हरिद्वार/ऋषिकेश। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए मैदानी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद तेजस्वी सूर्या के नेतृत्व में हरिद्वार से ऋषिकेश तक एक भव्य पैदल कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा को भाजपा के विशेष ‘युवा संपर्क एवं सांस्कृतिक अभियान’ के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
हरकी पैड़ी पर लगाई आस्था की डुबकी, वीरभद्र महादेव के लिए रवाना
शुक्रवार सुबह भाजपाइयों और युवाओं के उत्साह के बीच तेजस्वी सूर्या धर्मनगरी हरिद्वार पहुँचे। यहाँ उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर माँ गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात उन्होंने भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए कलश में पवित्र गंगाजल भरा।
गंगाजल लेकर तेजस्वी सूर्या युवाओं के जत्थे के साथ ऋषिकेश स्थित ऐतिहासिक वीरभद्र महादेव मंदिर के लिए पैदल रवाना हुए। सात अगस्त को सुबह शुरू हुई यह यात्रा शाम तक ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम स्थित शिव गंगा घाट पहुँचेगी। इस यात्रा में उत्तराखंड के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से आए भाजयुमो कार्यकर्ताओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
”कांवड़ यात्रा विश्व की सबसे बड़ी युवा नेतृत्व वाली यात्रा”: तेजस्वी सूर्या
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ करते हुए भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कहा कि सावन का पवित्र महीना करोड़ों सनातनियों के लिए असीम श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।
”बीते तीन-चार सालों से जब भी मैं श्रद्धालुओं को कांवड़ ले जाते देखता था, तो मेरे मन में भी इस पावन यात्रा का हिस्सा बनने की प्रबल इच्छा होती थी। आज भगवान भोलेनाथ की कृपा से मुझे स्वयं कांवड़ उठाकर पदयात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि विश्व की सबसे बड़ी ‘युवा नेतृत्व वाली’ यात्राओं में से एक है, जिसका प्रबंधन अपने आप में अनोखा और अनुशासित होता है।”
— तेजस्वी सूर्या, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजयुमो
उन्होंने आगे कहा कि इस यात्रा में देश के कोने-कोने से युवा किसी औपचारिकता के बिना purely भक्ति भाव से हरिद्वार आते हैं, गंगा में डुबकी लगाकर पवित्र जल ले जाते हैं और अपने-अपने गाँवों के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। यह भारतीय संस्कृति का एक अनुपम उदाहरण है।
धार्मिक आस्था के साथ ‘राष्ट्र निर्माण’ और ‘अनुशासन’ का संदेश
भाजयुमो पदाधिकारियों के अनुसार, इस पैदल यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से आज के युवाओं में:
• सेवा भाव और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना।
• अनुशासन और सामूहिक दायित्व का पाठ पढ़ाना।
• राष्ट्र निर्माण के प्रति युवाओं को जागरूक करना और जिम्मेदारी का अहसास कराना है।
2027 चुनाव के लिहाज से राजनीतिक रणनीति अहम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा का यह कदम बेहद रणनीतिक है। बदलते दौर में जहाँ युवाओं का रुझान डिजिटल और आधुनिक जीवनशैली की ओर तेजी से बढ़ा है, वहीं भाजपा की कोशिश युवाओं को उनकी सांस्कृतिक जड़ों, सनातन परंपराओं और राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़े रखने की है।
हरिद्वार से ऋषिकेश तक की यह कांवड़ यात्रा युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करने और उन्हें पार्टी की विचारधारा के करीब लाने की दिशा में एक बड़ा राजनीतिक-सांस्कृतिक प्रयोग मानी जा रही है।







