खपत होती है, लेकिन आपूर्ति न होने से प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

कोयला और लकड़ी की मांग में भारी उछाल

गैस सिलेंडरों की कमी ने शहर के होटल, रेस्तरां और ठेले वालों को पुराने दौर में लौटने पर मजबूर कर दिया है। खाना पकाने के लिए अब लकड़ी और कोयले का सहारा लिया जा रहा है, जिससे इनके दामों और मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यह भी पढ़ें–उत्तराखंड का ‘चुनावी’ दांव: गैरसैंण में CM धामी ने पेश किया ₹1.10 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट

बाजार के आंकड़ों पर एक नजर:

सामग्रीपहले की बिक्री (प्रतिदिन)वर्तमान बिक्री (प्रतिदिन)
पत्थर का कोयला4-5 क्विंटल14-15 क्विंटल
लकड़ी का कोयला10-12 क्विंटल20-22 क्विंटल
ईंधन लकड़ी2-3 क्विंटल10-12 क्विंटल
स्थानीय कारोबारी सद्दाम हुसैन के मुताबिक, होटल और रेस्तरां वाले विशेष रूप से ‘पत्थर के कोयले’ की मांग कर रहे हैं क्योंकि इसकी आंच अधिक समय तक टिकती है। मांग बढ़ने से इनके स्टॉक पर भी दबाव बढ़ रहा है।

निष्कर्ष

हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में एलपीजी संकट ने शासन-प्रशासन के ‘प्रायोरिटी सप्लाई’ के दावों की पोल खोल दी है। यदि समय रहते आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह संकट मानवीय आपदा का रूप ले सकता है, विशेषकर उन मरीजों के लिए जिनके लिए संतुलित आहार दवा जितना ही महत्वपूर्ण है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

CM Dhami Student Controversy: CM Dhami listens to Uttarakhand student athlete during a youth interaction programme

CM Dhami के सामने छात्रा के आंसुओं से गरमाई सियासत, International Event को लेकर अब सामने आई नई कहानी

Lakhpati Didi women in Uttarakhand working through self-help groups

महिला सशक्तिकरण में उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि, 3 लाख पार हुआ ‘Lakhpati Didi’ का आंकड़ा, अब 1.12 लाख नए लक्ष्य पर नजर

ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: ईकोटेक-3 की चिप कंपनी में भीषण आग, मलबे में दबकर 2 फायरकर्मियों की मौत, 3 घायल

डीजे पर डांस करने से भड़का प्रेमी: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर की प्रेमिका की हत्या, शव गंगनहर में फेंका; पुलिस ने किया केस का पर्दाफाश

Jim Corbett Birth Anniversary: ​​Forests are being lost between tourism and tourism, will Jim Corbett's vision of conservation be fulfilled?

Jim Corbett Birth Anniversary: पर्यटन और टूरिज्म के बीच खो रहे जंगल, क्या पूरी हो पाएगी जिम कॉर्बेट की संरक्षण की सोच?

Investigation underway in the Badrinath Donation Theft case as officials examine CCTV footage, donation records, and temple treasury documents.

Badrinath Donation Theft: 21 जून से पहले की CCTV फुटेज रिकवर करने में जुटी SIT, जांच समिति को सौंपे गए दान!

Leave a Comment