Uttarakhand Supplementary Budget 2026 की घोषणा के साथ ही प्रदेश की विकास यात्रा को एक नई दिशा मिली है। उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन व गैरसैंण (भराड़ीसैंण) सत्र के पहले दिन पुष्कर सिंह धामी सरकार ने ₹7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। इस बजट में मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, पेयजल और युवा कल्याण जैसी महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं को साधने का प्रयास किया गया है।
राज्य के मूल बजट का आकार ₹1,11,703.21 करोड़ था, जिसमें इस नए अनुपूरक आवंटन के जुड़ने के बाद कुल बजट का आकार बढ़कर ₹1,19,547.39 करोड़ हो गया है। इस बजटीय बढ़ोतरी में ₹3,679.86 करोड़ राजस्व व्यय (Revenue Expenditure) और ₹4,164.32 करोड़ पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के रूप में निर्धारित किए गए हैं। पूंजीगत मद में बड़ा हिस्सा रखना इस बात का संकेत है कि सरकार ढांचागत निर्माण और परिसंपत्तियों के सृजन पर विशेष बल दे रही है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
Uttarakhand Supplementary Budget 2026 में किसानों और कृषि क्षेत्र को बड़ा तोहफा
उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र के लिए Uttarakhand Supplementary Budget 2026 के तहत ऐतिहासिक बजटीय प्रावधान किए गए हैं। अन्नपूर्ति योजना के अंतर्गत धान और गेहूं की सरकारी खरीद को सुचारू बनाने हेतु ₹1,100 करोड़ की विशाल राशि आवंटित की गई है। इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों का उठाव तेजी से हो सकेगा और किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
इसके अतिरिक्त, पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा-आधारित खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने वाली उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना (JICA) के लिए ₹70 करोड़ का आवंटन किया गया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को गति देने के लिए प्रधानमंत्री फार्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (PMFME) योजना को लगभग ₹35 करोड़ दिए गए हैं। किसानों को ब्याज मुक्त एवं रियायती ऋण उपलब्ध कराने वाली दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए ₹20 करोड़, गोसदन निर्माण के लिए ₹9 करोड़ और राज्य की नई मौन पालन (मधुमक्खी पालन) नीति के लिए ₹1 करोड़ का विशेष प्रावधान बजट में शामिल है।
पेयजल, इंफ्रास्ट्रक्चर और दिव्य कुंभ के लिए विशेष आवंटन
प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए Uttarakhand Supplementary Budget 2026 में व्यापक रणनीति दिखाई देती है। हरिद्वार में आयोजित होने वाले आगामी दिव्य कुंभ मेले की व्यवस्थाओं और तैयारियों के लिए अलग-अलग मदों में कुल ₹290 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही, हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए ₹30 करोड़ का पूंजीगत बजट रखा गया है।
जल संकट के निवारण और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना को ₹122 करोड़ दिए गए हैं। जल शक्ति एवं पेयजल विभाग के अंतर्गत KfW पोषित परियोजना को ₹110 करोड़ तथा जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए ₹300 करोड़ की धनराशि तय की गई है। इसके अलावा नगरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के कायाकल्प के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) द्वारा पोषित परियोजनाओं को लगभग ₹100 करोड़ का फंड जारी किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाएं, मेडिकल कॉलेज और ऊर्जा सुधारों पर फोकस
स्वास्थ्य सुरक्षा और ऊर्जा सुदृढ़ीकरण भी Uttarakhand Supplementary Budget 2026 का एक मुख्य स्तंभ है। आम नागरिकों को ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज देने वाली अटल आयुष्मान योजना के लिए ₹100 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है, जबकि सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए गोल्डन कार्ड योजना के तहत ₹125 करोड़ आवंटित किए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से पिथौरागढ़ व रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों और राज्य के विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण कार्यों के लिए ₹160 करोड़ की पूंजीगत राशि सुरक्षित रखी गई है।
ऊर्जा के मोर्चे पर खुरपिया फार्म एकीकृत औद्योगिक विकास परियोजना और राज्य की विद्युत वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए लगभग ₹270 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, पुलिस विभाग के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के लिए ₹55 करोड़, न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹22 करोड़ तथा नए स्टेट डेटा सेंटर के निर्माण के लिए ₹40 करोड़ का प्रावधान हुआ है। आपदा प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर जोशीमठ में भू-धंसाव उपचार एवं पुनर्वास कार्यों के लिए ₹48 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है।
शिक्षा, खेलकूद, युवा कल्याण और पेंशन योजनाओं को नई ताकत
युवाओं के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए Uttarakhand Supplementary Budget 2026 में विद्यालयी व उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए ₹200 करोड़ की घोषणा की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET, JEE और CLAT की तैयारी कर रहे प्रतिभावान छात्रों को निशुल्क मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन किया गया है।
खेल जगत के विकास हेतु आगामी राष्ट्रीय खेलों से पूर्व खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविरों हेतु ₹8 करोड़, राज्य खेल विश्वविद्यालय के लिए ₹35 करोड़, अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेताओं के नकद पुरस्कारों के लिए ₹15 करोड़ और चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान है। खिलाड़ियों एवं स्कूली छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए क्रमशः ₹5.50 करोड़ और ₹4 करोड़ रखे गए हैं।
सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए ₹93 करोड़, विधवा पेंशन के लिए ₹27 करोड़, भोजन माताओं के मानदेय हेतु ₹20 करोड़ और पोषण 2.0 अभियान के तहत ₹60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए स्थानीय निकायों का कर राजस्व हिस्सा 10.5% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया है, जिसके लिए ₹721 करोड़ का प्रावधान इस अनुपूरक बजट में सुनिश्चित किया गया है।
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