अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

मिडिल ईस्ट संकट के बीच बड़ी राहत: ईरान ने इजरायल के खिलाफ सैन्य अभियान रोकने का किया एलान, लेबनान को लेकर दी आखिरी चेतावनी

On: June 8, 2026 1:48 PM
Follow Us:

​तेहरान/तेल अवीव। वैश्विक स्तर पर तीसरे विश्व युद्ध की आहट और मिडिल ईस्ट में मचे घमासान के बीच आखिरकार अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने राहत की सांस ली है। ईरान ने इजरायल के साथ जारी सीधे सैन्य संघर्ष को फिलहाल समाप्त करने का एक बड़ा और अप्रत्याशित एलान किया है।

ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, देश की संयुक्त सैन्य कमान ने इजरायल के खिलाफ चलाए जा रहे अपने मौजूदा सैन्य अभियानों को रोकने की घोषणा कर दी है। हालांकि, संघर्ष विराम के इस फैसले के साथ ही तेहरान ने तेल अवीव को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी भी दी है। ईरान ने साफ कहा है कि यदि इजरायल ने लेबनान पर अपने हिंसक हमलों को नहीं रोका, तो आने वाले समय में उसे और भी ज्यादा विध्वंसक और कड़े सैन्य हमलों का सामना करना पड़ेगा।

​सोमवार को ईरानी सेना ने किया आधिकारिक एलान

​सोमवार को ईरानी सैन्य कमान की ओर से जारी एक विशेष बुलेटिन में कहा गया कि रविवार देर रात से दोनों देशों के बीच शुरू हुई भीषण गोलीबारी और मिसाइल हमलों के बाद, वे अब इजरायल के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को विराम दे रहे हैं। दोनों परमाणु सक्षम शक्तियों के बीच सीधे टकराव से पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएं चरम पर पहुँच गई थीं।

ईरान का यह बड़ा यू-टर्न और नरमी भरा बयान तब सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वैश्विक मंच से दावा किया कि तेहरान और तेल अवीव के बीच पर्दे के पीछे से तत्काल युद्धविराम (Ceasefire) स्थापित करने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। अमेरिकी कूटनीति के दबाव और मध्यस्थता को भी इस फैसले के पीछे की एक मुख्य वजह माना जा रहा है।

​इजरायल ने ईरान के भीतर दागी थीं मिसाइलें, क्षेत्रीय युद्ध का बढ़ा था खतरा

​इस युद्धविराम से पहले का घटनाक्रम बेहद खौफनाक था। तेहरान द्वारा इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइलों के जवाब में इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की थी। इजरायली वायुसेना ने मध्य और पश्चिमी ईरान के कई इलाकों को अपना निशाना बनाते हुए सिलसिलेवार हवाई हमले किए और सटीक मिसाइलें दागीं। इजरायल के इन तीखे हमलों के बाद ऐसा लग रहा था कि पूरा मध्य पूर्व अब एक ऐसे विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध की आग में घिरने जा रहा है, जिसे संभाल पाना किसी के बस में नहीं होगा। दोनों देशों की तरफ से हो रही गोलाबारी ने खाड़ी देशों में भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया था।

​तेहरान समेत कई बड़े शहरों में गूंजे धमाके

​ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सोमवार तड़के देश के कई महत्वपूर्ण हिस्सों, विशेषकर इस्फहान, कराज, तबरीज और देश की राजधानी तेहरान में बेहद जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देने की पुष्टि की थी। हमलों के तुरंत बाद राजधानी तेहरान में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि शहर के पश्चिमी इलाके में एक के बाद एक कई गगनभेदी धमाके सुने गए, जिससे खिड़कियां और इमारतें हिल गईं। हालांकि, शुरुआत में ईरानी रक्षा अधिकारियों ने इस बारे में कोई भी विस्तृत या स्पष्ट जानकारी साझा करने से पूरी तरह परहेज किया था।

