विशेष संवाददाता, देहरादून
राजधानी देहरादून के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय से सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार करने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। रविवार सुबह अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने आए तीमारदारों (मरीज के परिजनों) और वहां तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों के बीच मामूली बात को लेकर विवाद हो गया।
देखते ही देखते यह विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया, जिसमें तीमारदारों ने ड्यूटी पर मुस्तैद महिला गार्ड्स पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक महिला सुरक्षाकर्मी के सिर पर कांच की बोतल से वार किया गया, जबकि दूसरी के पेट में बेरहमी से लात मारी गई। इस घटना के बाद से अस्पताल के स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों में भारी रोष व्याप्त है।
खून का नमूना लेने पर शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह एक परिवार अपनी 16 वर्षीय नाबालिग युवती को इलाज के लिए दून अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचा था। प्राथमिक तौर पर मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने युवती की जांच की और स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार व जांच के लिए स्त्री रोग (गायनी) विभाग में रेफर कर दिया।
गायनी विभाग में तैनात नर्सिंग स्टाफ ने नियमानुसार आवश्यक पैथोलॉजी जांच के लिए युवती के हाथ से रक्त (ब्लड) का नमूना लिया। ब्लड सैंपल लेने की इस प्रक्रिया के दौरान ही तीमारदार भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाना शुरू कर दिया कि नर्सिंग स्टाफ ने युवती के शरीर से जरूरत से ज्यादा खून निकाल लिया है। इसी बात को लेकर मरीज के परिजन नर्सिंग कर्मियों के साथ उग्र होकर बहस करने लगे।
रोकने पर महिला गार्ड्स पर टूटी भीड़, किया लहूलुहान
इमरजेंसी वार्ड के भीतर बढ़ती कहासुनी और हंगामे को देखकर वहां ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुँचीं। उन्होंने तीमारदारों को शांत कराने का प्रयास किया और अस्पताल के नियमों का हवाला देते हुए उन्हें वार्ड के भीतर जबरन घुसने से रोकने की कोशिश की।
सुरक्षाकर्मियों का हस्तक्षेप करना तीमारदारों को इतना नागवार गुजरा कि वे पूरी तरह से आपा खो बैठे और महिला गार्ड्स के साथ ही मारपीट पर उतारू हो गए।
• बोतल से किया हमला: आरोप है कि उग्र तीमारदारों में से किसी ने पास ही रखी एक बोतल उठाकर महिला सुरक्षाकर्मी के सिर पर दे मारी, जिससे वह लहूलुहान हो गई।
• पेट में मारी लात: बीच-बचाव करने आई दूसरी महिला सुरक्षाकर्मी के पेट पर हमलावरों ने जोर से लात मार दी, जिससे वह दर्द से तड़प उठीं।
• अन्य स्टाफ से धक्का-मुक्की: वार्ड में शोर-शराबा और चीख-पुकार सुनकर जब अन्य पुरुष और महिला सुरक्षाकर्मी सहकर्मियों को बचाने दौड़े, तो हमलावर तीमारदारों ने उनके साथ भी जमकर बदसलूकी, धक्का-मुक्की और मारपीट की।
पुलिस चौकी की मुस्तैदी पर उठे सवाल, कोतवाली पहुंची पुलिस
अस्पताल परिसर में मचे इस भारी उपद्रव की सूचना किसी कर्मचारी ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही तत्काल चीता पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हंगामा कर रहे और मारपीट के आरोपी तीमारदारों को हिरासत में लिया और उन्हें तुरंत धारा पुलिस चौकी ले आई, जहां दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
इस वारदात के बाद दून अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ का गुस्सा भड़क गया है। कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में ही बनी पुलिस चौकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि परिसर में पुलिस चौकी होने के बावजूद वहां अधिकांश समय पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं। यदि मौके पर समय रहते पुलिस हस्तक्षेप करती, तो महिला कर्मियों के साथ इतनी बर्बरता नहीं होती।
चिकित्सा अधीक्षक सख्त: “स्टाफ पर हमला बर्दाश्त नहीं, एसएसपी से करेंगे मुलाकात”
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (MS) डॉ. आर.एस. बिष्ट ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने इस पूरी घटना को बेहद निंदनीय और गंभीर बताया है।
चिकित्सा अधीक्षक का बयान: “अस्पताल में रात-दिन मरीजों की सेवा में जुटे चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ या सुरक्षाकर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या मारपीट को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ड्यूटी पर तैनात महिला गार्ड्स पर हमला करना एक गंभीर अपराध है।
इसके अलावा अस्पताल परिसर की पुलिस चौकी में पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति का मुद्दा भी बेहद गंभीर है। इस सुरक्षा चूक को लेकर हम जल्द ही देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात करेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।”
ये भी पढ़े➜हरिद्वार में सनसनीखेज वारदात: युवती से मिलने पहुंचे युवक को भीड़ ने बर्बरता से पीटा, गले में पट्टा डालने का वीडियो वायरल, मुकदमा दर्ज
फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से पुलिस को तहरीर देने की प्रक्रिया चल रही है, वहीं घायल महिला सुरक्षाकर्मियों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा पुख्ता नहीं की गई, तो वे कार्यबहिष्कार जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।





