अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

​DEHRADUN : प्रेमनगर-नंदा की चौकी पुल का काम 95% पूरा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने 10 दिनों में जनता को सौंपने का दिया भरोसा

On: June 30, 2026 11:05 AM
Follow Us:

​हाईलाइट्स:

  • ​पिछले साल मानसून की आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था टौंस नदी पर बना यह मुख्य पुल।
  • ​लोक निर्माण विभाग (PWD) और NHAI मिलकर लगभग ₹16 करोड़ की लागत से कर रहे हैं पुनर्निर्माण।
  • ​सुरक्षा के लिहाज से ‘ओपन फाउंडेशन’ की जगह आधुनिक ‘वेल फाउंडेशन’ तकनीक का किया गया इस्तेमाल।
  • ​नदी के दोनों छोरों पर बन रही है मजबूत आरसीसी (RCC) सुरक्षा दीवार, बरसात से पहले मिलेगी बड़ी राहत।
    ​देहरादून (ब्यूरो)।

राजधानी देहरादून के प्रेमनगर और विकासनगर क्षेत्र को जोड़ने वाले नंदा की चौकी (टौंस नदी) पुल से सफर करने वाले लाखों स्थानीय निवासियों और यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। पिछले साल मानसून के दौरान आई भीषण आपदा में क्षतिग्रस्त हुए इस महत्वपूर्ण पुल का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतपाल महाराज ने स्वयं निर्माण स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि अगले 10 दिनों के भीतर इस पुल को पूरी तरह चालू कर आम जनता को समर्पित कर दिया जाए।
​आपदा की मार और अस्थायी मार्ग की मुश्किलें

​गौरतलब है कि पिछले साल उत्तराखंड में मानसून ने जबरदस्त तबाही मचाई थी। इस आफत की बारिश का असर केवल पर्वतीय जिलों तक सीमित नहीं था, बल्कि मैदानी और अर्ध-पर्वतीय इलाकों जैसे देहरादून में भी भारी नुकसान हुआ था। इसी दौरान टौंस नदी में आए उफान और बादल फटने जैसी घटना के कारण प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल का एक पिलर अचानक तिरछा हो गया था। सुरक्षा कारणों से इस पुल पर वाहनों की आवाजाही को तुरंत रोक दिया गया था।


​पुल बंद होने के बाद से ही क्षेत्र के लोग और चारधाम जाने वाले यात्री नदी के भीतर बनाए गए एक अस्थायी (डायवर्जन) मार्ग से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर थे। सर्दियों और गर्मियों में तो जैसे-तैसे काम चल गया, लेकिन आगामी मानसून की दस्तक को देखते हुए स्थानीय जनता के बीच इस मार्ग के बहने और संपर्क टूटने का डर लगातार बना हुआ था। इसी गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इस कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने का जिम्मा उठाया।

​₹16 करोड़ का बजट और आधुनिक ‘वेल फाउंडेशन’ का इस्तेमाल

​कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मौके पर पहुंचकर लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस पूरे पुनर्निर्माण और सुरक्षात्मक कार्य पर लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इस बार सरकार ने भविष्य की आपदाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया है।


​पुल को दीर्घकालिक और अत्यधिक सुरक्षित बनाने के लिए पारंपरिक ‘ओपन फाउंडेशन’ तकनीक को छोड़ दिया गया है। इसके बजाय, गहरे और बेहद मजबूत ‘वेल फाउंडेशन’ (Well Foundation) तकनीक का उपयोग कर नया पिलर खड़ा किया गया है। मंत्री महाराज ने तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि जो पिलर तिरछा हो गया था, उसे पूरी तरह हटाकर उसकी जगह आधुनिक पिलर तैयार किया गया है और पूरे पुल के ढांचे को अब उस पर सुरक्षित रूप से स्थापित (जैक) कर दिया गया है।

​लागत कम करने का अनूठा प्रयास

​निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि इस परियोजना में इंजीनियरिंग कौशल का बेहतरीन नमूना पेश किया गया है।

पुराने पुल के उन हिस्सों और पिलरों का दोबारा इस्तेमाल किया गया है जो पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत थे। ऐसा करने से न केवल समय की बचत हुई है, बल्कि परियोजना की कुल निर्माण लागत को भी काफी हद तक कम करने में सफलता मिली है। सरकारी धन के इस सदुपयोग की उन्होंने सराहना की।

​बरसात से पहले सुरक्षा चक्र: आरसीसी वॉल का निर्माण

​पुल को चालू करने के साथ-साथ नदी के दोनों किनारों को सुरक्षित करने का काम भी तेजी से चल रहा है। टौंस नदी के दोनों ओर आरसीसी (Reinforced Cement Concrete) की मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है, ताकि तेज बहाव के समय किनारों का कटान न हो। इसके अलावा, पुल के जो अन्य तीन पिलर पहले से सुरक्षित थे, उन्हें भी अतिरिक्त सुरक्षा कवच देने के लिए विशेष तकनीकी कार्य कराया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी आकस्मिक बाढ़ का इन पर कोई असर न पड़े।


​कैबिनेट मंत्री ने कहा, “हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ऐसे स्थायी और सुरक्षित इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है जो दशकों तक जनता का साथ दें। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आने वाले मानसून में स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की कनेक्टिविटी की समस्या का सामना न करना पड़े।”

ये भी पढ़े➜​उत्तराखंड को केंद्र की बड़ी सौगात: PM कृषि सिंचाई योजना के लिए ₹31.58 करोड़ की अतिरिक्त मदद मंजूर, सितंबर 2026 तक बढ़ी समय-सीमा

​चारधाम यात्रियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील

​अपने दौरे के दौरान सतपाल महाराज ने उत्तराखंड में चल रही सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यात्रा पूरी तरह से सुचारू और सुरक्षित रूप से संचालित हो रही है। देश-विदेश से रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार, बदरी विशाल और गंगोत्री-यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और शांति व संयम बनाए रखें, ताकि देवभूमि आने वाले किसी भी यात्री को असुविधा न हो।


​निरीक्षण के दौरान लोनिवि के मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता और NHAI के कई वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री की इस घोषणा के बाद प्रेमनगर, सुद्धोवाला, झाझरा और विकासनगर रूट पर चलने वाले दैनिक यात्रियों ने राहत की सांस ली

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​Dehradun Kidnapping Attempt Case: देहरादून में महिला के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला, 11 लाख के विवाद में एक गिरफ्तार

​Dehradun Crime News: देहरादून में बेखौफ बदमाशों की दबंगई, सहस्रधारा रोड पर स्कूटी सवार महिला के अपहरण की कोशिश

​Dehradun Crime News: रायवाला में बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या, कमरे में ताला लगाकर फरार हुए हत्यारे

​देहरादून में बदमाशों के हौसले बुलंद: विकासनगर में घर में घुसकर की लूटपाट, बुजुर्ग/व्यक्ति को पीट-पीटकर किया अधमरा, सोना-चांदी लेकर फरार

​Vikasnagar Crime News: विकासनगर में बेटी के जन्मदिन पर खूनी रंजिश, कहासुनी के बाद युवक के सीने में घोंपा चाकू, मौत

​Dehradun Traffic Police Night Checking: दून की सड़कों पर उतरी पुलिस, धड़ाधड़ कटे चालान और सीज हुईं गाड़ियां

Leave a Comment