रुद्रपुर/खटीमा: देवभूमि उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के आजाद नगर में 17 वर्षीय एक किशोर ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान प्रिंस विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जो कक्षा नौवीं का छात्र था। प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था, जिसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।
घटना का विवरण: घर में अकेला था छात्र
मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से खटीमा के पकड़िया मोहल्ले के रहने वाले विनोद विश्वकर्मा वर्तमान में रुद्रपुर के वार्ड संख्या 9, आजाद नगर (ट्रांजिट कैंप) में सपरिवार रहते हैं। विनोद और उनकी पत्नी बीना दोनों ही अपनी आजीविका चलाने के लिए काम पर जाते हैं। गुरुवार को भी रोजाना की तरह दंपत्ति सुबह काम पर निकल गए थे और घर पर उनका बेटा प्रिंस अकेला था।
शाम के वक्त जब विनोद ने अपने बेटे का हालचाल जानने के लिए उसे फोन किया, तो प्रिंस ने कॉल रिसीव नहीं की। बार-बार फोन करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो अनहोनी की आशंका के चलते विनोद आनन-फानन में घर पहुंचे। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दरवाजा अंदर से पूरी तरह बंद था।
दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे पिता, सामने था खौफनाक मंजर
विनोद ने प्रिंस को कई बार आवाजें दीं और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी। अंततः पड़ोसियों की मदद से विनोद ने दरवाजे के कुंडे पर जोरदार धक्का दिया और उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे के भीतर का दृश्य देख पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। 17 वर्षीय प्रिंस पंखे के हुक से बेल्ट और मफलर के सहारे बने फंदे पर लटका हुआ था।
शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। इसी बीच प्रिंस की मां बीना भी घर पहुंच गईं। अपने इकलौते लाल को इस हाल में देख मां की चीखें निकल गईं और वह बेसुध होकर गिर पड़ीं। पूरे मोहल्ले में इस घटना से शोक की लहर दौड़ गई है।
मौसी के घर से पढ़ाई कर लौटा था प्रिंस
परिजनों ने बताया कि प्रिंस उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में अपनी मौसी के घर रहकर कक्षा नौवीं की पढ़ाई कर रहा था। वह बीती 5 मई को ही अपने माता-पिता से मिलने रुद्रपुर आया था। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जो बेटा कुछ दिन पहले ही घर लौटा था, वह ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेगा।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का विषय
घटना की सूचना मिलते ही ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस हरकत में आई। उपनिरीक्षक (SI) महेश कांडपाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मौके से अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर 17 साल के छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया? क्या वह पढ़ाई के दबाव में था, या फिर किसी मानसिक तनाव से गुजर रहा था? पुलिस परिजनों और प्रिंस के दोस्तों से पूछताछ कर रही है ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
इकलौते चिराग के बुझने से टूटा परिवार
विनोद विश्वकर्मा के परिवार के लिए प्रिंस न केवल उनका इकलौता बेटा था, बल्कि उनके भविष्य की उम्मीद भी था। इकलौते पुत्र की मृत्यु ने माता-पिता को गहरे सदमे में डाल दिया है। आजाद नगर के निवासियों का कहना है कि प्रिंस शांत स्वभाव का लड़का था और उसके इस कदम ने सबको झकझोर कर रख दिया है।\
निष्कर्ष और संदेश
यह घटना हमें याद दिलाती है कि किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना अनिवार्य है। अक्सर बच्चे अपनी समस्याओं को साझा नहीं कर पाते और अवसाद का शिकार हो जाते हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर नजर रखें और उनके साथ मित्रवत व्यवहार करें।
मुख्य बिंदु (Highlights):
- स्थान: आजाद नगर, ट्रांजिट कैंप, रुद्रपुर (उत्तराखंड)।
- मृतक: प्रिंस विश्वकर्मा (17 वर्ष), कक्षा 9 का छात्र।
- वजह: फिलहाल अज्ञात, पुलिस जांच जारी।
- स्थिति: माता-पिता का इकलौता बेटा, 5 मई को लखीमपुर खीरी से लौटा था।







