रुड़की/बेंगलुरु: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पिरान कलियर क्षेत्र से अगवा की गई एक नाबालिग बच्ची को पुलिस ने करीब 2500 किलोमीटर दूर बेंगलुरु से सकुशल बरामद कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने लखनऊ की रहने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी महिला बच्ची से न केवल भीख मंगवा रही थी, बल्कि उसे देश से बाहर श्रीलंका ले जाने की फिराक में भी थी। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी (Human Trafficking) गिरोह सक्रिय है।
झांसा देकर किया था अपहरण
घटनाक्रम की शुरुआत 10 अप्रैल को हुई थी, जब पिरान कलियर क्षेत्र से एक नाबालिग बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। जांच में सामने आया कि मुस्लिम नगर, बक्शी थाना जानकीपुरम (लखनऊ) की रहने वाली राबिया नाम की महिला कुछ समय पहले ही कलियर आई थी। उसने बच्ची को नए कपड़े दिलाने का लालच दिया और उसे अपने साथ ले गई। जब काफी समय तक बच्ची घर नहीं लौटी, तो परिजनों में हड़कंप मच गया।
लोकेशन के आधार पर बेंगलुरु में दबिश
एसपी देहात शेखर चन्द्र सुयाल ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कई टीमें गठित कीं। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और आरोपी महिला के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया गया। मोबाइल लोकेशन लगातार बदल रही थी, जिससे पुलिस को अंदेशा हुआ कि आरोपी बच्ची को लेकर राज्य से बाहर निकल गई है। अंततः लोकेशन कर्नाटक के बेंगलुरु में मिली, जिसके बाद उत्तराखंड पुलिस की एक विशेष टीम को वहां भेजा गया। बेंगलुरु पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर आरोपी महिला राबिया को गिरफ्तार कर लिया गया और बच्ची को उसके चंगुल से मुक्त कराया गया।
दिल्ली से बेंगलुरु तक का सफर और खौफनाक इरादे
पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। आरोपी महिला बच्ची को कलियर से सीधे दिल्ली ले गई। दिल्ली में कुछ दिन रुकने के बाद वह उसे अलग-अलग शहरों में घुमाती रही ताकि पुलिस की नजरों से बच सके। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने इस दौरान बच्ची का मानसिक और शारीरिक शोषण किया और उससे सार्वजनिक स्थानों पर भीख मंगवाई।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि राबिया बच्ची को लेकर श्रीलंका जाने की योजना बना रही थी। वह अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के लिए सही समय और माध्यम की तलाश में थी। पुलिस अब इस बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रही है कि वह बच्ची को श्रीलंका क्यों ले जाना चाहती थी? क्या वह बच्ची को वहां किसी को बेचने वाली थी या किसी बड़े रैकेट के इशारे पर काम कर रही थी?
मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क का अंदेशा
एसपी देहात ने बताया कि महिला कुछ दिन पहले ही लखनऊ से कलियर आकर रहने लगी थी। इससे यह संदेह गहरा रहा है कि वह पहले से ही ऐसे बच्चों की तलाश में थी जिन्हें आसानी से बरगलाया जा सके। पुलिस इस बात की भी जानकारी जुटा रही है कि राबिया के संपर्क किन-किन लोगों से हैं और क्या उसने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है।
”महिला बच्ची को कपड़े दिलाने का झांसा देकर ले गई थी। पूछताछ में बच्ची से भीख मंगवाने की बात सामने आई है। आरोपी महिला बच्ची को श्रीलंका ले जाने की फिराक में थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने उसे दबोच लिया। हम इसके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रहे हैं।”
— शेखर चन्द्र सुयाल, एसपी देहात (हरिद्वार)
बच्ची की हालत और आगे की कार्रवाई
बरामद की गई बच्ची को फिलहाल संरक्षण में लिया गया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। लंबी दूरी के सफर और डर के कारण बच्ची सहमी हुई है। उसे वापस लाने के बाद मेडिकल परीक्षण कराया गया है। आरोपी महिला राबिया के खिलाफ अपहरण और मानव तस्करी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सवाल
पिरान कलियर जैसे धार्मिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बाहरी लोगों का बिना सत्यापन (Verification) के रहना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस ने एक बार फिर स्थानीय निवासियों और होटल/गेस्ट हाउस संचालकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को शरण देने से पहले उसकी सूचना पुलिस को जरूर दें।
यह मामला पुलिस की सतर्कता के कारण सुलझ गया, अन्यथा एक मासूम जिंदगी अंतरराष्ट्रीय तस्करी के दलदल में फंस सकती थी। फिलहाल, पुलिस की टीमें लखनऊ और बेंगलुरु के कुछ संदिग्ध संपर्कों पर नजर रखे हुए हैं ताकि इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
मुख्य बिंदु:
- दिनांक: 10 अप्रैल को कलियर से हुई थी किडनैपिंग।
- आरोपी: राबिया (निवासी लखनऊ)।
- बरामदगी: बेंगलुरु से हुई गिरफ्तारी।
- खुलासा: बच्ची से मंगवाई गई भीख, श्रीलंका भेजने की थी साजिश।






