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​नोएडा के ममूरा में पांच मंजिला इमारत में भीषण आग: दो की मौत, सूझबूझ से बचाई गई 100 से अधिक जिंदगियां

On: July 15, 2026 10:07 AM
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A dramatic nighttime photograph showing a five-story building engulfed in flames and smoke in the Mamura village area of Noida, Sector 66. A major rescue operation is underway in a narrow street with firefighters, rescue ladders connecting buildings, emergency vehicles, and a large crowd.

​मुख्य बिंदु:

• ​घटनास्थल: ममूरा गांव, सेक्टर-66, थाना फेस-3 क्षेत्र, नोएडा।
• ​हताहत: एक 26 वर्षीय महिला और एक पुरुष की दर्दनाक मौत, दो लोग गंभीर रूप से झुलसे।
• ​रेस्क्यू ऑपरेशन: सामने वाली इमारत से सीढ़ी लगाकर 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
• ​संभावित कारण: ई-बाइक की चार्जिंग या एसी में शॉर्ट-सर्किट।
• ​विवाद: पुलिस द्वारा मुख्य गेट बंद करने से स्थानीय निवासियों में आक्रोश, सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुटे पीड़ित।

नोएडा ब्यूरो।

दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ममूरा गांव में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड के दौरान इमारत में रह रहे करीब 50 से अधिक परिवार भीतर ही फंस गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।

इस दर्दनाक हादसे में एक 26 वर्षीय महिला और एक पुरुष की झुलसने व दम घुटने से मौत हो गई है, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की सूझबूझ से एक बड़ा नरसंहार टल गया और इमारत में फंसे 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

​शॉर्ट-सर्किट बना काल, देखते ही देखते फैली आग

​प्राथमिक जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आग लगने के पीछे दो मुख्य कारण सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि या तो इमारत के भूतल (Ground Floor) पर चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक बाइक (E-Bike) में ब्लास्ट हुआ, या फिर किसी फ्लैट के एयर कंडीशनर (AC) में भीषण शॉर्ट-सर्किट हुआ।

देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। सीढ़ियों वाले रास्ते में धुआं भर जाने के कारण लोग नीचे उतरने में असमर्थ हो गए और ऊपरी मंजिलों पर ही फंस गए।

​दुकानदार अमन बना ‘मसीहा’, सामने वाली बिल्डिंग से लगाया जुगाड़

​जब आग लगी, तो चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। इसी बीच पास में ही दुकान चलाने वाले अमन नामक युवक ने तत्परता दिखाई। अमन ने जैसे ही इमारत से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं, उसने बिना वक्त गंवाए शोर मचाना शुरू कर दिया।

अमन की आवाज सुनकर इमारत के अंदर मौजूद लोग सतर्क हो गए और समय रहते बालकनी व छतों की तरफ भागे।
​चूंकि मुख्य रास्ता पूरी तरह आग और धुएं से ब्लॉक हो चुका था, इसलिए रेस्क्यू के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया गया। पांच मंजिला इमारत के ठीक सामने वाली बिल्डिंग की छत और खिड़कियों से लोहे व लकड़ी की सीढ़ियां जोड़ी गईं।

स्थानीय युवाओं और बाद में पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने इसी ‘अस्थायी पुल’ के सहारे एक-एक करके 100 से अधिक मासूम जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

​पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा जन-आक्रोश

​घटना के बाद मौके पर पहुंची फेस-3 थाना पुलिस की एक कार्रवाई को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने साक्ष्यों (Evidence) को सुरक्षित रखने या छुपाने के उद्देश्य से पूरी बिल्डिंग के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया है और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

​बिल्डिंग में रहने वाले किराएदार और मकान मालिक इस बात से परेशान हैं कि उन्हें अपने कमरों में हुए नुकसान का अंदाजा नहीं मिल पा रहा है। कई लोग पुलिसकर्मियों के सामने हाथ जोड़कर अपने कीमती सामान और दस्तावेजों को देखने के लिए गुहार लगाते नजर आए। हादसे के डर और बेघर होने की बेबसी के कारण लोग अब अपना बचा-कुचा सामान समेटकर दूसरी जगहों पर शिफ्ट होने को मजबूर हैं।

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​मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, जांच के आदेश

​हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग (Fire Department) की कई गाड़ियां आनन-फानन में मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP) और दमकल विभाग के तमाम आला अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे।

अधिकारियों का बयान:

​”आग पर नियंत्रण पा लिया गया है। दुर्भाग्यवश दो लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। घायलों का इलाज जारी है। आग लगने के सटीक कारणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। अवैध रूप से बनी इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

​यह हादसा एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर के रिहायशी इलाकों और तंग गलियों में बने बहुमंजिला मकानों में फायर सेफ्टी (Fire Safety Norms) के नियमों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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