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West Bengal : हल्दिया रिफाइनरी की नैफ्था पाइपलाइन में भीषण विस्फोट, 15 कर्मचारी झुलसे; रेल सेवा ठप, इलाके में दहशत

On: June 30, 2026 4:44 AM
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​कोलकाता/हल्दिया। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। मंगलवार तड़के हल्दिया रिफाइनरी (हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स) की नैफ्था सप्लाई पाइपलाइन में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई।

इस भयानक दुर्घटना में अब तक कम से कम 15 कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने पास के रिहायशी इलाके को भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए दमकल की 12 गाड़ियों को तुरंत तैनात किया गया, जो कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुटी हैं।


​तड़के 4 बजे धमाके से दहला इलाका, घरों तक पहुंची आग की लपटें

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार सुबह करीब चार बजे उस समय हुआ जब ज्यादातर लोग सो रहे थे। हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की मुख्य नैफ्था पाइपलाइन में अचानक एक भीषण विस्फोट हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट के तुरंत बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते लपटें हल्दिया नगर पालिका के वार्ड नंबर 13 स्थित चिरंजीबपुर इलाके तक फैल गईं।


​अचानक हुए इस धमाके और आसमान छूती आग की लपटों को देखकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासी अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पाइपलाइन में धमाके के महज कुछ ही मिनटों के भीतर आसपास के कई घरों में भी आग लग गई, जिससे वहां खड़ी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

​दो की हालत अत्यंत नाजुक, मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए मरीज

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल कर्मी और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग के बीच से 15 झुलसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी हल्दिया महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद पांच मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तमलुक मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल हुए लोगों में से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।


​हादसे की खबर मिलते ही हल्दिया के स्थानीय विधायक प्रदीप बिजली तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से मुलाकात कर घायलों के इलाज की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। विधायक ने आशंका जताई कि संभवतः पाइपलाइन से नैफ्था गैस के रिसाव (Leakage) के कारण यह ब्लास्ट हुआ होगा। हालांकि, रिसाव के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

​रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त, हावड़ा जाने वाली ट्रेनें रोकी गईं

​इस भीषण औद्योगिक हादसे का सीधा असर क्षेत्र की रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। जिस स्थान पर नैफ्था पाइपलाइन में विस्फोट हुआ, उसके बिल्कुल समीप से ही हल्दिया-पांशकुड़ा रेल मार्ग गुजरता है। आग की भीषण गर्मी और लपटों के कारण रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइनें और ट्रांसफार्मर पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। इसके साथ ही रेलवे ट्रैक (पटरी) का एक हिस्सा भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है।


​सुरक्षा के लिहाज से और किसी भी अन्य बड़ी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने हल्दिया से हावड़ा जाने वाली यात्री ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया है। रेल यातायात पूरी तरह बाधित होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे के तकनीकी कर्मचारी स्थिति को सामान्य करने और ट्रैक की मरम्मत के लिए रूट के क्लियर होने का इंतजार कर रहे हैं।

​प्रबंधन का बयान: सुरक्षा पहली प्राथमिकता, जांच के आदेश

​इस बड़ी लापरवाही और हादसे पर हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स प्रबंधन ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी प्रशासन ने कहा है कि इस दुखद घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इस समय उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित हुए कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।

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​जानिए क्या होता है ‘नैफ्था’ और यह कितना खतरनाक है?

​इस हादसे के बाद एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर नैफ्था क्या है और यह कितना खतरनाक साबित हो सकता है।

  • ​अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ: नैफ्था कच्चे तेल (Crude Oil) के शोधन (Refining) के दौरान प्राप्त होने वाला एक अत्यधिक वाष्पशील और तेजी से आग पकड़ने वाला हाइड्रोकार्बन तरल होता है।
  • ​कच्चे तेल का हिस्सा: जब रिफाइनरी में कच्चे तेल को उबाला जाता है, तो पेट्रोल बनने से ठीक पहले नैफ्था वाष्प (Vapor) के रूप में अलग हो जाता है। यह कुल कच्चे तेल का लगभग 15% से 30% तक होता है।
  • ​औद्योगिक उपयोग: इसका प्राथमिक उपयोग पेट्रोकेमिकल उद्योगों में प्लास्टिक, सिंथेटिक रबर और अन्य रसायन बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग पेट्रोल की गुणवत्ता (Octane Rating) सुधारने, पेंट, वार्निश, पॉलिश और ड्राई क्लीनिंग उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है। बेहद वाष्पशील होने के कारण हवा के संपर्क में आते ही यह तेजी से फैलता है और एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े विस्फोट का कारण बन जाती है।

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