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पीएम मोदी का पांच देशों का दौरा शुरू: UAE में भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर, ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर होंगे बड़े समझौते

On: May 15, 2026 9:08 AM
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पीएम मोदी अबू धाबी पहुंचे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने किया स्वागत (PM Modi UAE Visit Abu Dhabi Welcome

अबू धाबी (UAE)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के अत्यंत महत्वपूर्ण विदेशी दौरे के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी पहुंच गए हैं। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे भारत से रवाना होने के बाद, यूएई की धरती पर कदम रखते ही पीएम मोदी का जोरदार और भव्य स्वागत किया गया। कूटनीतिक और सामरिक दृष्टि से अहम माने जा रहे इस दौरे की शुरुआत में ही पीएम मोदी को अबू धाबी में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया, जो दोनों देशों के प्रगाढ़ होते संबंधों का प्रतीक है।

​प्रधानमंत्री के इस पांच देशों के विस्तृत दौरे में यूएई के बाद नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे प्रमुख यूरोपीय देश भी शामिल हैं। यह दौरा भारत की वैश्विक पहुंच और आर्थिक साझेदारी को नए आयाम देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

​राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने किया आत्मीय स्वागत

​अबू धाबी पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात बेहद गर्मजोशी भरी रही। राष्ट्रपति अल-नाहयान ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का स्वागत कर भारतीय नेतृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

​इस अवसर पर पीएम मोदी ने आपसी विश्वास और सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि भारत और यूएई दो ऐसे राष्ट्र हैं जो विकास के पथ पर एक साथ आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर मजबूत हुई है।

​सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर: ‘यूएई के साथ खड़ा है भारत’

​मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर यूएई को भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। हाल ही में यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “इस मुश्किल वक्त में भारत मजबूती के साथ यूएई के साथ खड़ा है”।

​इसके साथ ही, वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसे जल्द से जल्द सुचारू रूप से खोला जाना चाहिए, ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार के प्रति भारत की चिंता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

​ऊर्जा और व्यापार संबंधों को मिलेगी नई ऊंचाई

​इस दौरे का एक मुख्य उद्देश्य भारत और यूएई के बीच व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में भारत और यूएई के बीच ऐतिहासिक समझौते होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस दौरान दो प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं:

​लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG): एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समझौता।

​रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves): भारत में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पेट्रोलियम भंडारण के क्षेत्र में सहयोग।

​यह साझेदारी तब और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब यूएई ने तेल निर्यातक देशों के समूह OPEC (ओपेक) से बाहर निकलने का फैसला किया है। यूएई का यह स्वतंत्र कदम भारत जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देश के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकता है, जिससे दोनों देश मिलकर भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को संतुलित कर सकें।

​द्विपक्षीय चर्चा और भविष्य का रोडमैप

​अबू धाबी में जारी इस यात्रा के दौरान दोनों नेता कई द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इसमें केवल ऊर्जा ही नहीं, बल्कि भारतीय प्रवासियों के कल्याण, बुनियादी ढांचा (Infrastructure) विकास और डिजिटल तकनीक में निवेश जैसे विषय भी शामिल होंगे। यूएई में रहने वाले लाखों भारतीय दोनों देशों के बीच एक ‘लिविंग ब्रिज’ की तरह काम करते हैं, जिनके हितों पर भी इस वार्ता में ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है।

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​निष्कर्ष: पांच देशों के दौरे का महत्वपूर्ण आगाज

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा ने उनके पांच देशों के विदेशी दौरे को एक सकारात्मक और ठोस शुरुआत प्रदान की है। ऊर्जा समझौतों से लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा तक, भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह मध्य-पूर्व में अपने सबसे भरोसेमंद साथी यूएई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है।

​अबू धाबी के सफल दौरे के बाद, पीएम मोदी नीदरलैंड्स की ओर प्रस्थान करेंगे, जहां से उनका नॉर्डिक देशों (स्वीडन, नॉर्वे) और इटली का सफर शुरू होगा। इस पूरे दौरे का उद्देश्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में वैश्विक तकनीक और निवेश को आकर्षित करना है।

​मुख्य हाइलाइट्स:

​दौरे की शुरुआत: पीएम मोदी का पांच देशों का दौरा यूएई से शुरू।
​भव्य स्वागत: अबू धाबी में गार्ड ऑफ ऑनर और राष्ट्रपति द्वारा स्वागत।
​सुरक्षा संदेश: यूएई पर हुए हमलों की निंदा और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की अपील।
​ऊर्जा संधि: LPG और पेट्रोलियम भंडार पर दो अहम समझौतों की संभावना।
​OPEC का प्रभाव: यूएई के ओपेक से हटने के बाद भारत के साथ साझीदारी की अहमियत बढ़ी।

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