देहरादून (ब्यूरो)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस द्वारा अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’, ‘नाइट वॉच’ और ‘क्रैकडाउन’ जैसे बड़े अभियानों के दावों के बीच, अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र का है, जहाँ एक निजी अस्पताल के कर्मचारी पर कांच की टूटी बोतल से जानलेवा हमला किया गया। विवाद शांत कराने पहुंचे युवक के गले पर बोतल से वार कर उसे मरणासन्न कर दिया गया।
बीच-बचाव करना पड़ा भारी: अस्पतालकर्मी पर हमला
जानकारी के अनुसार, घटना रविवार रात (19 अप्रैल) करीब 10:30 बजे की है। चमन विहार स्थित एक अंग्रेजी शराब की दुकान के पास कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो रही थी। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। इसी दौरान माजरा स्थित एक अस्पताल में कार्यरत हिमांशु अरोड़ा वहां से गुजर रहा था।
हिमांशु अपने दोस्त की कैंटीन से खाना लेने निकला था, लेकिन अपने दोस्तों को मारपीट में घिरा देख वह बीच-बचाव करने लगा। इसी दौरान हमलावरों में से एक ने शराब की टूटी हुई बोतल से हिमांशु के गले पर जोरदार प्रहार कर दिया। हमला इतना सटीक और गहरा था कि हिमांशु के गले की नस कट गई और वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा।
अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग
गंभीर रूप से घायल हिमांशु को उसके दोस्तों ने तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, गले में गहरा कट लगने के कारण काफी खून बह चुका था, जिसके चलते देर रात उसकी सर्जरी की गई। फिलहाल हिमांशु की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वह आईसीयू (ICU) में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल: परिजनों का फूटा गुस्सा
घटना के बाद पीड़ित के भाई दीपांशु अरोड़ा ने पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपांशु का कहना है कि घटना के वक्त 8 से 9 लोग शामिल थे, जिनमें से कुछ को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। राजधानी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या जैसी बड़ी वारदातों के बाद भी पुलिस का ‘इंटेलिजेंस’ और ‘नाइट पेट्रोलिंग’ सिस्टम सवालों के घेरे में है।
चार नामजद समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज
कोतवाली पटेल नगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दीपांशु अरोड़ा की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (1) के तहत हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने हमले में शामिल चार मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली है।
नामजद आरोपी:
- मानव
- आयुष
- हिमांशु
- ओम सिंह
कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
दून में बढ़ता क्राइम: क्या केवल कागजों पर हैं ‘ऑपरेशन’?
देहरादून में पिछले कुछ महीनों में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। पुलिस मुख्यालय से लगातार ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’ और ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ जैसे आदेश जारी होते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि शराब की दुकानों के पास देर रात तक जमावड़ा और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। चमन विहार जैसी व्यस्त जगह पर सरेआम गला रेतने की घटना ने स्थानीय निवासियों में भी दहशत पैदा कर दी है।
निष्कर्ष
राजधानी में सुरक्षित माहौल का दावा करने वाली पुलिस के लिए यह घटना एक बड़ी चुनौती है। यदि सरेआम बीच-बचाव करने वाले नागरिक ही अपराधियों का शिकार होने लगेंगे, तो समाज में असुरक्षा की भावना और अधिक प्रबल होगी। अब देखना यह होगा कि पटेल नगर पुलिस कितनी जल्दी इन ‘हाई-प्रोफाइल’ आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।









