अगरतला/सिपाहीजला: भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम करते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने दो संदिग्ध बांग्लादेशी तस्करों को मार गिराया है। यह घटना त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले में शुक्रवार रात की बताई जा रही है。 BSF के अनुसार, जवानों को यह सख्त कदम उस समय उठाना पड़ा जब तस्करों के एक बड़े समूह ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया。
कमलासागर बॉर्डर पर भारी बवाल
यह पूरी वारदात सिपाहीजला जिले के कमलासागर बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) के पास हुई。 यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से काफी संवेदनशील है और लंबे समय से तस्करी की गतिविधियों के लिए कुख्यात माना जाता है。
अधिकारियों का मानना है कि इस सीमावर्ती इलाके में तस्करी के नेटवर्क को सीमा के दोनों ओर रहने वाले कुछ स्थानीय ग्रामीणों का भी कथित समर्थन प्राप्त रहता है。
अंधेरे की आड़ में तस्करी का प्रयास
प्राप्त सूत्रों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब 10 से 15 तस्करों का एक समूह घने अंधेरे का फायदा उठाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पहुँचा था। ये तस्कर सीमा पर लगी बाड़ के पार खड़े अपने भारतीय सहयोगियों को तस्करी का सामान सौंपने की फिराक में थे。
उसी दौरान वहां गश्त कर रही BSF की टीम की नजर इन संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और तस्करों को ललकारते हुए उन्हें सरेंडर करने की चेतावनी दी。
जवानों पर पथराव और जवाबी फायरिंग
BSF द्वारा ललकारे जाने पर तस्कर पीछे हटने के बजाय हिंसक हो गए। समूह ने जवानों को डराने और उन्हें काम करने से रोकने के लिए उन पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख और अपनी जान की रक्षा करने के लिए BSF के जवानों ने ‘सेल्फ-डिफेंस’
(आत्मरक्षा) में गोली चलाई।
जवानों द्वारा की गई इस फायरिंग में दो तस्कर गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े, जबकि बाकी तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से भागने में सफल रहे।
अस्पताल में तोड़ा दम, पहचान उजागर
घटना के तुरंत बाद BSF ने मानवता दिखाते हुए दोनों घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मरने वाले तस्करों की पहचान नबीन हुसैन (20 वर्ष) और मोहम्मद मुरसलीन (40 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल पहुँचने से पहले घायल अवस्था में उन्होंने स्वीकार किया था कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं और अवैध तस्करी की गतिविधियों में लिप्त थे।
शवों को बांग्लादेश को सौंपा गया
घटना की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया। कानूनी कागजी कार्रवाई और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, दोनों बांग्लादेशी नागरिकों के शवों को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
इस घटना के बाद से भारत-बांग्लादेश सीमा पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। BSF के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि सीमा पर अवैध घुसपैठ और तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। कमलासागर और आसपास के इलाकों में गश्त और अधिक बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मुख्य हाइलाइट्स:
- स्थान: कमलासागर बॉर्डर आउटपोस्ट, सिपाहीजला जिला, त्रिपुरा。
- मृतक: नबीन हुसैन (20) और मोहम्मद मुरसलीन (40)。
- वजह: आत्मरक्षा में की गई फायरिंग, तस्करों द्वारा जवानों पर पथराव。
- कार्रवाई: शवों का पोस्टमार्टम कर BGB को सुपुर्द किया गया。











