Kashipur Murder Case ने पूरे उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले को हिलाकर रख दिया है। काशीपुर में रामनगर रोड पर राजपुर-प्रतापपुर के समीप सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी एक कार के भीतर से 26 वर्षीय युवक का लहूलुहान शव मिलने से इलाके में भारी सनसनी फैल गई। मृतक के माथे और गर्दन पर धारदार हथियार या गंभीर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं, जिससे परिजनों ने सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। देर रात हुई इस वारदात की खबर लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
Kashipur Murder Case: क्या है पूरी घटना?
घटना सोमवार देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच की बताई जा रही है। रामनगर रोड पर राजपुर और प्रतापपुर के बीच राहगीरों और गश्त कर रहे लोगों ने सड़क किनारे एक लावारिस हालत में खड़ी कार को देखा। जब पास जाकर देखा गया तो कार के भीतर ड्राइविंग सीट के पास एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था।
स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना काशीपुर कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम और आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दरवाजा खोलकर देखा तो युवक दम तोड़ चुका था और उसके शरीर से काफी खून बह रहा था।
26 वर्षीय टेंट व्यवसायी संजीव के रूप में हुई पहचान
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में मृतक की पहचान कुंडेश्वरी क्षेत्र के ग्राम बाजावाला निवासी संजीव (26 वर्ष) पुत्र हरपाल के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, संजीव रामनगर के थारी क्षेत्र में अपना टेंट का कारोबार चलाता था। वह रोजाना की तरह अपने काम के सिलसिले में घर से निकला था, लेकिन देर रात तक जब वह घर वापस नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच कार में शव मिलने की मनहूस खबर ने परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी।
Kashipur Murder Case में परिजनों का हत्या का खुला आरोप
मृतक के शरीर पर मिले गंभीर चोटों के निशानों ने इस पूरे मामले को सीधे तौर पर मर्डर की तरफ मोड़ दिया है। परिजनों का साफ कहना है कि संजीव की किसी ने सुनियोजित तरीके से हत्या की है।
परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने निम्नलिखित अहम बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं:
- गर्दन पर गहरा घाव: संजीव की गर्दन पर किसी धारदार वस्तु या हमले का गहरा निशान मिला है, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि उसकी हत्या करने की नीयत से वार किया गया था।
- माथे पर गंभीर चोट: मृतक के माथे पर भी गहरी चोट के निशान मिले हैं, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि पहले उसके साथ मारपीट या हाथापाई हुई होगी।
- सड़क किनारे लावारिस कार: जिस तरह से कार को सुनसान जगह पर खड़ा किया गया था, उससे लगता है कि वारदात को किसी अन्य स्थान पर अंजाम देकर शव को यहां ठिकाने लगाने की कोशिश की गई या फिर कार रोककर वारदात को अंजाम दिया गया।
रोते-बिलखते परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को बिना किसी देरी के बेनकाब किया जाए और कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच के बिंदु
घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर कार से उंगलियों के निशान और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस की जांच मुख्य रूप से इन पहलुओं पर केंद्रित है:
- सीसीटीवी कैमरों की स्कैनिंग: रामनगर रोड, टोल प्लाजा और आसपास के सभी ढाबों और प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि कार में संजीव के साथ कोई और भी सवार था या नहीं।
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR): पुलिस मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाल रही है ताकि यह जानकारी मिल सके कि सोमवार की शाम और रात को संजीव की अंतिम बातचीत किन-किन लोगों से हुई थी।
- व्यापारिक व व्यक्तिगत रंजिश: पुलिस संजीव के व्यापारिक लेन-देन और निजी संपर्कों के बारे में भी गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि किसी पुरानी रंजिश के कोण की जांच की जा सके।
Kashipur Murder Case: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
कोतवाली प्रभारी और जांच अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और समय की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी। पुलिस टीम संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और अधिकारियों का दावा है कि मामले का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।








