अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में बुधवार की रात एक ऐसा भीषण हादसा हुआ जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लक्ष्मणगढ़ इलाके के पास एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी मृतक मध्य प्रदेश के रहने वाले थे और माता वैष्णो देवी के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे।
आधी रात को एक्सप्रेसवे पर मचा तांडव
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा बुधवार, 29 अप्रैल की देर रात करीब 12 बजे के आसपास हुआ। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र से गुजरते समय कार में अचानक तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार तेज थी और आग इतनी तेजी से फैली कि भीतर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
देखते ही देखते कार धू-धू कर जलने लगी। राहगीरों ने आग बुझाने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी, लेकिन आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि पास जाना भी नामुमकिन था।
ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान, 5 साथी नहीं निकल सके
हादसे के वक्त कार में कुल छह लोग सवार बताए जा रहे हैं। जैसे ही कार के बोनट से धुआं निकला और आग की लपटें उठीं, ड्राइवर ने खिड़की खोलकर बाहर छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि, कार के ‘सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम’ के जाम हो जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण अन्य पांच लोग दरवाज़ा नहीं खोल पाए और कार के भीतर ही फंस गए।
मौके पर पहुँची फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने जब तक आग पर काबू पाया, तब तक कार के अंदर मौजूद सभी पांचों लोग कंकाल बन चुके थे।
मध्य प्रदेश के श्योपुर के रहने वाले थे मृतक
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार सवार सभी लोग मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के निवासी थे। ये सभी श्रद्धालु जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद वापस अपने घर लौट रहे थे। खुशी-खुशी दर्शन कर घर वापसी का यह सफर अचानक मातम में तब्दील हो गया। पुलिस फिलहाल मृतकों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है ताकि शवों की आधिकारिक पहचान की जा सके।
हादसे के संभावित कारण और एक्सप्रेसवे की सुरक्षा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई इस घटना ने वाहनों की सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हादसे के पीछे निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
- शॉर्ट सर्किट: इंजन में वायरिंग के आपस में टकराने या ओवरहीटिंग के कारण आग लग सकती है।
- सेंट्रल लॉकिंग फेलियर: आग लगने की स्थिति में कार का इलेक्ट्रिक सिस्टम फेल हो जाता है, जिससे दरवाजे लॉक हो जाते हैं।
- हाई स्पीड: एक्सप्रेसवे पर कारों की गति बहुत अधिक होती है, जिससे घर्षण और गर्मी बढ़ जाती है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। अलवर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक टीम (FSL) को मौके पर बुलाया गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग लगने का सटीक कारण क्या था।
एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मध्य प्रदेश प्रशासन को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है ताकि पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान की जा सके।
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निष्कर्ष और सावधानी
यह हादसा हमें चेतावनी देता है कि लंबी यात्रा पर निकलने से पहले वाहन की फिटनेस जांचना कितना अनिवार्य है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड ट्रैक पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे इन श्रद्धालुओं के साथ हुई इस त्रासदी ने पूरे श्योपुर जिले में शोक की लहर दौड़ा दी है।










