कृष्णागिरी, तमिलनाडु: तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले से सत्ता के नशे और बेलगाम व्यवहार की एक रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के एक स्थानीय नेता के 20 वर्षीय बेटे ने मामूली कहासुनी के बाद अपनी कार से चार लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी आदित्य और उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत एक बहुत ही मामूली विवाद से हुई थी। मृतक की पहचान शिवमूर्ति के रूप में हुई है, जो सहायक श्रम निरीक्षक (Assistant Labour Inspector) के पद पर कार्यरत थे। उनके बेटे किरुबाकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विवाद घर के बाहर बाइक खड़ी करने और रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ था।
किरुबाकरण ने बताया, “हमारी टू-व्हीलर घर के बाहर पार्क थी। आदित्य और उसके दोस्त कार में आए और लगातार हॉर्न बजाने लगे। जब हम गाड़ी हटाने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्होंने जानबूझकर हमारी बाइक को टक्कर मार दी जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गई।”
नशे में धुत थे आरोपी, विरोध करने पर किया हमला
परिजनों का आरोप है कि कार में सवार आदित्य और उसके दोस्त रितिक कुमार और हरीश नशे की हालत में थे। जब शिवमूर्ति और उनके पड़ोसियों ने उनके इस हिंसक बर्ताव पर आपत्ति जताई, तो आरोपी और भड़क गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक कार से डंडा निकालकर लाए और वहां मौजूद लोगों को पीटना शुरू कर दिया।
पीड़ित परिवार ने बताया कि जब शिवमूर्ति बीच-बचाव करने और शांति से बात करने की कोशिश कर रहे थे, तभी मुख्य आरोपी आदित्य ने अचानक कार की रफ्तार बढ़ाई और सीधे उन पर चढ़ा दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि शिवमूर्ति की जान चली गई और आसपास खड़े तीन अन्य लोग भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता और आरोपी का राजनीतिक रसूख देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने मुख्य आरोपी आदित्य, उसके दोस्त रितिक कुमार और हरीश को गिरफ्तार कर लिया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया, “हमने मुख्य आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ हत्या (Section 302 IPC/संबंधित नई धाराएं) का मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी के पिता कृष्णागिरी में DMK के सक्रिय नेता हैं। कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
इस घटना ने तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सत्ताधारी दल DMK पर तीखा हमला बोला है। तमिलनाडु भाजपा के वरिष्ठ नेता नैनार नागेंद्रन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सरकार पर सवाल उठाए हैं।
नागेंद्रन ने कहा, “राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है। DMK के कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों में कानून का डर खत्म हो गया है। वे खुद को इतना ताकतवर समझने लगे हैं कि किसी की जान लेने से भी नहीं कतराते। मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि क्या उनके नेताओं के बच्चों को आम नागरिकों को कुचलने का लाइसेंस मिला हुआ है?”
निष्कर्ष: रसूख और कानून की जंग
यह घटना एक बार फिर उस कड़वे सच को उजागर करती है जहाँ राजनीतिक रसूख के नशे में चूर युवा कानून को अपने हाथ में लेने से नहीं डरते। एक तरफ एक परिवार ने अपना मुखिया खो दिया है, वहीं दूसरी तरफ समाज में इस बात को लेकर गुस्सा है कि क्या पीड़ितों को उचित न्याय मिल पाएगा। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- मृतक: शिवमूर्ति (असिस्टेंट लेबर इंस्पेक्टर)
- मुख्य आरोपी: आदित्य (20 वर्ष), DMK नेता का बेटा।
- धाराएं: हत्या और जानलेवा हमले का केस दर्ज।
- स्थान: कृष्णागिरी, तमिलनाडु।








