देहरादून/ऋषिकेश।
उत्तराखंड की पावन धरा पर आज उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का प्रथम आगमन हुआ। उनके इस दौरे को लेकर प्रशासन और सरकार की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनके उतरते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने पुष्पगुच्छ भेंट कर देवभूमि में उनका आत्मीय स्वागत किया। हवाई अड्डे पर उपराष्ट्रपति को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया।
एयरपोर्ट पर जुटा दिग्गज नेताओं का जमावड़ा
उपराष्ट्रपति के स्वागत के लिए जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रदेश के कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और भाजपा के दिग्गज नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपराष्ट्रपति के आगमन को राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया। औपचारिक मुलाकात और स्वागत समारोह के बाद उपराष्ट्रपति का काफिला कड़ी सुरक्षा के बीच एम्स (AIIMS) ऋषिकेश के लिए रवाना हुआ।
एम्स ऋषिकेश में विशेष कार्यक्रम
उपराष्ट्रपति का यह दौरा मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक संवाद पर केंद्रित है। एम्स ऋषिकेश पहुंचने पर संस्थान के निदेशक और वरिष्ठ चिकित्सकों ने उनका स्वागत किया। यहाँ उपराष्ट्रपति विभिन्न चिकित्सा परियोजनाओं का अवलोकन करेंगे और संस्थान के मेधावी छात्रों व संकाय सदस्यों के साथ संवाद करेंगे। एम्स प्रशासन ने इस दौरे को लेकर विशेष तैयारियां की हैं, जिससे संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को उपराष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
तीन लेयर में किले में तब्दील हुआ इलाका: अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था
उपराष्ट्रपति की गरिमा और सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र को एक अभेद्य किले में बदल दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे रूट और आयोजन स्थलों को तीन विशेष सुरक्षा जोन में विभाजित किया है:
- प्रथम जोन (जौलीग्रांट एयरपोर्ट): यहाँ हवाई अड्डे के भीतर और बाहरी परिधि की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
- द्वितीय जोन (एम्स हेलीपैड): हेलीपैड के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
- तृतीय जोन (मुख्य कार्यक्रम स्थल): एम्स परिसर के भीतर जहाँ मुख्य कार्यक्रम आयोजित होना है, वहाँ चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती है।
इन तीनों जोन की कमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए अधिकारियों को सीधे रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी, चेकिंग अभियान तेज
क्षेत्राधिकारी (सीओ) नीरज सेमवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उपराष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और खुफिया एजेंसियों के जवानों को तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
”सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक के मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस पिकेट तैनात की गई हैं और आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।” – नीरज सेमवाल, सीओ
इसके अलावा, वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए जीरो ज़ोन और डायवर्जन प्लान भी लागू किए गए हैं।
देवभूमि में विकास और स्वास्थ्य पर चर्चा
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उपराष्ट्रपति का यह दौरा उत्तराखंड में उच्च शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा देने वाला साबित होगा। एम्स ऋषिकेश न केवल उत्तराखंड, बल्कि पड़ोसी राज्यों के लिए भी जीवनदायिनी संस्थान है। उपराष्ट्रपति द्वारा यहाँ की सुविधाओं का जायजा लेना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार हिमालयी राज्यों में बुनियादी ढांचों के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दे रही है।
निष्कर्ष
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का यह दौरा प्रोटोकॉल के साथ-साथ राज्य के विकास की समीक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री धामी और राज्यपाल के साथ उनकी संक्षिप्त वार्ता में राज्य के विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। फिलहाल, एम्स ऋषिकेश में उपराष्ट्रपति के कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है और प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है।










