तेहरान/तेल अवीव। वैश्विक स्तर पर तीसरे विश्व युद्ध की आहट और मिडिल ईस्ट में मचे घमासान के बीच आखिरकार अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने राहत की सांस ली है। ईरान ने इजरायल के साथ जारी सीधे सैन्य संघर्ष को फिलहाल समाप्त करने का एक बड़ा और अप्रत्याशित एलान किया है।
ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, देश की संयुक्त सैन्य कमान ने इजरायल के खिलाफ चलाए जा रहे अपने मौजूदा सैन्य अभियानों को रोकने की घोषणा कर दी है। हालांकि, संघर्ष विराम के इस फैसले के साथ ही तेहरान ने तेल अवीव को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी भी दी है। ईरान ने साफ कहा है कि यदि इजरायल ने लेबनान पर अपने हिंसक हमलों को नहीं रोका, तो आने वाले समय में उसे और भी ज्यादा विध्वंसक और कड़े सैन्य हमलों का सामना करना पड़ेगा।
सोमवार को ईरानी सेना ने किया आधिकारिक एलान
सोमवार को ईरानी सैन्य कमान की ओर से जारी एक विशेष बुलेटिन में कहा गया कि रविवार देर रात से दोनों देशों के बीच शुरू हुई भीषण गोलीबारी और मिसाइल हमलों के बाद, वे अब इजरायल के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को विराम दे रहे हैं। दोनों परमाणु सक्षम शक्तियों के बीच सीधे टकराव से पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएं चरम पर पहुँच गई थीं।
ईरान का यह बड़ा यू-टर्न और नरमी भरा बयान तब सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वैश्विक मंच से दावा किया कि तेहरान और तेल अवीव के बीच पर्दे के पीछे से तत्काल युद्धविराम (Ceasefire) स्थापित करने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। अमेरिकी कूटनीति के दबाव और मध्यस्थता को भी इस फैसले के पीछे की एक मुख्य वजह माना जा रहा है।
इजरायल ने ईरान के भीतर दागी थीं मिसाइलें, क्षेत्रीय युद्ध का बढ़ा था खतरा
इस युद्धविराम से पहले का घटनाक्रम बेहद खौफनाक था। तेहरान द्वारा इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइलों के जवाब में इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की थी। इजरायली वायुसेना ने मध्य और पश्चिमी ईरान के कई इलाकों को अपना निशाना बनाते हुए सिलसिलेवार हवाई हमले किए और सटीक मिसाइलें दागीं। इजरायल के इन तीखे हमलों के बाद ऐसा लग रहा था कि पूरा मध्य पूर्व अब एक ऐसे विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध की आग में घिरने जा रहा है, जिसे संभाल पाना किसी के बस में नहीं होगा। दोनों देशों की तरफ से हो रही गोलाबारी ने खाड़ी देशों में भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया था।
तेहरान समेत कई बड़े शहरों में गूंजे धमाके
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सोमवार तड़के देश के कई महत्वपूर्ण हिस्सों, विशेषकर इस्फहान, कराज, तबरीज और देश की राजधानी तेहरान में बेहद जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देने की पुष्टि की थी। हमलों के तुरंत बाद राजधानी तेहरान में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि शहर के पश्चिमी इलाके में एक के बाद एक कई गगनभेदी धमाके सुने गए, जिससे खिड़कियां और इमारतें हिल गईं। हालांकि, शुरुआत में ईरानी रक्षा अधिकारियों ने इस बारे में कोई भी विस्तृत या स्पष्ट जानकारी साझा करने से पूरी तरह परहेज किया था।
भारी नुकसान की आशंका, आईआरजीसी ने मिसाइल हमले की पुष्टि की
शुरुआती घंटों में ईरानी प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि इजरायली मिसाइलों ने किन रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है और इन हमलों में देश को कितना नुकसान हुआ है। लेकिन बाद में ईरान की संभ्रांत सैन्य शाखा ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने एक बयान जारी कर बताया कि इजरायल ने सोमवार सुबह किए गए अपने हमलों में आधुनिक और हवा से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (Air-Launched Ballistic Missiles) का इस्तेमाल किया था।
आईआरजीसी ने भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस तकनीकी हमले की विस्तृत रूपरेखा को गुप्त रखा है।
लेबनान पर टिका है भविष्य का अमन
भले ही ईरान ने फिलहाल अपनी बंदूकें और मिसाइलें शांत कर ली हों, लेकिन मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति की राह अभी भी कांटों भरी है। ईरान ने अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने के साथ ही जो लेबनान वाली शर्त जोड़ी है, वह इजरायल के लिए एक नई चुनौती है। इजरायल लगातार लेबनान में मौजूद हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी कर रहा है, जिसे ईरान का सीधा संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में यदि इजरायल लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो ईरान का यह युद्धविराम किसी भी क्षण टूट सकता है और दोनों देश फिर से आमने-सामने आ सकते हैं। फिलहाल, वैश्विक कूटनीतिज्ञ इस अस्थाई शांति को एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं ताकि दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाया जा सके।