ये भी पढ़े➜विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में भीषण औद्योगिक त्रासदी: धधकती भट्टी से पिघला हुआ लोहा लीक होने से 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत, कई झुलसे; मची अफरा-तफरी


​भारी नुकसान की आशंका, आईआरजीसी ने मिसाइल हमले की पुष्टि की

​शुरुआती घंटों में ईरानी प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि इजरायली मिसाइलों ने किन रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है और इन हमलों में देश को कितना नुकसान हुआ है। लेकिन बाद में ईरान की संभ्रांत सैन्य शाखा ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने एक बयान जारी कर बताया कि इजरायल ने सोमवार सुबह किए गए अपने हमलों में आधुनिक और हवा से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (Air-Launched Ballistic Missiles) का इस्तेमाल किया था।

आईआरजीसी ने भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस तकनीकी हमले की विस्तृत रूपरेखा को गुप्त रखा है।
​लेबनान पर टिका है भविष्य का अमन

​भले ही ईरान ने फिलहाल अपनी बंदूकें और मिसाइलें शांत कर ली हों, लेकिन मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति की राह अभी भी कांटों भरी है। ईरान ने अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने के साथ ही जो लेबनान वाली शर्त जोड़ी है, वह इजरायल के लिए एक नई चुनौती है। इजरायल लगातार लेबनान में मौजूद हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी कर रहा है, जिसे ईरान का सीधा संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में यदि इजरायल लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो ईरान का यह युद्धविराम किसी भी क्षण टूट सकता है और दोनों देश फिर से आमने-सामने आ सकते हैं। फिलहाल, वैश्विक कूटनीतिज्ञ इस अस्थाई शांति को एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं ताकि दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाया जा सके।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

चीन की लियुशेनयु कोयला खदान में गैस विस्फोट के बाद मलबे में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाती चीनी बचाव दल और एम्बुलेंस की गाड़ियां।

चीन की कोयला खदान में भीषण गैस विस्फोट: 90 मजदूरों की दर्दनाक मौत, कई लापता; राष्ट्रपति चिनफिंग ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

Germany Gurdwara clash between two groups in Duisburg

जर्मनी के गुरुद्वारे में ‘खूनी संघर्ष’: वर्चस्व की जंग में चली गोलियां और कृपाण, 11 घायल; जानें क्या है पूरा विवाद

जापान के इवाते तट पर भूकंप के बाद सुनामी की ऊंची लहरें और क्षतिग्रस्त इमारतें।

जापान में कुदरत का कहर: 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप से कांपा उत्तर-पूर्वी तट, सुनामी की चेतावनी जारी

लेबनान के बेरूत में इजरायली हवाई हमले के बाद मलबे में दबी इमारतें और बचाव कार्य करते लोग।

लेबनान पर इजरायल का भीषण प्रहार: 10 मिनट में दागीं 100 मिसाइलें, 250 की मौत से दहला बेरूत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन में मीडिया के सामने खड़े होकर ईरान को हथियार देने वाले देशों पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा कर रहे हैं, पीछे स्क्रीन पर हिंदी में 'चेतावनी: 50% टैरिफ' लिखा है और वॉशिंगटन स्मारक दिख रहा है।

सीजफायर के बाद ट्रंप का ‘टैरिफ अटैक’: ईरान को हथियार देने वाले देशों पर लगेगा 50% भारी शुल्क

* वाशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रम्प, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर एक टेबल पर बैठकर चर्चा कर रहे हैं। पृष्ठभूमि में एक बड़ी स्क्रीन पर "होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने" की शर्त के साथ "ईरान युद्ध पर दो सप्ताह का ब्रेक" शीर्षक वाला एक नक्शा दिखाई दे रहा है।

मिडल-ईस्ट में बड़ी कूटनीतिक जीत: ट्रंप ने ईरान पर 2 हफ्ते के युद्धविराम का किया एलान, पाकिस्तान की मध्यस्थता ने पलटी बाजी

Leave a Comment