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DNA रिपोर्ट से खुला देहरादून हत्याकांड का राज: शक्ति नहर में मिले कंकाल की हुई शिनाख्त, दोषियों को सजा दिलाने की तैयारी तेज

On: May 15, 2026 8:33 AM
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देहरादून शक्ति नहर हत्याकांड डीएनए शिनाख्त (Dehradun Murder Case DNA Report)

​देहरादून (विकासनगर)।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में पिछले साल सनसनी फैलाने वाले हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी और निर्णायक सफलता हाथ लगी है। शक्ति नहर में मिले एक अज्ञात कंकाल की शिनाख्त आखिरकार डीएनए (DNA) जांच के जरिए हो गई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी है कि वह कंकाल उसी 22 वर्षीय युवती का है, जिसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया था। इस वैज्ञानिक साक्ष्य के मिलने के बाद अब पुलिस हत्यारोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए न्यायालय में मजबूत पैरवी करने की तैयारी में है।

​क्या था पूरा मामला?

​इस दर्दनाक घटना की शुरुआत सितंबर 2025 में हुई थी। विकासनगर के जीवनगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने 7 सितंबर 2025 को पुलिस में अपनी 22 साल की बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में युवती का कोई सुराग नहीं मिला, जिससे परिवार की चिंता बढ़ती गई।
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​12 सितंबर 2025 को पीड़ित पिता ने दोबारा पुलिस को तहरीर दी, जिसमें उन्होंने गाँव के ही एक युवक शहबाज (निवासी ढकरानी) पर गंभीर आरोप लगाए। पिता का कहना था कि शहबाज उनकी बेटी को काफी समय से परेशान कर रहा था और उन्हें शक था कि वह उसे बहला-फुसलाकर कहीं ले गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और नामजद आरोपी शहबाज को गिरफ्तार कर लिया।

​पूछताछ में हुआ खौफनाक खुलासा

​जब पुलिस ने शहबाज से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो राज उगला उसे सुनकर सबके होश उड़ गए। शहबाज ने स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्त फैजान (निवासी ढकरानी) और एक अन्य नाबालिग (विधि विवादित किशोर) के साथ मिलकर युवती की हत्या कर दी थी।

​पूछताछ में सामने आया कि आरोपी शहबाज युवती पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। जब युवती ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। 7 सितंबर 2025 को आरोपी उसे बहला-फुसलाकर कुल्हाल क्षेत्र की ओर ले गए, जहाँ उन्होंने गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। साक्ष्यों को मिटाने के इरादे से उन्होंने युवती के शव को शक्ति नहर में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।

​पुलिस की तलाश और कंकाल की बरामदगी

​आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल के पास से युवती की चुनरी और अपराध में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली थी। हालांकि, पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवती का शव बरामद करना था। शक्ति नहर के बहाव के कारण शव काफी दूर तक बह गया था।

​करीब एक महीने बाद, 16 अक्टूबर 2025 को उत्तर प्रदेश के जनपद सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हथिनीकुंड बैराज से एक अज्ञात मानव कंकाल बरामद हुआ। सूचना मिलते ही विकासनगर पुलिस युवती के परिजनों को लेकर मौके पर पहुंची। लेकिन शव काफी पुराना हो चुका था और केवल कंकाल के रूप में बचा था, जिससे परिजन उसकी पहचान नहीं कर सके।

​DNA टेस्ट ने दी निर्णायक दिशा

​कंकाल की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने वैज्ञानिक पद्धति का सहारा लिया। युवती के माता-पिता और बरामद कंकाल के डीएनए सैंपल लेकर उन्हें ‘विधि विज्ञान प्रयोगशाला’ (FSL) भेजा गया।

​कोतवाल राजीव रौथाण के अनुसार, 12 मई 2026 को लैब से डीएनए रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें यह स्पष्ट हो गया कि वह कंकाल जीवनगढ़ निवासी युवती का ही था। इस रिपोर्ट ने केस को एक नया मोड़ दे दिया है। अब पुलिस के पास यह साबित करने के लिए वैज्ञानिक आधार है कि बरामद अवशेष उसी मृतका के हैं, जिसकी हत्या का कबूलनामा आरोपियों ने पहले ही कर लिया था।

​न्यायालय में सख्त पैरवी की तैयारी

​पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों, शहबाज और फैजान को पहले ही जेल भेज दिया है, जबकि एक किशोर को संरक्षण में लिया गया था। अब डीएनए रिपोर्ट के रूप में एक ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य मिल जाने से अभियोजन पक्ष का पक्ष बेहद मजबूत हो गया है।

​विकासनगर पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट की प्रक्रियाओं को और पुख्ता करेंगे। पुलिस का लक्ष्य है कि जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले इन आरोपियों को न्यायालय के माध्यम से ‘कठोरतम सजा’ दिलाई जाए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।

​समाज के लिए एक चेतावनी

​यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति और संवेदनहीनता को भी दर्शाती है। जिस तरह से एक युवती को उसकी मर्जी के खिलाफ दबाव में लेने की कोशिश की गई और असफल होने पर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी गई, वह सभ्य समाज के लिए चिंता का विषय है।

​फिलहाल, डीएनए रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार को कम से कम इस बात की तसल्ली है कि उनकी बेटी के साथ हुए अन्याय की कानूनी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से मांग की है कि ऐसे अपराधियों को फांसी या उम्रकैद जैसी सजा मिले।

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​मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • ​7 सितंबर 2025: युवती की गुमशुदगी दर्ज।
  • ​12 सितंबर 2025: मुख्य आरोपी शहबाज की गिरफ्तारी और हत्या का खुलासा।
  • ​16 अक्टूबर 2025: हथिनीकुंड बैराज से मिला अज्ञात कंकाल।
  • ​12 मई 2026: डीएनए मिलान की सकारात्मक रिपोर्ट प्राप्त हुई।
  • ​वर्तमान स्थिति: पुलिस अदालत में कठोर सजा के लिए करेगी पैरवी।

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