अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

दिल्ली मर्डर मिस्ट्री: 40 लाख के सोने के लिए दोस्त बना ‘कसाई’, शव के 6 टुकड़े कर यमुना में फेंके; प्रेमिका समेत 4 गिरफ्तार

On: March 3, 2026 8:43 AM
Follow Us:
"पुलिस टीम रात के समय यमुना नदी के तट पर फॉरेंसिक लाइटों के साथ सबूत और तीन कट्टे तलाशती हुई, जो द्वारका मर्डर मिस्ट्री की ओर इशारा करते हैं।"

नई दिल्ली |
राजधानी दिल्ली के द्वारका जिले में एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। महज कुछ तोला सोने के जेवरातों के लालच में दोस्तों ने मिलकर अपने ही एक साथी की न केवल हत्या की, बल्कि उसकी पहचान मिटाने के लिए शव के छह टुकड़े कर दिए। इस सनसनीखेज ‘ब्लाइंड मर्डर’ की गुत्थी को द्वारका जिले के एंटी नारकोटिक्स स्क्वायड ने सुलझाते हुए एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान 48 वर्षीय अनुरूप गुप्ता के रूप में हुई है, जो द्वारका सेक्टर-14 स्थित राधिका अपार्टमेंट में अकेले रहते थे। अनुरूप छत्तीसगढ़ सदन में कैंटीन चलाते थे और उन्हें भारी मात्रा में सोने के जेवरात पहनने का बहुत शौक था। यही शौक अंततः उनकी मौत का कारण बन गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब 40 लाख रुपये की कीमत के सोने के जेवरात और अनुरूप की कार लूटने के लिए इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। हत्या के बाद साक्ष्यों को मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को बेरहमी से काटा और तीन कट्टों में भरकर उत्तर प्रदेश के मथुरा (वृंदावन) के पास यमुना नदी में फेंक दिया।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, मर्डर पर हुई खत्म
वारदात का खुलासा तब हुआ जब 23 फरवरी को मृतक के भाई पवन गुप्ता ने द्वारका नॉर्थ थाने में अनुरूप की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पवन ने पुलिस को बताया कि 18 फरवरी से उसका भाई लापता है और उसका फोन भी बंद आ रहा है। उन्होंने अंदेशा जताया कि अनुरूप हमेशा 25 से 30 तोला सोना पहनकर रखते थे, इसलिए उनके साथ कोई अनहोनी हो सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए द्वारका के डीसीपी अंकित सिंह ने स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एंटी नारकोटिक्स सेल को भी जांच में लगा दिया। इंस्पेक्टर सुभाष चंद के नेतृत्व में टीम ने जब सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस खंगालना शुरू किया, तो कहानी की परतें खुलने लगीं।
रैपिडो राइड और सीसीटीवी ने खोले राज
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि 18 फरवरी को अनुरूप ने अपने घर के बाहर से एक रैपिडो (Rapido) बाइक बुक की थी। पुलिस ने रैपिडो चालक को ढूंढ निकाला, जिसने बताया कि उसने अनुरूप को मटियाला के बी-ब्लॉक में एक खास लोकेशन पर छोड़ा था।
जब पुलिस ने मटियाला की उस इमारत के सीसीटीवी फुटेज देखे, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। अनुरूप इमारत के अंदर तो गए, लेकिन कभी बाहर नहीं निकले। उनके अंदर जाने के तुरंत बाद चार अन्य लोग भी उसी बिल्डिंग में दाखिल हुए। अगले दिन 19 फरवरी को अनुरूप की कार को इमारत के बेसमेंट से निकलते देखा गया, जो सीधे यमुना एक्सप्रेस-वे की ओर जा रही थी।
मथुरा की यमुना में मिले शव के टुकड़े
टेक्निकल सर्विलांस और कार की मूवमेंट के आधार पर पुलिस ने पाया कि कार 19-20 फरवरी की रात को मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में थी और कुछ घंटों बाद नोएडा की तरफ लौट आई थी। शक की सुई हैप्पी उर्फ सूरज नाम के युवक पर टिकी, क्योंकि सीसीटीवी में दिख रही स्कूटी उसी के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
पुलिस ने दबिश देकर हैप्पी, उसकी प्रेमिका राखी और उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मथुरा पुलिस के सहयोग से यमुना नदी से तीन कट्टे बरामद किए, जिनमें अनुरूप के शव के टुकड़े भरे हुए थे।
कौन हैं ये ‘कातिल’ दोस्त?
पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:

