उत्तरकाशी के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने के कारण खीरगंगा नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस भीषण आपदा में कई लोगों की पुश्तैनी संपत्तियां बर्बाद हो गईं। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की वर्षों की मेहनत पलक झपकते ही मलबे में तब्दील हो गई, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गहरा झटका लगा है।
प्राकृतिक आपदा के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचे और सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
सीएम धामी ने राहत और बचाव कार्य में जुटी विभिन्न एजेंसियों—भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीमों—की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और आवश्यक सामग्री सभी प्रभावित परिवारों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आपदा राहत कार्यों को तेज़ गति देने के लिए दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से खाद्य और अन्य जरूरी सामग्री धराली क्षेत्र में भेजी जा रही है। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर से भारी मशीनरी को भी क्षेत्र में पहुंचाया गया है ताकि अवरुद्ध मार्गों को खोलने, मलबा हटाने और पुनर्निर्माण के कार्यों को शीघ्र अंजाम दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित नागरिक तक राहत पहुंचाना और सामान्य स्थिति को जल्द से जल्द बहाल करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा भी लिया और कई प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 130 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
यह भी पढें- “ऋषिकेश में गंगा उफान पर, शिव मूर्ति तक पहुंचा जलस्तर; पानी में डूबकर महिला की जान गई”






