हरिद्वार: गंगा नदी के बीच बने टापू पर रविवार देर शाम सात श्रद्धालु फंस गए। बताया जा रहा है कि ये श्रद्धालु जालंधर, मेरठ और बंगाल से हरिद्वार दर्शन के लिए आए थे। अंधेरा होने के साथ ही गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे सभी की जान जोखिम में पड़ गई। सूचना मिलते ही जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सभी श्रद्धालुओं को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस के मुताबिक श्रद्धालु गंगा तट पर स्नान करने पहुंचे थे और गंगा के बीच बने टापू तक चले गए। इसी दौरान ऊपरी गंगा नहर से छोड़े गए पानी से नदी की धारा तेज हो गई, जिससे वे बीच धारा में फंस गए। हालात बिगड़ते देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
जल पुलिस के गोताखोर जानू पाल, अमित पुरोहित, विक्रांत और सनी कुमार ने बोट और रस्सियों की मदद से फंसे श्रद्धालुओं तक पहुंच बनाई। एक-एक कर सभी को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया गया। टापू में फंसे श्रद्धालु — पंजाब के राहुल, अरुण, अमित कुमार, राहुल कुमार, मेरठ के अभिषेक व लकी और बंगाल के शुभम चटर्जी व सौमिक मुखर्जी — ने सुरक्षित निकालने पर पुलिस का आभार जताया।
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि जल पुलिस की सतर्कता और गोताखोरों की तेज कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे गंगा के तेज बहाव से दूर रहें और केवल निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें।
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