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​Delhi Pollution Control Rules 2026: दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, 1 नवंबर से निर्माण पर रोक, 50% WFH और डबल पार्किंग चार्ज

On: September 28, 2026 10:14 AM
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​Delhi Pollution Control Rules 2026 को लेकर दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले खतरनाक वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान की घोषणा कर दी है। राष्ट्रीय राजधानी में हर साल सर्दियों के दौरान धुंध और आबोहवा में घुलते जहर को नियंत्रित करने के लिए इस बार सरकार ने बेहद कड़े और नए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। 2026-27 के आगामी शीतकालीन सीजन को ध्यान में रखते हुए ये नियम 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेंगे।

​राज्य सरकार के नए आदेशों के तहत धूल उड़ाने वाले निर्माण एवं तोड़फोड़ (C&D) कार्यों पर चार महीनों का पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) लागू किया जाएगा तथा अनधिकृत पार्किंग और गाड़ियों की आवाजाही घटाने के उद्देश्य से पार्किंग फीस को दोगुना करने का निर्णय लिया गया है।

​क्या हैं नए Delhi Pollution Control Rules 2026 के मुख्य बिंदु?

​राजधानी में प्रदूषण के स्तर को खतरनाक श्रेणी में जाने से रोकने के लिए जारी किए गए इस मास्टर प्लान में प्रशासनिक, औद्योगिक और व्यक्तिगत स्तर पर कई बदलाव किए गए हैं। सरकार का मुख्य ध्यान धूल नियंत्रण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन पर है।

​1 नवंबर से लागू होने वाली इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए विशेष निगरानी टीमें तैनात की जाएंगी, जो नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करेंगी।

​निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध

​सर्दियों के महीनों में हवा की गति धीमी होने के कारण निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल हवा में लंबे समय तक जमा रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए Delhi Pollution Control Rules 2026 के अंतर्गत 1 नवंबर से 28 फरवरी तक किसी भी प्रकार की धूल पैदा करने वाली निजी या सिविल तोड़फोड़ (डिमोलिशन) और बाहरी निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक रहेगी।

  • ​10 दिसंबर से 20 जनवरी तक महा-प्रतिबंध: शीतकाल के दौरान प्रदूषण जब अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंचता है, तब इस 40-दिवसीय संवेदनशील अवधि में निर्माण सामग्री (जैसे रेत, बजरी, सीमेंट आदि) ले जाने वाले बाहरी वाणिज्यिक वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

​50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम और दफ्तरों के समय में बदलाव

​सड़कों पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने प्राइवेट और सरकारी दोनों क्षेत्रों के दफ्तरों के लिए 50% कर्मचारियों के वर्क-फ्रॉम-होम का फॉर्मूला तैयार किया है। आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं में लगे कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी।

​इसके अलावा, सुबह और शाम के पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम से बचने के लिए सरकारी कार्यालयों के समय में फेरबदल किया गया है:

  • ​दिल्ली नगर निगम (MCD) कार्यालय: सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित होंगे।
  • ​दिल्ली सरकार के कार्यालय: सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।

​वाहनों के लिए सख्त निर्देश: पार्किंग चार्ज और BS-6 नियम

​यातायात उत्सर्जन को रोकने के उद्देश्य से Delhi Pollution Control Rules 2026 में वाहनों की आवाजाही पर खास पाबंदियां लगाई गई हैं:

  • ​दोगुना पार्किंग शुल्क: निजी वाहनों का इस्तेमाल हतोत्साहित करने और लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर आकर्षित करने के लिए दिल्ली भर की अधिकृत पार्किंग दरों को दोगुना कर दिया जाएगा (हालांकि दिल्ली मेट्रो की पार्किंग दरों में कोई बदलाव नहीं होगा)।
  • ​BS-6 से नीचे की गाड़ियों पर रोक: 1 नवंबर से 28 फरवरी के बीच दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS6 वाहनों (पेट्रोल/डीजल) के प्रवेश पर रोक रहेगी। सीएनजी, इलेक्ट्रिक और इमरजेंसी वाहनों को छूट प्रदान की जाएगी।
  • ​बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: यह नियम केवल सर्दियों के लिए सीमित न होकर साल भर लागू रहेगा। एनपीआर और वाहन डेटाबेस से डिजिटल जांच के बाद ही पेट्रोल पंपों पर वैध पीयूसी (PUC) वाले वाहनों को ईंधन दिया जाएगा।

​दिल्ली सरकार का यह मास्टर प्लान वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को नियंत्रित करने में कितना कारगर साबित होता है, यह आने वाले महीनों में जमीनी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

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