देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित Uttarakhand Cabinet Meeting में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इस बैठक में कुल 10 अहम फैसलों पर मुहर लगी, जिनका सीधा असर शिक्षा, रोजगार, वित्त, पर्यटन, धार्मिक आयोजन और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा। सबसे अधिक चर्चा उस निर्णय की रही, जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को दिए जाने वाले अनुदान की बजट मद समाप्त करने का फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू होने के बाद इस व्यवस्था में बदलाव आवश्यक हो गया था।
इसके अलावा विदेश रोजगार प्रकोष्ठ को मजबूत बनाने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन और सात नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे विदेशों में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी।
Arabia Madrasa Grant समाप्त करने का फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
Uttarakhand Cabinet Meeting का सबसे चर्चित फैसला अरेबिया मदरसों से जुड़ा रहा। मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को मिलने वाले अनुदान की बजट मद समाप्त करने की मंजूरी दी है।
सरकार का तर्क है कि राज्य में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू होने के बाद शिक्षा व्यवस्था को नए ढांचे के अनुरूप व्यवस्थित किया जा रहा है। इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, समानता और नई नीतियों के अनुरूप संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
यह फैसला भविष्य में राज्य की अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलावों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विदेश रोजगार प्रकोष्ठ को मिलेगा नया ढांचा
बैठक में युवाओं के रोजगार को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। Uttarakhand Cabinet Meeting में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के बेहतर संचालन के लिए पीएमयू (Project Management Unit) के गठन को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही सात नए पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी गई है। सरकार का उद्देश्य राज्य के युवाओं को विदेशों में सुरक्षित और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत रोजगार संबंधी मार्गदर्शन, दस्तावेजी सहायता, प्रशिक्षण और समन्वय को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
पीएम पोषण योजना के तहत श्रीनगर में बनेगा केंद्रीकृत किचन
विद्यालयी शिक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत अब पौड़ी जिले के श्रीनगर क्षेत्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से केंद्रीकृत किचन स्थापित किया जाएगा।
यहां तैयार भोजन आसपास के सरकारी विद्यालयों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त और समय पर मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
रिवर राफ्टिंग नियमावली में संशोधन को मिली मंजूरी
राज्य के एडवेंचर टूरिज्म को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। Uttarakhand Cabinet Meeting में उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग एवं क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी प्रदान की गई।
नई नियमावली के माध्यम से सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाएगा। पर्यटन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य की एडवेंचर पर्यटन गतिविधियों में पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों बढ़ेंगी।
सरकारी कर्मचारियों और वित्तीय व्यवस्था से जुड़े फैसले
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई। वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ में दो नए पदों के सृजन को मंजूरी देकर वित्तीय निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
सरकार का मानना है कि इससे वित्तीय अनुशासन, ऑडिट प्रक्रिया और प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा।
कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को मिली गति
हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
Uttarakhand Cabinet Meeting में कुंभ मेले की समवर्ती लेखा परीक्षा के लिए आवश्यक पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य है कि विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता बनी रहे।
कुंभ 2027 में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई हैं।
भूमिधरी अधिकारों पर बनेगी उच्चस्तरीय समिति
बैठक में बाबू ग्राम, चौवन बग्गा और बिंदुखत्ता क्षेत्र के निवासियों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने के विषय पर भी चर्चा हुई।
सरकार ने इस मामले में विस्तृत अध्ययन और आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। समिति सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
पिथौरागढ़ के तकनीकी संस्थान को अतिरिक्त भूमि
तकनीकी शिक्षा के विस्तार के लिए भी मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
पिथौरागढ़ जिले के मढ़धुरा स्थित नन्हीं परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान के आसपास की लगभग 14.857 हेक्टेयर भूमि संस्थान को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई। इससे भविष्य में संस्थान के विस्तार और नए शैक्षणिक ढांचे के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
सरकार का संदेश—विकास और सुशासन दोनों प्राथमिकता
Uttarakhand Cabinet Meeting के फैसले स्पष्ट संकेत देते हैं कि राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, वित्तीय सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता पर समान रूप से ध्यान दे रही है। एक ओर युवाओं के लिए विदेश रोजगार व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा, धार्मिक आयोजन और तकनीकी संस्थानों के विकास पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
अरेबिया मदरसों के अनुदान को समाप्त करने का निर्णय जहां नीति आधारित बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, वहीं अन्य फैसले राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन निर्णयों के प्रभाव का सीधा असर उत्तराखंड के प्रशासन, शिक्षा व्यवस्था, पर्यटन उद्योग और आम नागरिकों पर देखने को मिल सकता है।





