चारधाम यात्रा 2026: 6 मार्च से शुरू होगा ऑनलाइन पंजीकरण, श्रद्धालुओं को नहीं देना होगा कोई शुल्क; जानें कपाट खुलने की पूरी डिटेल - Doonprimenews
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चारधाम यात्रा 2026: 6 मार्च से शुरू होगा ऑनलाइन पंजीकरण, श्रद्धालुओं को नहीं देना होगा कोई शुल्क; जानें कपाट खुलने की पूरी डिटेल

On: March 2, 2026 8:09 AM
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चारधाम यात्रा 2026 के लिए केदारनाथ मार्ग पर पैदल चलते श्रद्धालु और वाहन

देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 के लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है। देवभूमि की इस सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस साल की यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है, क्योंकि प्रशासन न केवल रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की उम्मीद कर रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तकनीक और नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया और राहत की खबर
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने चारधाम यात्रा के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी घोषणा की है। इस साल यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) का कार्य 6 मार्च से आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती दौर में केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही पंजीकरण स्वीकार किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे प्रवेश द्वारों पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करना है।
श्रद्धालुओं के लिए सबसे सुखद खबर यह है कि इस बार पंजीकरण के लिए कोई भी शुल्क (Registration Fee) नहीं लिया जाएगा। शासन स्तर पर पंजीकरण शुल्क लगाने का एक प्रस्ताव जरूर भेजा गया था, लेकिन लंबी चर्चा और जनहित को देखते हुए इस पर सहमति नहीं बन पाई। सरकार का मानना है कि चारधाम यात्रा आस्था का विषय है और इसे आम श्रद्धालु के लिए सुगम और सस्ता बनाए रखना राज्य की प्राथमिकता है। यात्रा शुरू होने के बाद, उन बुजुर्गों या कम पढ़े-लिखे यात्रियों के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की खिड़की भी खोली जाएगी जो तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं।
कपाट खुलने का कार्यक्रम और धार्मिक महत्व
2026 की यात्रा के लिए कपाट खुलने की तिथियों ने पहले ही भक्तों में उत्साह भर दिया है। बाबा केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को पूरे विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे। इसके ठीक अगले दिन, यानी 23 अप्रैल को भगवान बदरी विशाल (बदरीनाथ धाम) के कपाट खुलेंगे। परंपरा के अनुसार, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खुलते हैं, जो इस वर्ष 19 अप्रैल को पड़ रही है। हालांकि इन दोनों धामों के लिए कपाट खुलने के समय की आधिकारिक घोषणा मंदिर समितियों द्वारा जल्द ही की जाएगी।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सड़क मार्गों का हाल
चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ भी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठकों में इस बात पर जोर दिया गया है कि यात्रा मार्ग पर बुनियादी ढांचे को दुरुस्त किया जाए। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव ने हाल ही में पूरे यात्रा मार्ग का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया है। ‘ऑल वेदर रोड’ परियोजना के चलते कई हिस्सों में सड़कें बहुत चौड़ी और सुरक्षित हो गई हैं, लेकिन कुछ संवेदनशील भूस्खलन वाले क्षेत्र (Landslide Zones) अभी भी चुनौती बने हुए हैं। प्रशासन ने इन पॉइंट्स पर पहले से ही जेसीबी और सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने की योजना बनाई है ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर उसे तुरंत खोला जा सके।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के कड़े मानक
चूँकि चारधाम यात्रा अत्यधिक ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में होती है, जहाँ ऑक्सीजन की कमी एक बड़ी चुनौती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग इस बार और अधिक सक्रिय है। यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) की संख्या बढ़ाई जा रही है और केदारनाथ जैसे ऊंचे धामों पर पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा हर मोड़ पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण से पहले अपनी फिटनेस की जांच जरूर करवा लें। 50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के लिए विशेष हेल्थ स्क्रीनिंग डेस्क भी लगाए जाएंगे।
IRCTC के माध्यम से हेलीकॉप्टर बुकिंग
केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की भारी मांग रहती है। पिछली शिकायतों को देखते हुए, इस बार भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही की जाएगी। यात्रियों को चेतावनी दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर सक्रिय फर्जी एजेंटों और वेबसाइटों से सावधान रहें।
श्रद्धालुओं के लिए डूज़ एंड डोंट्स (Do’s and Don’ts)
प्रशासन ने अपील की है कि यात्री अपने साथ पर्याप्त मात्रा में ऊनी कपड़े, रेनकोट और आवश्यक दवाइयां जरूर रखें। साथ ही, देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने का आग्रह किया गया है। पंजीकरण पोर्टल पर अपलोड किए गए अपने स्लॉट के अनुसार ही यात्रा की योजना बनाएं ताकि किसी भी धाम में ठहरने या दर्शन करने में असुविधा न हो।
Doon Prime News की विशेष रिपोर्ट:
Doon Prime News अपने पाठकों को चारधाम यात्रा से जुड़ी पल-पल की अपडेट प्रदान करता रहेगा। चाहे वह मौसम का मिजाज हो, पंजीकरण का नया लिंक हो या कपाट खुलने की ताज़ा तस्वीरें, आप हमारी वेबसाइट पर सबसे पहले और सटीक जानकारी पा सकेंगे। अपनी यात्रा को सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए सरकारी नियमों का पालन करें और देवभूमि की मर्यादा का सम्मान करें।

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