अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

गंगोत्री नेशनल पार्क के खुले द्वार: रोमांच और आस्था के नए सफर का आगाज़, जानें पर्वतारोहियों के लिए क्या है खास

On: April 1, 2026 11:43 AM
Follow Us:
: Gangotri National Park gate opening ceremony Uttarakhand.

उत्तरकाशी,

उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में शीतकाल की लंबी खामोशी के बाद अब रौनक लौटने वाली है। विश्व प्रसिद्ध और देश के तीसरे सबसे बड़े गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट बुधवार को आधिकारिक तौर पर देश-विदेश के पर्यटकों और पर्वतारोहियों के लिए खोल दिए गए हैं। छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद, पार्क प्रशासन ने ग्रीष्मकाल के लिए इस संरक्षित क्षेत्र के ताले खोलकर प्रकृति प्रेमियों को एक बड़ा तोहफा दिया है।

विधिवत तरीके से हुई द्वारों की शुरुआत

पार्क के उप निदेशक हरीश नेगी की गरिमामयी उपस्थिति में बुधवार सुबह कनखू बैरियर पर पार्क के जवानों ने गेटों को खोला। इसके साथ ही केदारताल, भैरोंघाटी और ऐतिहासिक गरतांग गली ट्रैक के रास्तों पर लगी पाबंदियां हटा दी गई हैं। उद्घाटन के अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप बिष्ट और वन दरोगा राजबीर रावत सहित विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

उप निदेशक हरीश नेगी ने जानकारी दी कि नियमानुसार प्रतिवर्ष 30 नवंबर को भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण पार्क के गेट बंद कर दिए जाते हैं, जिन्हें हर साल 1 अप्रैल को पर्यटकों के लिए दोबारा खोला जाता है। उन्होंने इस वर्ष पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है।

साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र

गंगोत्री नेशनल पार्क केवल एक संरक्षित वन क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के पर्वतारोहियों के लिए एक ‘स्वर्ग’ के समान है। इस पार्क की कुछ मुख्य विशेषताएं इसे खास बनाती हैं:

  • गौमुख तपोवन ट्रैक: भागीरथी नदी (गंगा) के उद्गम स्थल गौमुख तक जाने वाला यह ट्रैक सबसे लोकप्रिय है।
  • ऊंची चोटियां: पार्क के भीतर हिमालय की 40 से अधिक गगनचुंबी चोटियां स्थित हैं, जो अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियानों का मुख्य केंद्र रहती हैं।
  • कालिंदीखाल-बदरीनाथ ट्रैक: दुनिया के सबसे कठिन और ऊंचे ट्रैक रूट्स में शुमार ‘कालिंदीखाल पास’ इसी पार्क से होकर गुजरता है, जो गंगोत्री धाम को सीधे बदरीनाथ धाम से जोड़ता है।
  • ऐतिहासिक गरतांग गली: हाल के वर्षों में पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी लकड़ी की सीढ़ियों वाली ‘गरतांग गली’ भी अब पर्यटकों के लिए सुलभ हो गई है।

वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास: हिम तेंदुओं का घर

गंगोत्री नेशनल पार्क को हिम तेंदुओं (Snow Leopards) के सबसे सुरक्षित और प्राकृतिक वासस्थलों में से एक माना जाता है। यहाँ की जैव विविधता अद्भुत है। हिम तेंदुओं के अलावा, पर्यटक यहाँ भूरा भालू, भरल (Blue Sheep), लाल लोमड़ी और दुर्लभ हिमालयी पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को देख सकते हैं। संरक्षण के लिहाज से यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील है, इसलिए यहाँ जाने के लिए प्रशासन से उचित अनुमति लेना अनिवार्य होता है।

भारत-चीन सीमा और सामरिक महत्व

यह पार्क न केवल पर्यटन बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। नेलांग घाटी का एक बड़ा हिस्सा इसी पार्क के अंतर्गत आता है, जो भारत-चीन सीमा से सटा हुआ है। नेलांग घाटी की दुर्गम सुंदरता और सीमावर्ती क्षेत्रों का अनुभव लेने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुँचते हैं।

यह भी पढ़ें-देहरादून में सनसनीखेज वारदात: पत्नी और 3 माह की मासूम बच्ची को कमरे में किया बंद, फिर युवक ने लगा ली फांसी

पर्वतारोहियों और पर्यटकों के लिए दिशा-निर्देश

पार्क खुलने के साथ ही प्रशासन ने कुछ जरूरी सावधानियों पर भी जोर दिया है:

  • पंजीकरण अनिवार्य: सभी ट्रैकर्स और पर्यटकों को उत्तरकाशी स्थित पार्क कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से परमिट लेना होगा।
  • पर्यावरण संरक्षण: पार्क के भीतर प्लास्टिक ले जाना सख्त मना है। कचरा फैलाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।
  • स्वास्थ्य सावधानी: ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पूरी तरह फिट होने पर ही कठिन ट्रैकिंग रूट्स पर जाएं।

निष्कर्ष

गंगोत्री नेशनल पार्क का खुलना उत्तराखंड के स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों के लिए भी उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। गाइड, कुली, होटल व्यवसायी और घोड़ा-खच्चर संचालक इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। यदि आप भी हिमालय की गोद में शांति, रोमांच और आध्यात्मिकता की तलाश में हैं, तो इस सीजन में गंगोत्री नेशनल पार्क की यात्रा आपके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित हो सकती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Cracks visible on the concrete pillar and deep potholes filled with water on the newly built Delhi-Dehradun expressway after rains

उत्तराखंड आफत की बारिश: धारचूला में पुल बहा, चीन सीमा से संपर्क पूरी तरह कटा; जनजीवन अस्त-व्यस्त

Pushkar Singh Dhami completes 5 years as Uttarakhand Chief Minister, highlighting major decisions including UCC, anti-copying law, land law and women's reservation.

Pushkar Singh Dhami 5 Years: मुख्यमंत्री के रूप में पूरे हुए पांच साल, 9 जुलाई को बनाएंगे नया रिकॉर्ड!

Cracks visible on the concrete pillar and deep potholes filled with water on the newly built Delhi-Dehradun expressway after rains

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खुली पोल: पहली बारिश में ही उभरे गहरे गड्ढे, पिलर में दरारें आने से बढ़ी दहशत

Uttarakhand police investigating a crime scene outside a liquor shop at night in Raipur Dehradun after a firing incident

देहरादून में खूनी संघर्ष: शराब ठेके के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग, दो युवक लहूलुहान; इलाके में हड़कंप

dehradun-dalanwala-attack-news

​देहरादून के डालनवाला में खूनी संघर्ष: युवक पर तलवार और खुखरी से जानलेवा हमला, ईसी रोड पर मची सनसनी

A car trapped in a large road cave-in on the Delhi-Dehradun Expressway with NHAI officials and repair machinery at the scene.

​दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे निर्माण में बड़ी लापरवाही: सड़क धंसने पर NHAI का कड़ा रुख, प्रोजेक्ट मैनेजर समेत दो अधिकारी निलंबित, निर्माण कंपनी को नोटिस

Leave a Comment