  • हैप्पी उर्फ सूरज (29): मुख्य साजिशकर्ता, जो हरियाणा के हिसार का रहने वाला है।
  • राखी (21): हैप्पी की गर्लफ्रेंड, जो देवरिया (यूपी) की रहने वाली है।
  • भूपेंद्र (27): सोनीपत (हरियाणा) निवासी सहयोगी।
  • बलराम (28): झज्जर (हरियाणा) निवासी सहयोगी।
    एक अन्य आरोपी ‘नीरज’ फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
    साजिश का ‘ब्लूप्रिंट’: ऐसे दी वारदात को अंजाम
    पूछताछ में मुख्य आरोपी हैप्पी ने कुबूल किया कि वह अनुरूप का दोस्त था और उसे पता था कि अनुरूप हमेशा लाखों का सोना पहनकर चलता है।
  • बुलावा: 18 फरवरी को आरोपियों ने साजिश के तहत अनुरूप को मटियाला स्थित किराए के कमरे पर पार्टी के बहाने बुलाया।
  • हत्या: जैसे ही अनुरूप वहां पहुंचे, चारों आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी।
  • लूट: हत्या के बाद उन्होंने शरीर से सारे जेवरात और कार की चाबी छीन ली।
  • शव के टुकड़े: लाश को ठिकाने लगाना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके लिए उन्होंने आरी या धारदार हथियार से शव को 6 हिस्सों में बांटा ताकि उन्हें छोटे कट्टों में भरा जा सके।
  • ठिकाने लगाना: रात के अंधेरे में वे कार से मथुरा पहुंचे और यमुना के सुनसान इलाके में कट्टों को पानी में फेंक दिया।
    पुलिस की बरामदगी
    पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक अनुरूप गुप्ता की कार, लूटे गए कुछ जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों ने लूटा हुआ कुछ सोना कहीं बेच तो नहीं दिया।
    निष्कर्ष: भरोसे का कत्ल
    यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि अपराधी केवल अजनबी नहीं, बल्कि आपके करीबी ‘दोस्त’ भी हो सकते हैं। केवल भौतिक सुख और धन की लालसा ने इन युवाओं को इतना अंधा कर दिया कि उन्होंने एक इंसान की जान लेने में रत्ती भर भी संकोच नहीं किया। दिल्ली पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रही है ताकि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

यह भी पढ़ें- हरिद्वार कुंभ 2027: केंद्र से मिले 500 करोड़, CM धामी बोले- ‘दिव्य और भव्य’ होगा आयोजन

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​Somalia Pirate Attack: सोमालिया में समुद्री लुटेरों ने तेल टैंकर पर बोला धावा, रेस्क्यू से पहले भारतीय समेत 5 क्रू मेंबर्स की हत्या

​UPI MDR Charge Above ₹2000: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर केंद्र के आदेश पर रोक से इनकार

​UP Heavy Rain Alert: उत्तर प्रदेश में बारिश और आंधी का तांडव, 60 घंटे में 56 की मौत और 1000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त

​उत्तर प्रदेश का वैश्विक महाकुंभ: ग्रेटर नोएडा में UP International Trade Show 2026 का भव्य शुभारंभ, अमित शाह और सीएम योगी ने किया उद्घाटन

Financial Stocks Crash as 12 finance companies lose over ₹1.12 lakh crore market cap

Financial Stocks Crash: शेयर बाजार में भारी बिकवाली, 12 फाइनेंशियल कंपनियों के ₹1.12 लाख करोड़ डूबे

Vande Bharat Vs Shatabdi trains showing differences in speed, comfort and features

Vande Bharat Vs Shatabdi: यात्रा के लिए किसे चुनें? रफ्तार, सुविधाओं और डिजाइन का पूरा अंतर

Leave a Comment