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चमोली में भीषण सड़क हादसा: कुंनार-गेस मार्ग पर कैल नदी में गिरी बोलेरो, 4 की मौत, 3 गंभीर घायल

On: June 11, 2026 12:35 PM
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चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रफ्तार का कहर और भौगोलिक चुनौतियां एक बार फिर मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ी हैं। जनपद चमोली के सीमांत और दूरस्थ विकासखंड देवाल से एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। गुरुवार को कुंनार-गेस मोटर मार्ग पर एक बोलेरो वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में लुढ़कते हुए सीधे उफनती कैल नदी में जा गिरा।

इस भीषण दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वाहन में चालक सहित कुल सात लोग सवार थे। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया है और स्थानीय गांवों में शोक की लहर है।


​अनियंत्रित होकर नदी में समाया वाहन, मची चीख-पुकार

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को यह बोलेरो वाहन यात्रियों को लेकर कुंनार-गेस मोटर मार्ग से गुजर रहा था। जैसे ही वाहन कुंनार गांव के समीप पहुंचा, अचानक तीखे मोड़ पर चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। नियंत्रण खोते ही वाहन सड़क किनारे बनी गहरी खाई को पार करता हुआ बेहद तेज गति से नीचे की ओर लुढ़कने लगा। पथरीली खाई से टकराते हुए वाहन सीधे नीचे बह रही उफनती कैल नदी की तेज धाराओं में जा समाया।


​हादसा इतना अचानक और भयावह था कि वाहन के नदी में गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूदूर पहाड़ी क्षेत्र होने के बावजूद, दुर्घटना की तेज आवाज और चीखें सुनकर आस-पास के स्थानीय ग्रामीण बिना वक्त गंवाए तुरंत रेस्क्यू के लिए घटनास्थल की ओर दौड़े।

​चमत्कारिक ढंग से छिटककर बचे महिला और बच्चा

​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब वाहन खाई में लुढ़क रहा था, तब शुरुआती दौर में ही एक महिला और एक बच्चा वाहन का दरवाजा खुलने या तेज झटके के कारण छिटककर बाहर सुरक्षित सूखी जमीन पर गिर गए। हालांकि, इस प्रक्रिया में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय रहते वाहन से बाहर गिर जाने के कारण उनकी जान चमत्कारिक रूप से बच गई। अगर वे भी वाहन के साथ नदी में समा जाते, तो उफनती नदी के तेज बहाव में बचना नामुमकिन था।


​स्थानीय लोगों और प्रशासन की तत्परता

​हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। स्थानीय जनप्रतिनिधि महावीर बिष्ट ने घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और जिला प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन के अधिकारी और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गईं।


​स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन के पहुंचने से पहले ही सूझबूझ दिखाते हुए तीनों घायलों (जिसमें महिला और बच्चा भी शामिल हैं) को नदी के किनारे और खाई से बाहर निकाला। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

​नदी से बरामद हुए चार शव, व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी

​कैल नदी के तेज बहाव और संकरे रास्तों के बीच रेस्क्यू टीमों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीमों ने नदी में डूबे वाहन से और उसके आस-पास से कुल चार शवों को बाहर निकाल लिया है। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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​स्थानीय जनप्रतिनिधि महावीर बिष्ट ने बताया कि जिन ग्रामीणों ने वाहन को ऊपर सड़क से सीधे नदी में गिरते हुए देखा था, उनकी निशानदेही पर ही रेस्क्यू टीमों ने खोजबीन शुरू की। हालांकि चार शवों की बरामदगी और तीन घायलों के सफल रेस्क्यू के बाद भी प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है।

एहतियात के तौर पर घटनास्थल और कैल नदी के तेज बहाव के डाउनस्ट्रीम (नीचे की ओर) के आस-पास अब भी व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि यह पूरी तरह स्पष्ट हो सके कि हादसे के वक्त वाहन में कोई अन्य व्यक्ति तो सवार नहीं था।

विवरणमुख्य जानकारी
घटनास्थलकुंनार के समीप, कुंनार-गेस मोटर मार्ग (विकासखंड देवाल, चमोली)
दुर्घटनाग्रस्त वाहनबोलेरो (सवारी टैक्सी)
वाहन की स्थितिअनियंत्रित होकर गहरी खाई से सीधे कैल नदी में समाया
कुल सवार व्यक्ति07 लोग
हताहतों का आंकड़ा04 की मौत, 03 गंभीर घायल
बचाव दलस्थानीय ग्रामीण, चमोली पुलिस और SDRF


सुरक्षात्मक टिप्पणी: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में खासकर


मानसून की शुरुआत से ठीक पहले नदियों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर भूस्खलन व मलबे के कारण सफर जोखिम भरा हो जाता है। देवाल-घेसबार्डर जैसे सुदूर क्षेत्रों में संकीर्ण मोटर मार्गों और तीखे मोड़ों पर हल्के वाहनों की ओवरस्पीडिंग या जरा सी लापरवाही सीधे इस तरह के जानलेवा हादसों को निमंत्रण देती है। स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर वाहन चालकों से पहाड़ी मार्गों पर गति सीमा का ध्यान रखने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

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