मुरैना (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति के चाल-चलन पर संदेह होने के बाद उसके ही सगे सालों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
आरोपियों ने पीड़ित को एक पेड़ से बांध दिया, उसके कपड़े उतारे और फिर बेल्ट, लाठी-डंडों व पट्टों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। दिल दहला देने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात को पीड़ित की पत्नी के सामने अंजाम दिया गया और आरोपियों ने इसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना मुरैना जिले के सिहोनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भिड़ौसा गांव की है। पीड़ित शख्स मुरैना जिले के ही एक अन्य गांव का निवासी है। वह बीते 13 जुलाई को अपनी ससुराल (भिड़ौसा गांव) आया हुआ था।
ससुराल में रुकने के दौरान ही किसी बात को लेकर पीड़ित का उसके दो सालों के साथ विवाद हो गया। आरोपियों का आरोप था कि पीड़ित ने अपनी छोटी साली (आरोपियों की बहन) को किसी बहाने से बाहर ले जाकर उसके साथ अमर्यादित व गलत हरकत करने का प्रयास किया था। इस बात से आक्रोशित होकर भाइयों ने कानून को अपने हाथ में ले लिया और जीजा को सबक सिखाने के लिए हैवानियत पर उतारू हो गए।
पेड़ से बांधकर बरपाया कहर, पत्नी के सामने गिड़गिड़ाता रहा पीड़ित
आरोपियों का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। उन्होंने पीड़ित को पकड़कर जबरन एक पेड़ से बांध दिया। इसके बाद उसके कपड़े उतार दिए गए और अमानवीय तरीके से उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोपियों ने बेल्ट, चमड़े के पट्टों और भारी लाठी-डंडों से पीड़ित को लहूलुहान कर दिया।
चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार: “जब यह पूरी वारदात हो रही थी, तब पीड़ित की पत्नी भी वहीं मौके पर मौजूद थी। वह अपने पति को बचाने और भाइयों को रोकने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों के सिर पर खून सवार था। वे लगातार पीड़ित पर वार करते रहे।”
क्रूरता की हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने इस पूरी मारपीट का अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी रिकॉर्ड किया। इस वीडियो को बनाने का मकसद पीड़ित को समाज में मानसिक रूप से प्रताड़ित और नीचा दिखाना था।
वीडियो आया सामने, तो हिली पुलिस
घटना के बाद किसी तरह चंगुल से छूटकर पीड़ित गंभीर हालत में सीधे सिहोनिया थाने पहुंचा। पीड़ित ने पुलिस को अपने साथ हुई इस बर्बरता की पूरी आपबीती सुनाई। शुरुआत में मामला दबा रहा, लेकिन जैसे ही इस मारपीट का वीडियो सामने आया, पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: दो आरोपी गिरफ्तार
सिहोनिया थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मंगलवार रात को ही दबिश देकर घटना के दोनों मुख्य आरोपियों (पीड़ित के सालों) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वह मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिससे इस घिनौनी वारदात का वीडियो शूट किया गया था। पुलिस की साइबर और फॉरेंसिक टीम मोबाइल से डिलीट या शेयर किए गए डेटा की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न हो पाए।
स्थानीय पुलिस अधिकारी का बयान:
”पीड़ित की शिकायत और सामने आए वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि पीड़ित का आचरण गलत था, तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत की जानी चाहिए थी। इस तरह की बर्बरता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की गहन जांच जारी है।”
कानून हाथ में लेने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल
मुरैना की इस घटना ने एक बार फिर समाज में कानून व्यवस्था और आपसी रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पारिवारिक विवाद या किसी भी तरह के संदेह की स्थिति में पुलिस और न्यायालय की शरण लेने के बजाय, ऑन-द-स्पॉट जस्टिस (तुरंत न्याय) करने की यह मानसिकता बेहद खतरनाक रूप लेती जा रही है।
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फिलहाल पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराकर उसका इलाज जारी है और पुलिस पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।









