त्रिशूर, केरल: केरल के त्रिशूर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ के मुंडाथिकोड गांव में स्थित एक पटाखा गोदाम में भीषण आग लगने और उसके बाद हुए जोरदार धमाके में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई है। प्रशासन ने अब तक 10 शव बरामद कर लिए हैं, जबकि मलबे में अन्य लोगों की तलाश अभी भी जारी है। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय गोदाम और निर्माण इकाई में लगभग 40 मजदूर काम कर रहे थे।
घटना का विवरण: धमाके से दहल उठा इलाका
यह दर्दनाक हादसा त्रिशूर जिले की वडक्कनचेरी नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले मुंडाथिकोड गांव में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
मेडिकल कॉलेज पुलिस सीमा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इस इलाके में तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) की टीमें और दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं।
हताहतों की संख्या और घायलों की स्थिति
प्रशासन द्वारा जारी शुरुआती आंकड़ों के अनुसार:
- कुल मौतें: 13 (अभी तक 10 शव बरामद किए गए हैं)।
- गंभीर घायल: 5 लोग क्रिटिकल केयर (ICU) में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
- अस्पताल में भर्ती: 2 लोगों का इलाज वार्ड में चल रहा है।
- मामूली चोटें: 17 अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मलबे को हटाने का काम अभी भी चल रहा है, इसलिए हताहतों की संख्या में बदलाव की आशंका बनी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
इस भीषण त्रासदी पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की।
सहायता राशि की घोषणा:
- मृतकों के परिजनों को: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि।
- घायलों को: बेहतर इलाज और सहायता के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक मदद।
प्रधानमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को घायलों की हर संभव मदद करने और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
क्या सुरक्षा मानकों की हुई अनदेखी?
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रिहायशी इलाकों के करीब इस तरह के विस्फोटक गोदामों का संचालन जोखिम भरा है। थलप्पिल्ली तालुक के अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्य जांच इस बात पर केंद्रित है कि:
- क्या गोदाम के पास वैध लाइसेंस था?
- क्या वहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे?
- गर्मी के बढ़ते तापमान या लापरवाही के कारण आग लगी?
नोट: केरल में गर्मियों के दौरान और त्योहारों के सीजन में पटाखों की मांग बढ़ जाती है, जिससे अक्सर अवैध या असुरक्षित फैक्ट्रियों में काम का दबाव बढ़ जाता है।
तमिलनाडु की घटना का साया: दो दिन में दूसरा बड़ा हादसा
देश अभी तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में हुई घटना के गम से उबरा भी नहीं था कि केरल में यह हादसा हो गया। गौरतलब है कि बीते सोमवार, 20 अप्रैल को तमिलनाडु की एक पटाखा फैक्ट्री में लगी आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी। 24 घंटे के भीतर दक्षिण भारत के दो राज्यों में हुए इन बड़े हादसों ने पटाखा उद्योग में सुरक्षा नियमों की पोल खोल कर रख दी है।
राहत और बचाव कार्य जारी
फिलहाल, मुंडाथिकोड गांव में भारी पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात हैं। स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय भी लगातार जिला कलेक्टर के संपर्क में है ताकि पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी दे रही है कि ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण और निर्माण में थोड़ी सी भी चूक कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी का कारण बन सकती है।
संपादकीय टिप्पणी: यह एक विकासशील कहानी है। जैसे ही प्रशासन की ओर से नई पुष्टि या मृतकों की पहचान की जानकारी आएगी, इस खबर को अपडेट किया जाएगा।











