उत्तराखंड के विकासनगर अंतर्गत सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में शनिवार को एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। ग्राम प्रधानी के कार्यकाल की आरटीआई (RTI) और पुरानी रंजिश के चलते भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के एक नेता की धारदार हथियारों और हथौड़े से वार कर निर्मम हत्या कर दी गई।
इस खूनी संघर्ष में मृतक के दो भाई भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो पक्षों के बीच हुए इस हिंसक टकराव ने देखते ही देखते सांप्रदायिक रूप ले लिया, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस और पीएसी (PAC) बल को तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला? (खेत में पानी लगाने को लेकर भड़का विवाद)
जानकारी के अनुसार, शनिवार को बैरागीवाला निवासी विनोद (45 वर्ष), जो कि भाजपा युवा मोर्चा के नेता थे और पूर्व में बीडीसी (BDC) का चुनाव भी लड़ चुके थे, अपने भाइयों अशोक और राजेश के साथ सरकारी ट्यूबवेल से अपने खेत की सिंचाई कर रहे थे। विनोद के खेत के ठीक बगल में गांव के पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे इम्तियाज का खेत है।
खेत में पानी डालने की बात को लेकर इम्तियाज ने आपत्ति जताई, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि इम्तियाज के समर्थन में अमन, यूनुस, अनीस और रज्जाक समेत कई अन्य लोग मौके पर लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर पहुंच गए।
हथौड़े और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला
विवाद ने कुछ ही पलों में हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इम्तियाज और उसके साथियों ने विनोद और उसके दोनों भाइयों पर जानलेवा हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रज्जाक नामक आरोपी ने विनोद के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ तीन वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। बीच-बचाव करने आए उनके भाइयों, अशोक और राजेश को भी बेरहमी से पीटा गया।
घटना के बाद लहूलुहान हालत में तीनों भाइयों को तुरंत हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उपचार के दौरान विनोद (45) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य दोनों भाइयों की हालत भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
आरटीआई (RTI) और ग्राम समाज की भूमि से जुड़ी थी रंजिश
स्थानीय सूत्रों और पुलिस जांच के मुताबिक, इस खूनी संघर्ष की जड़ें काफी पुरानी हैं। मृतक विनोद और उनके परिवार ने पूर्व प्रधान इस्पाक के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों और ग्राम समाज की भूमि के आवंटन में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सूचना के अधिकार (RTI) के तहत कई जानकारियां मांगी थीं।
विनोद ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसी बात को लेकर पूर्व प्रधान का परिवार विनोद से रंजिश रखता था और दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार झड़पें हो चुकी थीं।
हत्या के बाद भड़का आक्रोश: पथराव और चक्काजाम
जैसे ही विनोद की मौत की खबर इलाके में फैली, बैरागीवाला और आसपास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई। दक्षिणपंथी संगठनों—बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और स्थानीय संतों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव में एकत्र होने लगे। आक्रोशित भीड़ ने लाठी-डंडे लेकर आरोपियों के घरों और एक स्थानीय धर्मस्थल की ओर कूच करने का प्रयास किया।
तनावपूर्ण स्थिति: इस दौरान माहौल तब और बिगड़ गया जब भीड़ को रोकने के प्रयास के बीच मस्जिद के आसपास के इलाके से प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर कांच की बोतलें और पत्थर फेंके गए। हालांकि, इस पथराव में पुलिसकर्मी और संगठन के कार्यकर्ता बाल-बाल बच गए।
इसके बाद उग्र कार्यकर्ताओं का एक बड़ा धड़ा दून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर पहुंच गया और वहां धरने पर बैठ गया। राजमार्ग जाम होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। वहीं, कार्यकर्ताओं की एक दूसरी टोली आरोपियों के मकानों को निशाना बनाने के लिए आगे बढ़ती रही।
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पुलिस प्रशासन अलर्ट: छावनी में तब्दील हुआ इलाका
हालात बेकाबू होते देख सहसपुर, विकासनगर, सेलाकुई और कालसी थानों की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर बुलाई गई। बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए पीएसी (PAC) की टुकड़ियों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है।
हालात बेकाबू होते देख सहसपुर, विकासनगर, सेलाकुई और कालसी थानों की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर बुलाई गई। बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए पीएसी (PAC) की टुकड़ियों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है।
| क्षेत्र का नाम | वर्तमान स्थिति | सुरक्षा व्यवस्था |
| बैरागीवाला गांव | अत्यधिक संवेदनशील, तनावपूर्ण | भारी पुलिस बल, पीएसी तैनात |
| दून-पांवटा हाईवे | आंशिक रूप से प्रभावित (चक्काजाम) | पुलिस द्वारा समझाने का प्रयास जारी |
| अस्पताल परिसर | अलर्ट मोड पर | सुरक्षा के कड़े इंतजाम |
मौके पर पहुंचे एसपी देहात (SP Rural) पंकज गैरोला भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। वह उग्र प्रदर्शनकारियों और संगठन के पदाधिकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था बहाल की जा सके। पुलिस के आला अधिकारी भी पल-पल के घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।








