अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड पर अगले 24 घंटे भारी: 7 जिलों में ‘हाई इंटेंसिटी’ मूसलाधार बारिश का अलर्ट, प्रशासन मुस्तैद

On: July 9, 2026 8:33 AM
Follow Us:
Heavy rain and landslide warning signboards on a dangerous mountain road in Uttarakhand during monsoon.

​मुख्य बिंदु:

  • ​समय अवधि: गुरुवार सुबह 10:55 बजे से शुक्रवार सुबह 10:55 बजे तक बेहद नाजुक समय।
  • ​प्रभावित जिले: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका।
  • ​सुरक्षा उपाय: कई जिलों में स्कूल बंद, चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की सख्त सलाह।

​देहरादून।

देवभूमि उत्तराखंड में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) और राज्य सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के सात जिलों में अगले 24 घंटों के लिए ‘हाई इंटेंसिटी’ (अत्यधिक भारी वर्षा) का अलर्ट जारी किया है। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह हाई अलर्ट गुरुवार सुबह 10:55 बजे से प्रभावी हो चुका है, जो शुक्रवार सुबह 10:55 बजे तक लागू रहेगा।

​इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और मैदानी इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा होने की आशंका जताई गई है। शासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को 24 घंटे हाई अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

​इन 7 जिलों में मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा

​मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य के सात जिलों में मानसून की सबसे ज्यादा मार पड़ने वाली है। इन जिलों में शामिल हैं:

  1. ​देहरादून
  2. ​टिहरी
  3. ​पौड़ी
  4. ​हरिद्वार
  5. ​ऊधम सिंह नगर
  6. ​नैनीताल
  7. ​चम्पावत

​इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के साथ ही ‘अत्यंत तीव्र’ (Extremely Heavy Rainfall) बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ ही घंटों में अत्यधिक पानी बरसने के कारण अचानक बाढ़ (Flash Floods) जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।

​नदी, नाले और ‘गधेरों’ से दूर रहने की सख्त हिदायत

​लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तराखंड की प्रमुख नदियों के साथ-साथ स्थानीय बरसाती नालों और पहाड़ी ‘गधेरों’ (छोटे बरसाती स्रोतों) का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र (USDMA) ने जनता के लिए एक जरूरी गाइडलाइन जारी की है:

  • ​आम नागरिक और पर्यटक किसी भी सूरत में उफनती नदियों या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं।
  • ​पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि भारी बारिश के कारण चट्टानें खिसकने और मलबे के सड़कों पर आने का खतरा बढ़ जाता है।
  • ​बहुत जरूरी न हो, तो अगले 24 से 48 घंटों तक पहाड़ी क्षेत्रों की अनावश्यक यात्राओं को टाल दें।

​विशेष नोट: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि इस मौसम में जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

ये भी पढ़े➜​देहरादून में बारिश का कहर: जुड्डो हाईवे पर चलती कार पर पहाड़ी से गिरा भारी मलबा, बाल-बाल बची जान

  • ​चारधाम यात्रा पर पैनी नजर, श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी
  • ​वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
  • ​यात्रियों के लिए जारी विशेष सलाह में कहा गया है कि वे जहाँ हैं, वहीं सुरक्षित स्थानों पर रुकें और मौसम की ताजा रिपोर्ट (Weather Update) देखने के बाद ही आगे का सफर तय करें। संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है ताकि भूस्खलन की स्थिति में यात्रियों को किसी बड़ी मुसीबत का सामना न करना पड़े।
    • ​आपदा राहत दल (SDRF/NDRF) अलर्ट पर, अधिकारियों को कड़े निर्देश
  • ​मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर जिलाधिकारियों (DMs) तक, पूरी सरकारी मशीनरी इस समय हाई अलर्ट पर है। आपदा राहत दलों जैसे SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) और स्थानीय पुलिस को उन सभी संवेदनशील हॉटस्पॉट्स पर तैनात कर दिया गया है जहाँ पहले भी भूस्खलन या बाढ़ की घटनाएं हो चुकी हैं।
  • ​सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखें। सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी (JCB) और भारी मशीनरी को संवेदनशील मार्गों पर पहले से ही तैनात कर दिया गया है ताकि मार्ग बाधित होने पर उसे तुरंत चालू किया जा सके। इसके साथ ही, अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए दवाइयों और बैकअप के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
  • ​आम जनता क्या करे? (सुरक्षा टिप्स)
  • ​मौसम पर रखें नजर: रेडियो, टीवी या सोशल मीडिया के माध्यम से मौसम विभाग की चेतावनियों को लगातार सुनते रहें।
  • ​सफर से बचें: रात के समय पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाने से पूरी तरह परहेज करें।
  • ​इमरजेंसी नंबर: अपने पास जिला आपदा प्रबंधन केंद्र और स्थानीय पुलिस का आपातकालीन नंबर जरूर रखें।
  • ​सुरक्षित स्थानों पर शरण लें: यदि आप किसी ऐसे मकान या क्षेत्र में रहते हैं जहाँ भूस्खलन या जलभराव का खतरा है, तो तुरंत प्रशासन की मदद से सुरक्षित शिविरों में चले जाएं।
  • ​उत्तराखंड के लिए अगले 24 घंटे किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं हैं। शासन और प्रशासन अपनी तरफ से पूरी तैयारी का दावा कर रहे हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदा के इस दौर में जनता का सहयोग और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव साबित होगी। 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​देहरादून में बारिश का कहर: जुड्डो हाईवे पर चलती कार पर पहाड़ी से गिरा भारी मलबा, बाल-बाल बची जान

Rudrapur Missing Girl case: A 23-year-old woman mysteriously disappeared after leaving home for coaching in Rudrapur

Rudrapur Missing Girl: कोचिंग के लिए घर से निकली 23 वर्षीय युवती रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता, पुलिस ने तेज की जांच

Badrinath Temple Donation Theft investigation at Badrinath Dham with police examining CCTV footage and donation counting records.

Badrinath Temple Donation Theft: बदरीनाथ धाम दान विवाद, सरकारी पीए पर FIR दर्ज, CCTV फुटेज और गवाहों के आधार पर होगी गहन जांच!

​₹743 करोड़ से चमकेगा भानियावाला-ऋषिकेश हाईवे: बनेगा फोर-सिक्सलेन, हाथियों के सुरक्षित सफर के लिए बनेंगे 5 अंडरपास

High-level committee begins Badrinath Temple Donation Investigation into alleged donation and offering management irregularities at Badrinath Dham.

Badrinath Temple Donation Investigation: बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे पर उठे सवाल, धामी सरकार ने बनाई हाई लेवल जांच समिति

पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर: तवाघाट हाईवे बंद होने से चीन सीमा से संपर्क टूटा, दर्जनों ग्रामीण सड़कें बदहाल

Leave a Comment