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​त्रिपुरा में सनसनी: पुलिस मुख्यालय में मिला DGP अनुराग धनखड़ का शव, सर्विस पिस्टल से आत्महत्या की आशंका

On: July 20, 2026 12:36 PM
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Tripura Police DGP Anurag Dhankhar IPS officer photo

अगरतला:

त्रिपुरा के प्रशासनिक और पुलिस महकमे से एक बेहद स्तब्ध और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ का शव सोमवार को राज्य पुलिस मुख्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अचानक हुई इस मौत से पूरे देश के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

शुरुआती जांच और मौके के हालातों को देखते हुए पुलिस विभाग इसे अपनी ही सर्विस पिस्तौल से आत्महत्या का मामला मानकर चल रहा है। हालांकि, इतने ऊंचे पद पर बैठे एक जांबाज अधिकारी ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी तहकीकात जारी है।

​दोपहर में पुलिस मुख्यालय में चली गोली, अस्पताल में मृत घोषित

​मिली जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार दोपहर की है जब पुलिस मुख्यालय के भीतर गोली चलने की आवाज से सनसनी फैल गई। जब मातहत अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे, तो डीजीपी अनुराग धनखड़ लहूलुहान हालत में मिले। उन्हें तुरंत आनन-फानन में बिना वक्त गंवाए अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत (GBP) अस्पताल ले जाया गया।

​अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर प्रदीप भौमिक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:

​”माननीय डीजीपी अनुराग धनखड़ जी को दोपहर ठीक 12:00 बजे अस्पताल परिसर में लाया गया था। जब उन्हें इमरजेंसी में लाया गया, तब उनकी नब्ज (Pulse) पूरी तरह बंद थी, ब्लड प्रेशर रिकॉर्ड नहीं हो रहा था और उनके शरीर में जीवन का कोई भी लक्षण दिखाई नहीं दे रहा था।”

​डॉ. भौमिक ने आगे बताया कि डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए 40 मिनट से अधिक समय तक लगातार ‘कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन’ (CPR) दिया। तमाम कोशिशों के बावजूद उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई और अंततः दोपहर 12:48 बजे डॉक्टरों ने उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, मौत की वास्तविक और सटीक वजह का पता विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

​सर्विस पिस्टल से खुदकुशी का अंदेशा: जांच में जुटीं एजेंसियां

​इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस महकमा पूरी तरह सतर्क है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि डीजीपी धनखड़ ने अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर/पिस्तौल से खुद को गोली मारी है।

​घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स ने तुरंत पुलिस मुख्यालय के उस कमरे को सील कर दिया है जहाँ यह घटना घटी। मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। राज्य के अन्य शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना कर मोर्चा संभाल लिया है

। पुलिस इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि क्या कार्यस्थल पर कोई भारी तनाव था या फिर इसके पीछे कोई व्यक्तिगत वजह रही है। फिलहाल मौके से किसी भी तरह के सुसाइड नोट मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

​कौन थे आईपीएस अनुराग धनखड़? एक शानदार करियर पर विराम

​अनुराग धनखड़ त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के एक बेहद सम्मानित और तेजतर्रार आईपीएस (IPS) अधिकारी थे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले धनखड़ को पुलिसिंग का एक लंबा और व्यापक अनुभव था। उनके शानदार करियर को देखते हुए ही उन्हें राज्य का सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी माना जाता था।

​उनके करियर के प्रमुख पड़ाव:

• ​सीबीआई (CBI) में शानदार कार्यकाल: डीजीपी धनखड़ ने अपने करियर का एक लंबा हिस्सा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में बिताया था। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने देश के कई बेहद पेचीदा और हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की अगुवाई की थी, जिसके लिए उन्हें काफी सराहना मिली थी।
• ​डायरेक्टर जनरल (इंटेलिजेंस): त्रिपुरा पुलिस में वापस लौटने के बाद उन्होंने राज्य के महानिदेशक (खुफिया विभाग) के रूप में अपनी सेवाएं दीं। राज्य की सुरक्षा और खुफिया तंत्र को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती थी।
• ​मई 2025 में संभाली थी कमान: उनके बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए मई 2025 में अमिताभ रंजन की सेवानिवृत्ति के बाद सरकार ने उन्हें त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) पद की कमान सौंपी थी।

​प्रशासनिक अमले में शोक की लहर, उठ रहे कई सवाल

​एक कड़क, अनुशासित और पेशेवर रवैये वाले शीर्ष अधिकारी की इस तरह अचानक मौत से त्रिपुरा सरकार और पुलिस महकमे के सभी अधिकारी स्तब्ध हैं। उनके सहयोगियों का कहना है कि वे हमेशा शांत और सुलझे हुए अधिकारी के रूप में जाने जाते थे।

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​इस दुखद घटना ने पुलिस बल में काम करने वाले अधिकारियों के मानसिक तनाव और कार्यस्थल के दबाव को लेकर भी एक नई बहस छेड़ दी है। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विभिन्न जांच एजेंसियां अब इस गुत्थी को सुलझाने में लग गई हैं कि आखिर किस दबाव के चलते इतने वरिष्ठ कैडर के अधिकारी को ऐसा आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है।

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