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मुंबई में सनसनीखेज हमला: गार्ड्स से पूछा धर्म, फिर कलमा न पढ़ने पर चाकू से गोदा; एटीएस को ‘लोन वुल्फ’ अटैक का शक

On: April 28, 2026 7:17 AM
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मुंबई एटीएस के अधिकारी मीरा रोड पर गार्ड्स पर हमले के आरोपी से पूछताछ करते हुए।

​मुंबई/मीरा रोड: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ नया नगर इलाके में एक सिरफिरे युवक ने दो सुरक्षा गार्डों पर महज इसलिए जानलेवा हमला कर दिया क्योंकि उन्होंने धर्म पूछने के बाद उसकी बात मानने से इनकार कर दिया था। अब इस पूरे मामले की कमान मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने संभाल ली है, क्योंकि शुरुआती जांच में इसके तार अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा से जुड़ते दिख रहे हैं।

​क्या है पूरा घटनाक्रम?

​घटना मीरा रोड के नया नगर इलाके में स्थित अस्मिता क्लब के पास एक निर्माणाधीन इमारत की है। यहाँ सुरक्षा के लिए दो गार्ड, राजकुमार मिश्रा और सुब्रोतो रमेश सेन तैनात थे। सोमवार की शाम आरोपी जैब जुबेर अंसारी (31) वहां पहुँचा। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पहले गार्ड्स से रास्ता पूछा और फिर वापस लौटकर उनका नाम और धर्म पूछने लगा।
​हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब आरोपी ने गार्ड राजकुमार मिश्रा से इस्लामिक कलमा पढ़ने को कहा। जब गार्ड ने इसका विरोध किया और कलमा पढ़ने में असमर्थता जताई, तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया और छिपाकर रखे हुए धारदार चाकू से गार्ड्स पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। राजकुमार को बचाने आए दूसरे गार्ड सुब्रोतो सेन भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए।

​डेढ़ घंटे के भीतर गिरफ्तारी, घर से मिले संदिग्ध नोट

​वारदात के बाद नया नगर पुलिस हरकत में आई और सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए महज 90 मिनट के भीतर आरोपी जैब जुबेर अंसारी को धर दबोचा। जब पुलिस टीम उसके घर की तलाशी लेने पहुँची, तो वहां जो सबूत मिले उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए।

​आरोपी के कमरे से हाथ से लिखे हुए संदिग्ध नोट बरामद हुए हैं। इन नोट्स में आरोपी ने स्पष्ट रूप से ISIS (इस्लामिक स्टेट) में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने इन कागजों में लिखा था कि यह हमला किसी आतंकी संगठन में अपनी जगह बनाने या सक्रिय होने की दिशा में उसका “पहला कदम” था। इसी वजह से एजेंसियां इसे एक ‘लोन वुल्फ’ (अकेले हमला करने वाले) आतंकी हमला मानकर जांच कर रही हैं।

​साइंस ग्रेजुएट और अमेरिका रिटर्न है आरोपी

​जांच में आरोपी की जो प्रोफाइल सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। आरोपी जैब जुबेर अंसारी का जन्म मुंबई के कुर्ला में हुआ था। वह एक शिक्षित युवक है और साइंस ग्रेजुएट है। सबसे बड़ी बात यह है कि वह साल 2010 से 2019 तक अमेरिका में था।

​अमेरिका में नौकरी न मिल पाने के कारण वह 2019 में भारत लौट आया और मीरा रोड पर अकेले रहने लगा। यहाँ वह ऑनलाइन केमिस्ट्री की कोचिंग देता था। पुलिस का मानना है कि अकेले रहने के दौरान वह इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा (Online Radicalization) की चपेट में आ गया।

​ATS और सुरक्षा एजेंसियों की गहन जांच

​मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाणे एटीएस और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है। एटीएस के अधिकारी अब आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों के डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच कर रहे हैं। मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जांच केंद्रित है:

  • ​क्या आरोपी सीमा पार बैठे किसी हैंडलर के सीधे संपर्क में था?
  • ​क्या वह किसी डार्क वेब या एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहा था?

​घायलों की स्थिति और स्थानीय प्रतिक्रिया

​हमले में घायल हुए दोनों गार्ड, राजकुमार मिश्रा और सुब्रोतो सेन को तुरंत वोकहार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया। ताजा अपडेट के अनुसार, दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद मीरा रोड जैसे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

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​यह घटना दर्शाती है कि किस तरह सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए शिक्षित युवा कट्टरपंथ का शिकार होकर ‘लोन वुल्फ’ हमलों को अंजाम दे रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई और बड़ी चुनौती बन गई है।

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