दून प्राइम न्यूज़ ब्यूरो, देहरादून
9 जुलाई 2026
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित राज्य के कई हिस्सों में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा देहरादून जिले के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार चौहान ने कल यानी 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को जनपद के सभी शासकीय, गैर-शासकीय, निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा की स्थिति को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शिक्षण संस्थाओं को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर जिलाधिकारी का बड़ा फैसला, इन पर लागू होगा आदेश
मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी के तुरंत बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार चौहान द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, 10 जुलाई को देहरादून जिले के अंतर्गत संचालित होने वाले सभी शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह बंद रहेंगे। यह आदेश निम्नलिखित पर अनिवार्य रूप से लागू होगा:
- सभी सरकारी विद्यालय: कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक।
- अशासकीय व सहायता प्राप्त स्कूल: कक्षा 1 से 12वीं तक।
- सभी निजी (प्राइवेट) स्कूल: सीबीएसई, आईसीएसई और राज्य बोर्ड से संबद्ध कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल।
- आंगनबाड़ी केंद्र: जनपद के समस्त बाल विकास एवं आंगनबाड़ी केंद्र।
मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी क्षेत्रों में इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं। यदि कोई भी स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करते हुए खुला पाया गया, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मौसम विभाग की चेतावनी: क्यों जारी हुआ ‘रेड अलर्ट’?
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के आपस में टकराने के कारण उत्तराखंड में मानसूनी हवाएं बेहद शक्तिशाली हो गई हैं।
इसी के चलते अगले 24 से 48 घंटों में देहरादून और आसपास के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को देहरादून जनपद में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका जताई है। इसके साथ ही, बादलों की तेज गर्जना, आकाशीय बिजली (Lightning) चमकने और बहुत तीव्र बौछारें पड़ने की भी चेतावनी दी गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और मैदानी इलाकों में जलभराव (Waterlogging) का खतरा काफी बढ़ गया है।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, 100 से अधिक मार्ग बाधित
पिछले 24 घंटों से उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हो रही लगातार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गढ़वाल और कुमाऊं दोनों ही संभागों में नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगभग 107 से अधिक संपर्क मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए बाधित हो गए हैं, जिन्हें खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा
प्रशासन की आम जनता से अपील: अनावश्यक यात्राओं से बचें
मौसम की संवेदनशीलता और रेड अलर्ट की गंभीरता को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए एक आवश्यक एडवाइजरी (Advisory) जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि:
- अनावश्यक यात्रा से बचें: लोग बहुत जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर न निकलें और विशेषकर रात के समय पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें।
2.जल स्रोतों से दूर रहें: नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और उफनते हुए नदी-नालों को पार करने का दुस्साहस न करें।
3.अफवाहों पर ध्यान न दें: किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
24 घंटे आपदा प्रबंधन टीम तैनात
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार चौहान ने सभी उपजिलाधिकारियों (SDMs), तहसीलदारों और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को चौबीसों घंटे ‘हाई अलर्ट’ (High Alert) पर रहने का आदेश दिया है।
संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों को तैनात कर दिया गया है ताकि मार्ग बंद होने पर उन्हें तुरंत खोला जा सके। इसके अलावा, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी जलभराव या आपदा की स्थिति में प्रभावितों को तुरंत चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके। प्रशासन का कहना है कि जलभराव वाले निचले इलाकों में पानी की निकासी के लिए पंपों की व्यवस्था की गई है।
दून प्राइम न्यूज़ की सलाह
दून प्राइम न्यूज़ अपने सभी पाठकों और देहरादून वासियों से अपील करता है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। अपने बच्चों को घरों में ही रखें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा कंट्रोल रूम के नंबरों पर तुरंत संपर्क करें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।







