अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

शहादत की खबर से गमगीन हुआ पिथौरागढ़: सिक्किम में हिमस्खलन की चपेट में आने से लांस नायक विकास कुमार शहीद

On: April 1, 2026 12:41 PM
Follow Us:
Indian Army Lance Naik Vikas Kumar Pithoragarh Martyr.

पिथौरागढ़, उत्तराखंड | बुधवार, 1 अप्रैल 2026

देवभूमि उत्तराखंड ने देश की रक्षा की वेदी पर एक और लाल न्योछावर कर दिया है। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के गणकोट गांव के निवासी और भारतीय सेना की 19 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात लांस नायक विकास कुमार सिक्किम के दुर्गम सीमा क्षेत्र में कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हो गए हैं। हिमस्खलन (Avalanche) की चपेट में आने से हुए इस हादसे ने पूरे जनपद और प्रदेश में शोक की लहर दौड़ा दी है। 27 वर्षीय युवा सैनिक की शहादत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

गश्त के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लांस नायक विकास कुमार सिक्किम के उच्च तुंगता वाले सीमावर्ती क्षेत्र में अपने साथियों के साथ नियमित गश्त (Patrol) पर थे। हिमालय की दुर्गम चोटियों पर भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच, अचानक एक विशाल हिमस्खलन हुआ जिसकी चपेट में तीन जवान आ गए। सेना द्वारा तुरंत चलाए गए बचाव अभियान में दो जवानों को तो सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन विकास कुमार ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

विकास कुमार के शहीद होने की आधिकारिक सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव गणकोट पहुँची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। शहीद विकास अपने पीछे पत्नी प्रीति, महज आठ माह का मासूम बच्चा, पिता गणेश राम और माता मंजू देवी को छोड़ गए हैं।

2017 में भारतीय सेना का हिस्सा बने विकास ने बहुत कम समय में अपनी कर्तव्यनिष्ठा से साथियों का दिल जीत लिया था। घर पर आठ महीने का बच्चा अभी अपने पिता को पहचानना भी ठीक से नहीं सीख पाया था कि सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें ढांढस बंधाने के लिए आसपास के गांवों से लोगों का तांता लगा हुआ है।

एयर एम्बुलेंस से पार्थिव शरीर लाने की मांग

शहीद का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ दिल्ली लाया गया है, जहाँ से इसे सड़क मार्ग द्वारा पिथौरागढ़ पहुँचाया जाना है। हालांकि, जनपद के स्थानीय लोगों और पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र बोहरा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने मांग की है कि बलिदानी के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक ‘एयर एम्बुलेंस’ या हेलीकॉप्टर के माध्यम से पिथौरागढ़ लाया जाए ताकि अंतिम विदाई की प्रक्रिया ससमय पूरी हो सके। जिलाधिकारी ने इस संबंध में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

गांव में शोक और गर्व का मिला-जुला भाव

गणकोट गांव, जो जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आज गहरे शोक में है। ग्रामीण कहते हैं कि विकास बचपन से ही सेना में जाकर देश सेवा करने का जज्बा रखता था। एक तरफ जहां बेटे को खोने का गम है, वहीं दूसरी ओर पिथौरागढ़ की माटी के इस लाल ने जिस तरह सीमा की रक्षा करते हुए शहादत दी, उस पर पूरे गांव को गर्व है।

यह भी पढ़ें-गंगोत्री नेशनल पार्क के खुले द्वार: रोमांच और आस्था के नए सफर का आगाज़, जानें पर्वतारोहियों के लिए क्या है खास

सैन्य परंपरा के अनुसार होगा अंतिम संस्कार

शहीद लांस नायक विकास कुमार का पार्थिव शरीर आज पिथौरागढ़ पहुँचने की संभावना है। शहीद के आगमन पर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जाएगा और पूरी सैन्य परंपरा व राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम विदाई संपन्न होगी। स्थानीय प्रशासन और सैन्य अधिकारी अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

निष्कर्ष: देवभूमि की वीर परंपरा

उत्तराखंड जिसे ‘वीर प्रसूता’ कहा जाता है, यहाँ के हर घर से एक जवान सीमा पर तैनात मिलता है। लांस नायक विकास कुमार का बलिदान हमें याद दिलाता है कि हमारे जवान किन कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। पिथौरागढ़ के इस सपूत की शहादत को पूरा राष्ट्र नमन करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​Uttarakhand Weather Update: दून समेत 3 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट, 57 सड़कें बंद और चारधाम यात्रा स्थगित

​Dehradun Kidnapping Attempt Case: देहरादून में महिला के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला, 11 लाख के विवाद में एक गिरफ्तार

​Roorkee Honor Killing Case: रुड़की के झबरेड़ा में सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड, भाई ने बहन और पड़ोसी को गोलियों से भूना

​Harish Rawat ED Inquiry: मां की तस्वीर गले में लटकाकर ईडी दफ्तर पहुंचे पूर्व सीएम, 2016 VPDO भर्ती घोटाला मामले में बढ़ा शिकंजा

​Uttarakhand Weather Update: सीमांत पिथौरागढ़ में मूसलधार बारिश के बाद सीजन की पहली बर्फबारी, कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित

Pitru Paksha 2026 Shradh and Pind Daan at Narayani Shila Haridwar

Pitru Paksha 2026: नारायणी शिला में श्राद्ध करने से पितरों को मिलता है मोक्ष, जानिए गयासुर से जुड़ी पौराणिक कथा

Leave a Comment