विशेष ब्यूरो, जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में कुदरत का भीषण कहर देखने को मिला है। पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश, बादल फटने और उसके बाद आई अचानक बाढ़ (Flash Floods) ने राजौरी, पुंछ और रियासी जिलों में भारी तबाही मचाई है।
राजौरी के मंजाकोट में बादल फटने से एक स्थानीय कब्रिस्तान बह गया है, वहीं सुरनकोट (पुंछ) में भूस्खलन और मलबे की चपेट में आने से तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई है। मौसम के इस विकराल रूप को देखते हुए माता वैष्णो देवी की यात्रा को अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया है।
राजौरी में आधी रात को आई आफत: बेला कॉलोनी जलमग्न, दर्जनों गाड़ियां बहीं
राजौरी शहर और इसके आस-पास के इलाकों में रात करीब 1:00 बजे से सुबह 6:00 बजे के बीच बेहद मूसलाधार बारिश हुई। इस भारी बारिश के कारण दरहाली और राजौरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। उफनती नदी का पानी अचानक बेला कॉलोनी और बेला बस स्टैंड क्षेत्र में घुस गया, जिससे देखते ही देखते पूरा इलाका मलबे और पानी से भर गया।
• वाहनों का भारी नुकसान: बस स्टैंड और सड़कों पर खड़ी दर्जनों गाड़ियां पानी के तेज बहाव में तिनके की तरह बह गईं और कबाड़ में तब्दील हो गईं।
• घरों में फंसे लोग: बेला कॉलोनी के कई घरों में बाढ़ का पानी घुसने से दर्जनों परिवार अपने ही घरों में कैद हो गए। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने सुबह से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना शुरू किया। इसके अलावा, थन्ना मंडी सब-डिविजन के चुरुंग, राजधानी और बेहरोट इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं। बेहरोट में एक क्रशर यूनिट के भीतर कई मजदूरों के फंसे होने की भी आशंका है।
मंजाकोट में फटा बादल: पानी में बहा कब्रिस्तान, मची चीख-पुकार
राजौरी की मंजाकोट तहसील के अंतर्गत आने वाले कोटली कलाबन और गोलिनारी इलाकों से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ तड़के बादल फटने (Cloudburst) की घटना हुई, जिसके बाद पहाड़ों से आए पानी के सैलाब ने भारी तबाही मचाई।
इस अचानक आई बाढ़ में स्थानीय कब्रिस्तान का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से बहकर पास के नाले में चला गया, जिससे कई प्राचीन और नई कब्रें नष्ट हो गईं। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में गहरा दुख और चिंता का माहौल है। इसके साथ ही बेला और आस-पास के क्षेत्रों में भारी संख्या में मवेशियों (पालतू जानवरों) के भी बहने की खबर है।
पुंछ में भूस्खलन का तांडव: चार की मौत, कई लापता
बाढ़ और बारिश का सबसे दर्दनाक मंजर पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में देखने को मिला। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह हुए भारी भूस्खलन और जलभराव के कारण कम से कम चार लोगों की जान चली गई है, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं।
नूनाबंदी गांव में हादसा: नूनाबंदी गांव में एक रिहायशी मकान ढह जाने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनके पति मोहम्मद हफीज और उनके तीन मासूम बच्चों (उम्र 2 से 6 वर्ष) को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुँचाया।
इसके अलावा, लोअर मुराह इलाके में एक अन्य मकान पर पहाड़ का मलबा गिर गया, जिससे मकान मालिक मोहम्मद लतीफ समेत परिवार के 5 सदस्य लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं, मरहोट इलाके में इरम नाम की एक नाबालिग लड़की नाले के तेज बहाव में बह गई, जबकि धुंडक लथूंग पुल के पास से एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया गया है।
माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित: कटड़ा में 15 हजार श्रद्धालु ठहरे
खराब मौसम और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर माता वैष्णो देवी की यात्रा पर पड़ा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
वर्तमान स्थिति और प्रभावित सेवाएं:
1. मार्ग हुए क्षतिग्रस्त: रातभर हुई भारी बारिश के कारण नए बैटरी कार मार्ग पर जगह-जगह चट्टानें खिसकने और मलबा गिरने की खबरें हैं। इसके साथ ही पारंपरिक भैरव घाटी मार्ग पर भी हल्का भूस्खलन हुआ है।
2. बंद सेवाएं: एहतियात के तौर पर कटड़ा से भवन के बीच चलने वाली बैटरी कार सेवा, हेलीकॉप्टर सेवा के साथ-साथ घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवाओं को पूरी तरह रोक दिया गया है।
3. श्रद्धालुओं का इंतजार: कटड़ा में स्थित सभी यात्री पंजीकरण काउंटर (Yatri Registration Counters) बंद कर दिए गए हैं। इस समय करीब 15,000 श्रद्धालु कटड़ा और आस-पास के क्षेत्रों में यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर यातायात प्रभावित, NHAI मुस्तैद
इस भारी बारिश का असर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पड़ा है। जखियानी और चेनानी के बीच ‘अप-ट्यूब’ में कई स्थानों पर मिट्टी धंसने और पत्थर गिरने (Shooting Stones) के कारण यातायात बाधित हुआ है, जिसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की टीमें लगातार साफ करने में जुटी हैं।
हाल ही में ठीक की गई देवल के पास की ‘डाउन-ट्यूब’ भी दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके चलते फिलहाल ‘अप-ट्यूब’ के जरिए ही दोनों तरफ के ट्रैफिक को वन-वे के आधार पर निकाला जा रहा है।
प्रशासन की अपील: नदी-नालों से दूर रहें
मौसम विभाग (IMD) ने इस क्षेत्र में पहले ही भारी से बहुत भारी बारिश और अचानक बाढ़ (Flash Flood) को लेकर एडवाइजरी जारी की थी। फिलहाल जिला प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चला रही हैं। अधिकारियों ने निचले इलाकों, नदी तटों और जलाशयों के समीप रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे पानी के स्तर पर नजर रखें और जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता, तब तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।





