देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और उसके आसपास के पहाड़ी इलाकों में बीते कुछ घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रहे जलभराव और नदियों के उफान को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने पूरे जिले की पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
आपातकालीन स्थितियों से निपटने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी स्वयं कमान संभालते हुए पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
नदी-नाले उफान पर, संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण देहरादून के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। नदी और बरसाती नाले अपने उफान पर हैं, जिससे निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील और डेंजर ज़ोन वाले स्थानों पर पुलिस की विशेष टीमें तैनात कर दी हैं। यह टीमें चौबीसों घंटे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त (भ्रमण) कर रही हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या जलभराव की स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके।
रातभर चला अलर्ट और रेस्क्यू अभियान, लाउडस्पीकर से दी जा रही चेतावनी
देहरादून पुलिस की टीमें केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में भी जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में मुस्तैद दिखीं।
- लाउड हेलर से लगातार मुनादी: पुलिस कर्मियों द्वारा नदी-नालों के किनारों और जलभराव की मार झेल रहे इलाकों में लाउड हेलर (माइक) के जरिए लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने को कहा जा रहा है।
- नदियों के पास जाने पर सख्त पाबंदी: जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है। अक्सर लोग उफनती नदियों के किनारे वीडियो बनाने या देखने चले जाते हैं, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं।
खतरे की जद में आए मकानों को कराया गया खाली, सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए लोग
भारी बारिश के चलते मिट्टी धंसने और जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बने कई मकानों पर ढहने का खतरा मंडराने लगा है। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बेहद संवेदनशील और संभावित खतरे वाले मकानों को चिन्हित किया।
इन घरों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित निकालते हुए प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। पुलिस का मुख्य फोकस इस समय जान-माल के नुकसान को शून्य (Zero Casualty) पर रखना है।
एसएसपी खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग, कंट्रोल रूम को किया एक्टिव
देहरादून के एसएसपी इस पूरी आपदा प्रबंधन की कार्रवाई की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनके निर्देशों पर जिला आपदा कंट्रोल रूम और पुलिस के वायरलेस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है।
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एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में आपदा उपकरणों (Rescue Equipment) को तैयार रखें और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF/NDRF) के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें।
मौसम विभाग की चेतावनी: रहें सतर्क, टालें अनावश्यक यात्राएं
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी देहरादून और आसपास के पहाड़ी जनपदों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) का खतरा काफी बढ़ गया है।
प्रशासन की जनता से अपील:
- उफनते नदी-नालों और रपटों (Causeways) को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।
- जब तक बहुत जरूरी न हो, पहाड़ों की अनावश्यक यात्राओं से बचें।
2.किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना तुरंत आपातकालीन नंबरों (112/108) पर दें।
देहरादून पुलिस और प्रशासन इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और नागरिकों से भी सहयोग व सतर्कता बरतने की उम्मीद कर रहा है।







