अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

गढ़वाल राइफल्स के हवलदार रविन्द्र सिंह राणा का सर्वोच्च बलिदान, क्षेत्र में शोक की लहर

On: January 19, 2026 2:20 PM
Follow Us:

रुद्रप्रयाग जनपद के आगर दशज्यूला गांव निवासी और 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात हवलदार रविन्द्र सिंह राणा (36) ने देश सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। वर्तमान में वह अरुणाचल प्रदेश के अलोंग में तैनात थे, जहां 18 जनवरी को कर्तव्य पालन के दौरान उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके वीरगति की खबर मिलते ही परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हवलदार रविन्द्र सिंह राणा, पुत्र सतेंद्र सिंह राणा, वर्ष 2008 में भारतीय सेना की 15 गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। सेना में अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने पूरी निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ देश सेवा की। उनका जीवन अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक रहा।

वीर शहीद रविन्द्र सिंह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। जैसे ही उनके बलिदान की सूचना गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया और हर आंख नम हो गई। गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक सभाओं का दौर शुरू हो गया है।

ग्रामीणों और परिचितों के अनुसार, रविन्द्र सिंह सरल स्वभाव, मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। वह गांव के प्रत्येक वर्ग में अत्यंत लोकप्रिय थे और हमेशा समाज के प्रति सहयोग की भावना रखते थे। उनकी शहादत से पूरे क्षेत्र ने एक होनहार सपूत को खो दिया है।

गांव के सामाजिक कार्यकर्ता पंकज सिंह ने बताया कि रविन्द्र सिंह शुरू से ही देश सेवा के प्रति समर्पित थे और सेना में रहते हुए भी गांव व समाज से उनका गहरा जुड़ाव बना रहा। ग्राम प्रधान आगर चन्द्रकला देवी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षति पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय है।

जिला पंचायत सदस्य सारी जयवर्धन कांडपाल ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हवलदार रविन्द्र सिंह का बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उनके असमय निधन से न केवल गांव बल्कि पूरे जनपद में शोक का वातावरण है।

जानकारी के अनुसार, शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार रात्रि तक रुद्रप्रयाग स्थित आर्मी कैंप पहुंचेगा। मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए पैतृक गांव आगर दशज्यूला लाया जाएगा। इसके पश्चात अलकनंदा-मंदाकिनी संगम पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

वीर शहीद रविन्द्र सिंह राणा का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​Dehradun Kidnapping Attempt Case: देहरादून में महिला के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला, 11 लाख के विवाद में एक गिरफ्तार

​Roorkee Honor Killing Case: रुड़की के झबरेड़ा में सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड, भाई ने बहन और पड़ोसी को गोलियों से भूना

​Harish Rawat ED Inquiry: मां की तस्वीर गले में लटकाकर ईडी दफ्तर पहुंचे पूर्व सीएम, 2016 VPDO भर्ती घोटाला मामले में बढ़ा शिकंजा

​Uttarakhand Weather Update: सीमांत पिथौरागढ़ में मूसलधार बारिश के बाद सीजन की पहली बर्फबारी, कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित

Pitru Paksha 2026 Shradh and Pind Daan at Narayani Shila Haridwar

Pitru Paksha 2026: नारायणी शिला में श्राद्ध करने से पितरों को मिलता है मोक्ष, जानिए गयासुर से जुड़ी पौराणिक कथा

​Uttarakhand Pension News 2026: बैंक हड़ताल से पहले उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, 26 सितंबर तक मिलेगा वेतन और पेंशन

Leave a Comment