मुख्य बिंदु:
- दिल्ली से पटना लौटते समय आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुआ हादसा।
- चालक को झपकी आने के कारण अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई इनोवा।
- हादसे में जिलाध्यक्ष समेत चार लोग हुए थे घायल, लखनऊ ले जाते समय प्रवीण कुशवाहा ने तोड़ा दम।
कन्नौज (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार दोपहर एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। इस हादसे में बिहार के भागलपुर जिले के कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रवीण सिंह कुशवाहा (52) की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर डिवाइडर और खंभे से टकराने के कारण यह हादसा हुआ। कार में सवार तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, प्रवीण सिंह कुशवाहा शुक्रवार को दिल्ली से अपनी निजी इनोवा कार द्वारा पटना लौट रहे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे जब उनकी कार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर थाना तालग्राम क्षेत्र के किमी संख्या 169 (रनवां गांव) के पास पहुँची, तभी चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई।
रफ्तार तेज होने के कारण चालक गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा। कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से रगड़ती चली गई और फिर एनपीआर के बीच स्थित एक भारी कंक्रीट के पिलर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और कार के परखच्चे उड़ गए।
रेस्क्यू और अस्पताल की स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही एक्सप्रेसवे की पेट्रोलिंग टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने कार में फंसे घायलों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। हादसे में प्रवीण सिंह कुशवाहा, उनकी 23 वर्षीय साली कुमारी सपना, चालक विनोद मंडल और 20 वर्षीय विभु आर्यन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सभी घायलों को तत्काल नजदीकी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्रवीण सिंह कुशवाहा और उनकी साली सपना की हालत बेहद नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही प्रवीण सिंह कुशवाहा ने दम तोड़ दिया।
मृतक और घायलों का विवरण
- प्रवीण सिंह कुशवाहा (52): जिलाध्यक्ष, कांग्रेस (भागलपुर, बिहार)। हादसे में मौत।
- कुमारी सपना (23): मृतक की साली, पुत्री स्व. रामनाथ मेहता। (गंभीर घायल, लखनऊ में उपचाररत)।
- विनोद मंडल (40): चालक, निवासी आस्था पटल मंदिर, भागलपुर। (घायल)।
- विभु आर्यन (20): निवासी शोभागंज, सासाराम। (घायल)।
राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर
प्रवीण सिंह कुशवाहा की मौत की खबर फैलते ही बिहार और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रवीण कुशवाहा भागलपुर कांग्रेस के एक कद्दावर नेता थे और उन्होंने विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के रूप में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। वे अपने मिलनसार स्वभाव और सांगठनिक कौशल के लिए जाने जाते थे।
कन्नौज के एसपी विनोद कुमार ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया, “हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस ने राहत कार्य शुरू किया था। दुर्भाग्यवश, भागलपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा की मृत्यु हो गई है। उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है और शव का पंचनामा भरकर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।”
एक्सप्रेसवे पर ‘झपकी’ बनी जानलेवा
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यह कोई पहला हादसा नहीं है जो चालक को नींद आने की वजह से हुआ हो। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक अक्सर थकान का शिकार हो जाते हैं, जिससे ‘माइक्रो स्लीप’ (चंद सेकंड की झपकी) आने
का खतरा रहता है। पुलिस ने एक बार फिर यात्रियों और चालकों से अपील की है कि थकान महसूस होने पर गाड़ी रोककर विश्राम करें।
निष्कर्ष
प्रवीण सिंह कुशवाहा का असमय निधन कांग्रेस पार्टी और भागलपुर के सामाजिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति है। फिलहाल, पुलिस दुर्घटना के अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या कार में कोई यांत्रिक खराबी तो नहीं थी।











