Chamoli tunnel landslide की एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में अचानक भारी भूस्खलन होने से भीषण हादसा हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 3 लोग अब भी लापता हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद घटनास्थल पर पहुंचे और सुरंग के भीतर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
Chamoli Tunnel Landslide: कैसे हुआ हादसा और सुरंग के अंदर क्या हुआ?
यह हादसा गुरुवार की शाम करीब पौन सात (6:45 PM) बजे हुआ, जब परियोजना की सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का नियमित कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां मौजूद कर्मचारियों के अनुसार, अचानक सुरंग के भीतर एक जोरदार धमाका हुआ। धमाके के तुरंत बाद भारी मात्रा में पानी और मलबे का सैलाब तेजी से सुरंग के अंदर भरने लगा।
हादसे के वक्त सुरंग के अंदर कुल 28 श्रमिक काम कर रहे थे। इनमें से अधिकांश मजदूर बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों के रहने वाले हैं। मलबे के अचानक आने से अंदर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग वहीं फंस गए।
हादसे से जुड़े मुख्य आंकड़े:
- कुल श्रमिक मौजूद: 28
- बरामद शव: 07
- लापता लोग: 03
- घायल श्रमिक: 12
- सुरक्षित/बचाव कार्य में जुटे श्रमिक: 06
Chamoli Tunnel Landslide Site: तड़के शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, जुटीं सभी मुख्य एजेंसियां
घटना के तुरंत बाद शुरू हुआ बचाव कार्य शुक्रवार की सुबह तड़के और अधिक तेजी के साथ आगे बढ़ाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार की तमाम प्रमुख एजेंसियों को तुरंत मोर्चे पर तैनात कर दिया गया है।
वर्तमान में घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में निम्नलिखित टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं:
- जिला प्रशासन और स्थानीय आपदा प्रबंधन दल
- उत्तराखंड पुलिस
- राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF)
- राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF)
- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
- भारतीय सेना के जवान
मलबे को हटाने और लापता 3 श्रमिकों तक पहुंचने के लिए भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
Chamoli Tunnel Landslide Rescue Ops: टनल के अंदर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, घायलों से करेंगे मुलाकात
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को पीपलकोटी पहुंचे। उन्होंने सीधे घटनास्थल का दौरा किया और खुद टनल के अंदर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से बचाव कार्यों की पल-पल की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए और लापता श्रमिकों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही सीएम धामी जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती 12 घायल श्रमिकों का हाल-चाल भी जानेंगे और शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे।
Chamoli Tunnel Landslide Impact: मजदूरों का साहस और स्थानीय प्रशासन की चुनौती
हादसे के वक्त सुरंग में मौजूद 6 साहसी श्रमिकों ने खुद को बचाते हुए तुरंत अन्य साथियों को बाहर निकालने के लिए राहत कार्य शुरू कर दिया था, जिससे कुछ लोगों की जान बचाई जा सकी। हालांकि, पानी और मलबे की अत्यधिक मात्रा के कारण 7 मजदूरों की जान नहीं बचाई जा सकी।
यह परियोजना अलकनंदा नदी पर स्थित है, इसलिए टनल के अंदर पानी का रिसाव और मलबा हटाना बचाव टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जब तक आखिरी व्यक्ति को बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।





