नई दिल्ली/पुणे: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या, जिन्होंने हाल ही में संपन्न हुए टी20 विश्व कप 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत में मुख्य भूमिका निभाई, अब एक गंभीर कानूनी विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहां पूरा देश विश्व चैंपियन बनने का जश्न मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुणे के एक वकील ने हार्दिक पांड्या पर जीत के जश्न के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) का अपमान करने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में जीत के बाद मैदान पर जश्न का माहौल था। इसी दौरान हार्दिक पांड्या के कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। पुणे के शिवाजी नगर स्थित एडवोकेट वाजिद खान ने आरोप लगाया है कि पांड्या ने जश्न मनाते समय तिरंगे को जिस तरह से धारण किया और जो व्यवहार किया, वह राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के खिलाफ है।
एडवोकेट वाजिद खान ने पुणे के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक आवेदन देकर हार्दिक पांड्या के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि पांड्या ने राष्ट्रीय ध्वज को अपनी पीठ पर लपेटकर मंच पर लेटे हुए और नाचते हुए जो कृत्य किया, वह ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम’ का उल्लंघन है।
वकील के गंभीर आरोप: ‘मर्यादा का हुआ उल्लंघन’
एडवोकेट वाजिद खान ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि घटना उस समय की है जब हार्दिक पांड्या अपनी कथित गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा के साथ जीत का जश्न मना रहे थे। शिकायत के अनुसार:
- तिरंगे का गलत इस्तेमाल: पांड्या ने तिरंगे को अपने शरीर के चारों ओर लपेट रखा था और उसी स्थिति में वह मंच पर लेटे हुए दिखाई दिए।
- अनुचित व्यवहार: वकील का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ इस तरह नाचना और जमीन या मंच पर लेटना उसकी गरिमा को कम करता है।
- कानूनी आधार: शिकायत में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) की धारा 2 का हवाला दिया गया है। इस कानून के तहत तिरंगे को कमर के नीचे पहनना, उसे जमीन से छूने देना या उसका अपमानजनक उपयोग करना दंडनीय अपराध है।
शिकायत दर्ज कराते समय शुरुआत में पुलिस ने क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) का मुद्दा उठाया था, क्योंकि यह घटना स्थल अहमदाबाद या विदेश (मैदान) बताया जा रहा था। हालांकि, वकील ने दलील दी कि राष्ट्रीय ध्वज पूरे देश की अस्मिता का प्रतीक है, इस
लिए इसकी शिकायत देश के किसी भी कोने में की जा सकती है। इसके बाद पुलिस ने शिकायत को स्वीकार कर लिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और माहिका शर्मा के साथ जश्न
विवाद की जड़ में वह वीडियो है जिसमें हार्दिक पांड्या और माहिका शर्मा को एक साथ जीत का जश्न मनाते देखा गया। सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज में दोनों ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाते और इमोशनल होते नजर आए। एक विशेष क्लिप में दोनों को मंच पर लेटे हुए देखा गया, जिसमें पांड्या के शरीर पर तिरंगा लिपटा हुआ था। इसी दृश्य को लेकर कानूनी आपत्ति जताई गई है।
बता दें कि हार्दिक पांड्या की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रही है, और अब इस नए विवाद ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
विश्व कप 2026 में हार्दिक का स्वर्णिम प्रदर्शन
इस विवाद से इतर, अगर खेल की बात करें तो हार्दिक पांड्या के लिए यह टूर्नामेंट किसी सपने से कम नहीं रहा। उन्होंने पूरे विश्व कप में एक सच्चे मैच-विनर की भूमिका निभाई।
- बल्लेबाजी का जलवा: उन्होंने टूर्नामेंट में दो महत्वपूर्ण अर्धशतक जड़े। विशेष रूप से नामीबिया के खिलाफ उनकी 28 गेंदों में 52 रनों की आक्रामक पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुँचाया था।
- गेंदबाजी और कप्तानी का सहयोग: निर्णायक मौकों पर विकेट चटकाकर उन्होंने भारतीय गेंदबाजी को मजबूती दी।
- ICC सम्मान: उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के कारण उन्हें ICC टीम ऑफ द टूर्नामेंट 2026 में भी शामिल किया गया है।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल पुलिस ने शिकायत की कॉपी ले ली है और मामले की प्राथमिक जांच जारी है। यदि पुलिस को वीडियो साक्ष्यों में राष्ट्रीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) का स्पष्ट उल्लंघन मिलता है, तो हार्दिक पांड्या की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति किसी भी प्रकार की अनादरपूर्ण गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर आरोपी को जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा भी हो सकती है।
अब सबकी निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और इस मामले पर हार्दिक पांड्या या बीसीसीआई (BCCI) की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
निष्कर्ष: खेल के मैदान पर मिली ऐतिहासिक सफलता के बीच इस तरह के विवाद ने प्रशंसकों को भी दो गुटों में बांट दिया है। जहां कुछ लोग इसे ‘अनजाने में हुई चूक’ मान रहे हैं, वहीं कानून के रखवाले इसे ‘राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति लापरवाही’ करार दे रहे हैं।










