देहरादून: उत्तराखंड में चिलचिलाती गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज अंधड़ की चेतावनी दी गई है। मौसम में आ रहे इस बदलाव को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है और जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इन जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल से प्रदेश के पर्वतीय जिलों में प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी आएगी। विशेष रूप से नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और ओलावृष्टि की संभावना है। विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं, 29 अप्रैल को बारिश का दायरा और बढ़ेगा। इस दिन नैनीताल, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का भी अनुमान है।
30 अप्रैल तक ‘यलो अलर्ट’ की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 28 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के अन्य मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना के मद्देनजर यलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने किसानों और बागवानों को भी ओलावृष्टि से फसल बचाने के उपाय करने की सलाह दी है।
आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर
मौसम की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने मोर्चा संभाल लिया है। एसईओसी की ओर से नैनीताल, देहरादून, टिहरी सहित संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश:
- आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली (IRS System) से जुड़े सभी अधिकारी अपने मुख्यालय पर तैनात रहेंगे।
- विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- संवेदनशील इलाकों में जेसीबी और राहत सामग्री की पूर्व तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
चारधाम यात्रियों के लिए विशेष सावधानी
वर्तमान में उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां और तीर्थयात्रियों का आवागमन जारी है। ऐसे में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि यात्रियों की मुश्किल बढ़ा सकती है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का अपडेट जरूर ले लें और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
गर्मी से मिलेगी राहत, पर चुनौतियां भी कम नहीं
बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में तापमान में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इस बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग को भी सतर्क किया गया है ताकि पेड़ गिरने या बिजली गुल होने जैसी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।
निष्कर्ष: सावधानी ही बचाव है
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बारिश और ओलावृष्टि कभी भी चुनौतीपूर्ण मोड़ ले सकती है। अगले तीन दिन प्रदेशवासियों और खासकर पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वालों के लिए सतर्क रहने के हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और कच्चे मकानों या टिन शेड वाले इलाकों में सावधानी बरतें।







