मुख्य बिंदु:
- पीड़िता पर जबरन साथ रहने का दबाव बना रहा था आरोपी, मना करने पर रंजिश में दिया वारदात को अंजाम।
- बाजार से मां के साथ लौट रही युवती पर सरेआम झोंका फायर, सीने को छूकर निकली गोली; बाल-बाल बची जान।
- सितारगंज पुलिस ने रुद्रपुर निवासी आरोपी को सुखी नदी पुल के पास से दबोचा, 315 बोर का तमंचा और खोखा बरामद।
उधम सिंह नगर (उत्तराखंड)।
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज (शक्तिफार्म) क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक सिरफिरे आशिक ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने से मना करने पर एक महिला की जान लेने की कोशिश की। महिला द्वारा साथ रहने से साफ इंकार करने पर आरोपी के सिर पर खून सवार हो गया और उसने सरेराह महिला पर तमंचे से फायर झोंक दिया।
इस जानलेवा हमले में गोली महिला के सीने को छूते हुए निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होने और असमय मौत के मुंह में जाने से बाल-बाल बच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय हुई सितारगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद जबरन प्रेम संबंध और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के दबाव को लेकर शुरू हुआ। आरोपी की पहचान अजय रस्तोगी निवासी शांति विहार, सिंह कालोनी, रुद्रपुर के रूप में हुई है। आरोपी अजय पिछले काफी समय से शक्तिफार्म क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता पर उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का लगातार दबाव बना रहा था।
महिला ने आरोपी के इस नाजायज दबाव को स्वीकार करने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया। अपनी मर्जी के खिलाफ महिला का यह सख्त रवैया आरोपी अजय रस्तोगी को नागवार गुजरा। इसके बाद वह महिला से बुरी तरह रंजिश रखने लगा और उसे रास्ते से हटाने व जान से मारने की लगातार धमकियां देने लगा।
बाजार से लौटते वक्त सरेआम घेरा, फिर चला दी गोली
वारदात वाले दिन यानी 12 जून को पीड़िता अपनी मां माया मंडल के साथ स्थानीय बाजार से कुछ सामान खरीदकर वापस अपने घर लौट रही थी। दोनों मां-बेटी जैसे ही रास्ते में पहुंची, तभी पहले से घात लगाए बैठा आरोपी अजय रस्तोगी अपनी मोटरसाइकिल से वहां आ धमका। आरोपी ने बीच रास्ते में बाइक अड़ाकर दोनों महिलाओं का रास्ता रोक लिया।
रास्ता रोकने के बाद आरोपी ने पीड़िता के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब महिला और उसकी मां ने इस अभद्र व्यवहार का कड़ा विरोध जताया, तो गुस्से से तमतमाए आरोपी ने अपनी कमर से 315 बोर का अवैध तमंचा निकाला और सीधे महिला पर फायर झोंक दिया।
अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि गोली महिला के सीने को छूती हुई सनसनाती हुई निकल गई, जिससे उसकी जान बच गई, लेकिन इस जानलेवा हमले से पीड़िता और उसकी मां गहरे सदमे में आ गईं। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिसिया दबिश और सुखी नदी पुल के पास से गिरफ्तारी
इस खौफनाक घटना के तुरंत बाद पीड़िता की ओर से सितारगंज कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई गई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत संबंधित धाराओं में मुकदमा (FIR) पंजीकृत कर लिया। आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने आरोपी के छिपने के संभावित ठिकानों और रुद्रपुर समेत कई स्थानों पर लगातार दबिश दी। पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच, मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए आरोपी अजय रस्तोगी को शक्तिफार्म स्थित ‘सुखी नदी पुल’ के निकट से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
अवैध हथियार और कारतूस बरामद, न्यायालय में पेश
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी की अमली जामा तलाशी ली, तो उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया 315 बोर का देसी तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने अवैध असलहे को सील कर आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई बढ़ा दी है। कोतवाली लाकर आरोपी से सघन पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे संबंधित न्यायालय में पेश कर दिया है, जहां से उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
इस पूरी सफल और त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में सितारगंज के प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा, उपनिरीक्षक जगदीश चंद्र तिवारी, उपनिरीक्षक हरीश चंद्र, कांस्टेबल प्रेम कनवाल और भूपाल सिंह शामिल रहे। स्थानीय जनता ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।









