मैनपुरी, उत्तर प्रदेश।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव बखतपुर में एक देवर और उसकी भाभी के शव शनिवार सुबह गांव के बाहर एक जामुन के पेड़ पर लटके पाए गए। इस दोहरी आत्महत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि मौत से चंद घंटे पहले दोनों ने परिवार के साथ एक धार्मिक उत्सव में जमकर डांस किया था और काफी खुश नजर आ रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बखतपुर निवासी 18 वर्षीय अखिलेश कश्यप के चाचा भीमसेन शुक्रवार को शीतला माता मंदिर में ‘नेजा’ (धार्मिक ध्वज) चढ़ाने गए थे। इस मांगलिक कार्यक्रम में अखिलेश, उसकी मौसी के लड़के की पत्नी यानी उसकी 30 वर्षीय भाभी सरोजनी और परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए थे। शाम को धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सभी लोग खुशी-खुशी गांव वापस लौटे।
रात में घर के बाहर जश्न का माहौल था और डीजे लगाया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, अखिलेश और सरोजनी ने रात करीब 11 बजे तक डीजे की धुन पर जमकर डांस किया। उस वक्त किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी जश्न साबित होने वाला है।
जश्न के बाद मौत का सन्नाटा
नाच-गाना खत्म होने के बाद परिवार के सभी सदस्य सोने चले गए। माना जा रहा है कि जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तब अखिलेश और सरोजनी चुपचाप घर से निकल गए। शनिवार की सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर निकले, तो गांव से करीब 400 मीटर दूर पूर्व दिशा में स्थित एक बाग में जामुन के पेड़ पर दोनों के शव एक ही फंदे से लटके हुए मिले।
देखते ही देखते वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही थाना एलाऊ पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को फंदे से नीचे उतरवाकर अपने कब्जे में लिया।
परिजनों की रहस्यमयी चुप्पी
इस घटना ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां पूरा परिवार शुक्रवार रात तक उत्सव मना रहा था, वहीं अचानक ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने आत्मघाती कदम उठा लिया? सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस मामले में मृतका के ससुराल वाले और अखिलेश के परिजन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। परिजनों की यह चुप्पी पुलिस की जांच को और अधिक जटिल बना रही है।
गांव में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। कुछ लोग इसे प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे पारिवारिक कलह का परिणाम मान रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और न ही किसी ने कोई शिकायत दर्ज कराई है
पुलिस की कार्रवाई और जांच
थाना प्रभारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार:
- फॉरेंसिक साक्ष्य: मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं।
- कॉल डिटेल्स: पुलिस दोनों के मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि उनकी आखिरी बातचीत या किसी संदेश का पता लगाया जा सके।
- पूछताछ: आसपास के लोगों और डीजे पर मौजूद अन्य रिश्तेदारों से बयान लिए जा रहे हैं।
कानूनी और सामाजिक पहलू
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में सामाजिक दबाव या लोक-लाज के डर के कारण होती हैं। यदि देवर और भाभी के बीच किसी तरह का संबंध था, तो संभव है कि उन्हें परिवार या समाज द्वारा स्वीकार किए जाने की उम्मीद न रही हो।
फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह शुद्ध रूप से आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और साजिश। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का सटीक पता चल सकेगा।
निष्कर्ष:
मैनपुरी की इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने कई सवाल छोड़ दिए हैं। रात का जश्न सुबह के मातम में कैसे बदल गया, यह गुत्थी अभी सुलझना बाकी है। बखतपुर गांव में फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है और पुलिस की तफ्तीश जारी है।











