नयागढ़, ओडिशा:
ओडिशा के नयागढ़ जिले से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है, जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था और माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के ओडगांव थाना क्षेत्र के कदलीबंध गांव में पत्थर माफियाओं ने अवैध खनन का विरोध करने वाले एक युवक, अजीत कुमार साहू, की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए युवक के दोनों हाथ काट दिए और उसे मरणासन्न स्थिति में सड़क पर फेंक कर फरार हो गए।
घटना का घटनाक्रम: आधी रात को रचा गया मौत का तांडव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह जघन्य वारदात रविवार देर रात करीब 1 बजे की है। मृतक अजीत कुमार साहू अपने साथी संतोष कुमार प्रधान के साथ इलाके में हो रहे अवैध पत्थर खनन को रोकने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि जब उन्होंने पत्थर लदे दो वाहनों को रोकने का प्रयास किया, तो माफियाओं ने उन पर जानलेवा हमला बोल दिया।
चश्मदीदों के मुताबिक, माफियाओं के गुर्गे हथियारों से लैस थे। उन्होंने अजीत को घेर लिया और धारदार हथियारों से उनके दोनों हाथ धड़ से अलग कर दिए। अजीत सड़क पर गिरकर तड़पते रहे, जबकि उनके साथी संतोष ने किसी तरह भागकर पास के एक ढाबे में छिपकर अपनी जान बचाई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।
थाने के पास वारदात से पुलिस पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि यह वारदात ओडगांव थाने से महज दो किलोमीटर की दूरी पर हुई। सुबह जब स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क किनारे खून से लथपथ शव देखा, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर शरणकुल एसडीपीओ दीप्तिकांत प्रधान, ओडगांव थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। साइंटिफिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
ग्रामीणों का आक्रोश और सड़क जाम
अजीत की नृशंस हत्या की खबर फैलते ही कदलीबंध और आसपास के गांवों में भारी तनाव व्याप्त हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
ओडिशा में जंगलराज? तीन दिन में तीन जघन्य हत्याएं
यह घटना कोई इकलौती वारदात नहीं है। ओडिशा में पिछले 72 घंटों के भीतर हिंसा की तीन बड़ी घटनाओं ने जनता को डरा दिया है:
- जीआरपी जवान की मॉब लिंचिंग: पिछले गुरुवार को राजधानी भुवनेश्वर के बालियंता में एक जीआरपी जवान सौम्यरंजन स्वाईं की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। आरोप है कि उन्हें लोहे के खंभे से उल्टा लटकाकर रॉड से पीटा गया था।
- बालिपाटणा में हत्या: शुक्रवार को बेंगबती गांव में राकेश महांति नामक युवक को नशेड़ी युवकों ने लूटपाट के इरादे से मौत के घाट उतार दिया।
- नयागढ़ का हत्याकांड: अब सोमवार को पत्थर माफियाओं द्वारा अजीत साहू की हत्या ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है।
कानून-व्यवस्था पर विपक्षी हमला
लगातार हो रही इन हत्याओं के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन विपक्ष के निशाने पर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य में माफिया राज हावी हो गया है और अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। विशेष रूप से प्राकृतिक संसाधनों के अवैध खनन में लगे माफिया अब आम नागरिकों की जान लेने से भी नहीं हिचक रहे हैं।
निष्कर्ष: सुरक्षा और इंसाफ की गुहार
नयागढ़ की इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध खनन की जड़ें कितनी गहरी और खतरनाक हैं। क्या एक आम नागरिक का अवैध कार्यों को रोकना उसकी मौत का कारण बनेगा? फिलहाल पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है, लेकिन इलाके में व्याप्त दहशत को दूर करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।









